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के. कविता ने तेलंगाना चुनाव आयोग से मांगी ग्रेजुएट वोटर रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ाने की अनुमति

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के. कविता ने तेलंगाना चुनाव आयोग से मांगी ग्रेजुएट वोटर रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ाने की अनुमति

सारांश

के. कविता ने राज्य चुनाव आयोग से एमएलसी ग्रेजुएट वोटर रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने का दावा किया। साथ ही उन्होंने 320 बाढ़ प्रभावित मंडलों के किसानों के लिए ₹25,000 प्रति एकड़ की केंद्रीय सहायता की माँग उठाई।

मुख्य बातें

कविता ने 2 नवंबर 2026 को हैदराबाद में राज्य चुनाव आयोग से मुलाकात की।
एमएलसी ग्रेजुएट वोटर रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि नामांकन की अंतिम तिथि तक बढ़ाने की माँग; आयोग की सकारात्मक प्रतिक्रिया ।
टीआरएस ने एमएलसी चुनाव के लिए पहले ही दो उम्मीदवार घोषित किए; तेलंगाना के 75% भौगोलिक क्षेत्र में होगा चुनाव।
पार्टी रजिस्ट्रेशन राष्ट्रीय चुनाव आयोग के पास लंबित; राज्य आयोग से सिफारिश का अनुरोध।
केंद्र से तेलंगाना किसानों को ₹25,000 प्रति एकड़ राहत की माँग; राज्य के 320 मंडल बाढ़ प्रभावित घोषित।
कविता ने PM मोदी को पत्र लिखने की घोषणा की।

तेलंगाना रक्षण सेना (टीआरएस) की प्रमुख और पूर्व एमएलसी के. कविता ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को हैदराबाद में राज्य चुनाव आयोग के समक्ष एमएलसी ग्रेजुएट वोटर रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाने की माँग रखी। इस मुलाकात में पार्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े लंबित मामलों और आगामी एमएलसी चुनाव की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्य घटनाक्रम

चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद के. कविता ने कहा, 'यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भौगोलिक दृष्टि से देखें तो तेलंगाना के लगभग 75 प्रतिशत क्षेत्र में इस चुनाव की प्रक्रिया होने वाली है। इसी को देखते हुए हम राज्य चुनाव आयोग से एक अनुरोध करने आए थे।' उन्होंने आयोग को दोनों माँगों को लेकर एक आधिकारिक पत्र भी सौंपा।

टीआरएस पहले ही एमएलसी चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। कविता के अनुसार राज्य चुनाव आयुक्त ने इस अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

वोटर रजिस्ट्रेशन तिथि विस्तार की माँग

कविता ने तर्क दिया कि आम चुनावों की तरह एमएलसी चुनाव में भी वोटर रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि नामांकन की अंतिम तिथि तक रखी जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे लाखों ग्रेजुएट वोटर अपना पंजीकरण करा सकेंगे और मतदान प्रक्रिया अधिक समावेशी बनेगी।

उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि अगर नामांकन के अंतिम दिन तक रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलती है तो लाखों की संख्या में और ग्रेजुएट वोटर अपना नामांकन करा पाएंगे।' गौरतलब है कि यह माँग मतदाता भागीदारी बढ़ाने के व्यापक प्रयासों से जुड़ी है।

पार्टी रजिस्ट्रेशन का लंबित मामला

कविता ने बताया कि तेलंगाना रक्षण सेना के पंजीकरण की प्रक्रिया नई दिल्ली में राष्ट्रीय चुनाव आयोग (ECI) के पास अभी भी लंबित है। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि वह राष्ट्रीय चुनाव आयोग को पार्टी के पक्ष में सिफारिश करे।

उनका कहना था, 'हम रोजाना चुनाव आयोग के सभी नियमों के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं। हमने स्टेट इलेक्शन कमीशन से अनुरोध किया है कि वे राष्ट्रीय चुनाव आयोग को हमारे लिए सिफारिश करें।' आयोग की ओर से इस मुद्दे पर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं।

