पटनीटॉप भूमि अतिक्रमण: ईडी ने ₹10.66 करोड़ की होटल संपत्तियाँ जब्त कीं, कुल कुर्की ₹41.38 करोड़ पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले स्थित पटनीटॉप होटल भूमि अतिक्रमण मामले में ₹10.66 करोड़ की अचल संपत्तियाँ अस्थायी रूप से जब्त की हैं। 2 नवंबर 2026 को ईडी के जम्मू उप-क्षेत्रीय कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।
जब्त संपत्तियाँ
ईडी के अनुसार, इस ताज़ा कुर्की में जिन संपत्तियों को जब्त किया गया है, उनमें होटल हॉलिडे इन, होटल ब्रॉडवे, होटल हॉलीवुड और होटल माउंटव्यू की भूमि एवं इमारतें शामिल हैं। इन इमारतों, अनधिकृत निर्माण, संलग्न भूमि और अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग से अर्जित आय के बराबर मूल्य की संपत्ति को 'अपराध की आय' के रूप में चिन्हित कर जब्त किया गया है।
मुख्य आरोप और जाँच का आधार
ईडी ने यह जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और जम्मू पुलिस द्वारा पटनीटॉप क्षेत्र के होटलों, गेस्ट हाउस, रिसॉर्ट व कॉटेज के मालिकों-निदेशकों तथा पटनीटॉप विकास प्राधिकरण (PDA) के अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की।
आरोप है कि इन प्रतिष्ठानों ने आवासीय इमारतों का व्यावसायिक उपयोग किया, स्वीकृत सीमा से अधिक निर्माण किया और घने जंगल, कृषि भूमि तथा आवासीय क्षेत्रों जैसे प्रतिबंधित इलाकों में कारोबार चलाया। कथित तौर पर, पीडीए के अधिकारियों ने इन उल्लंघनों को जानबूझकर नजरअंदाज किया।
होटल-वार उल्लंघन
ईडी की जाँच में सामने आया कि होटल हॉलिडे इन के पास भवन निर्माण की अनुमति होने के बावजूद उसने स्वीकृत योजना से परे 7,552.74 वर्ग फुट का अनधिकृत निर्माण किया। वहीं, होटल ब्रॉडवे, होटल हॉलीवुड और होटल माउंटव्यू को होटल के रूप में संचालन के लिए आवश्यक अनुमति के बिना व्यावसायिक रूप से चलाया जा रहा था।
सीबीआई की आरोप-पत्र कार्रवाई
गौरतलब है कि सीबीआई ने 2023 में आठ होटल मालिकों — जो छह होटलों से संबंधित हैं — और कई पीडीए अधिकारियों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, रणबीर दंड संहिता, पर्यटन व्यापार पंजीकरण अधिनियम, 1978 और जम्मू-कश्मीर वन अधिनियम, 1987 के तहत छह आरोप-पत्र दायर किए थे। यह दर्शाता है कि यह मामला केवल आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं, बल्कि पर्यावरणीय और वन कानूनों के कथित उल्लंघन तक भी फैला है।
कुल कुर्की और आगे की स्थिति
यह ताज़ा जब्ती अकेली नहीं है। ईडी ने 2025 में इसी मामले में ₹30.72 करोड़ की संपत्तियों के विरुद्ध दो अस्थायी कुर्की आदेश पहले ही जारी किए थे। वर्तमान ₹10.66 करोड़ की जब्ती के साथ इस मामले में अब तक अस्थायी रूप से जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य ₹41.38 करोड़ हो गया है। यह मामला जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र में नियामक चूक और भ्रष्टाचार के व्यापक प्रश्न उठाता है, और जाँच एजेंसियों की सक्रियता संकेत देती है कि आने वाले समय में और कार्रवाइयाँ संभव हैं।