किसान राहत और अमित शाह के दौरे पर प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तेलंगाना दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कविता ने कहा कि वे हर राष्ट्रीय नेता का स्वागत करती हैं, लेकिन साथ में सवाल भी उठाएंगी। उन्होंने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार से तेलंगाना के संकटग्रस्त किसानों को प्रति एकड़ ₹25,000 की आर्थिक सहायता देने की माँग की।

कविता ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री ने किसानों से अगले सीजन में खेती न करने को कहा है, जो अव्यावहारिक है। उन्होंने यह भी बताया कि वे इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखेंगी।

बाढ़ राहत और केंद्र से अपील

कविता ने बताया कि तेलंगाना सरकार ने राज्य के 320 मंडलों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया है। उनका मानना है कि ऐसे हालात में केंद्र सरकार को बिना किसी औपचारिक अनुरोध का इंतजार किए स्वयं आगे आकर राहत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्राओं और पदयात्राओं से किसानों की जिंदगी में बदलाव नहीं आएगा — ठोस आर्थिक सहायता ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका असर सीधे उस वर्ग पर पड़ता है जो परंपरागत रूप से शहरी, शिक्षित और राजनीतिक रूप से जागरूक है — ऐसे में यह माँग चुनावी रणनीति से अलग नहीं है। किसानों के लिए ₹25,000 प्रति एकड़ की माँग तब आई है जब 320 मंडल बाढ़ प्रभावित घोषित हैं और राज्य सरकार स्वयं अगले सीजन में खेती न करने की सलाह दे रही है — यह विरोधाभास नीतिगत विफलता की ओर इशारा करता है जिसे केंद्र और राज्य दोनों ने अभी तक संज्ञान में नहीं लिया है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

के. कविता ने राज्य चुनाव आयोग से क्या माँग की?
के. कविता ने एमएलसी ग्रेजुएट वोटर रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि नामांकन की अंतिम तिथि तक बढ़ाने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि इससे लाखों ग्रेजुएट वोटर पंजीकरण करा सकेंगे और मतदान प्रक्रिया अधिक समावेशी बनेगी।
टीआरएस के पार्टी रजिस्ट्रेशन का मामला कहाँ लंबित है?
तेलंगाना रक्षण सेना (टीआरएस) का पंजीकरण राष्ट्रीय चुनाव आयोग के पास नई दिल्ली में लंबित है। कविता ने राज्य चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वह राष्ट्रीय चुनाव आयोग को पार्टी के पक्ष में सिफारिश करे।
तेलंगाना के किसानों के लिए के. कविता ने क्या माँग रखी?
कविता ने केंद्र सरकार से तेलंगाना के किसानों को प्रति एकड़ ₹25,000 की आर्थिक सहायता देने की माँग की। उन्होंने बताया कि राज्य के 320 मंडलों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है और केंद्र को बिना किसी औपचारिक अनुरोध का इंतजार किए तुरंत मदद करनी चाहिए।
आगामी एमएलसी चुनाव में तेलंगाना के कितने क्षेत्र प्रभावित होंगे?
के. कविता के अनुसार, भौगोलिक दृष्टि से तेलंगाना के लगभग 75 प्रतिशत क्षेत्र में एमएलसी चुनाव की प्रक्रिया होने वाली है। टीआरएस पहले ही इस चुनाव के लिए दो उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है।
के. कविता ने अमित शाह के तेलंगाना दौरे पर क्या कहा?
कविता ने गृह मंत्री अमित शाह के दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि वे हर राष्ट्रीय नेता का स्वागत करती हैं लेकिन सवाल भी उठाएंगी। उन्होंने कहा कि यात्राओं और पदयात्राओं से किसानों की स्थिति नहीं बदलेगी — ठोस आर्थिक राहत ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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