कुपवाड़ा पुलिस ने यूएपीए के तहत आतंकवाद से जुड़ी ₹1.05 करोड़ की संपत्ति जब्त की
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में पुलिस ने 17 सितंबर 2026 को आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैर-कानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 25 के तहत ₹1.05 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की है। यह संपत्ति उन व्यक्तियों से जुड़ी बताई जाती है जो कथित तौर पर जिले में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और उन्हें वित्तीय सहायता देने में संलिप्त थे।
मामले की पृष्ठभूमि और कानूनी आधार
यह कार्रवाई कुपवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में की गई है। संबंधित एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 120-बी, 121-ए, 122 और 123 के साथ-साथ यूएपीए की धाराओं 17, 18, 18-ए, 18-बी, 20, 38, 39 और 40 के तहत दर्ज की गई थी। ये धाराएँ आतंकवादी संगठन की सदस्यता, षड्यंत्र और आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण से संबंधित हैं।
जब्त संपत्तियों का विवरण
कुपवाड़ा पुलिस द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में 10 कनाल और 7 मरला भूमि शामिल है, जो खविट नंबर 187 मिन और 437 मिन; खाता नंबर 232 मिन, 459 मिन और 34 मिन; तथा कई सर्वे नंबरों के अंतर्गत आती है।
जब्त संपत्तियों में सर्वे नंबर 892 मिन के तहत एक तीन मंजिला रिहायशी मकान भी शामिल है, जो मजीद कुरैशी (निवासी: कचामा, तहसील और जिला कुपवाड़ा, वर्तमान पता: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) का बताया जाता है। इसके अलावा, 5 कनाल भूमि — जो खविट नंबर 187 मिन और 437 मिन; खाता नंबर 232 मिन और 659 मिन के अंतर्गत है — भी जब्त की गई है।
दूसरे आरोपी परवेज अहमद कुरैशी (निवासी: कचामा, तहसील: करालपोरा, जिला: कुपवाड़ा, वर्तमान पता: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) की संपत्तियाँ भी कानून के तहत जब्त की गई हैं। इनमें कई सर्वे नंबरों के तहत आने वाली भूमि के साथ-साथ सर्वे नंबर 889 मिन के तहत एक एक मंजिला रिहायशी घर भी शामिल है।
कार्रवाई का उद्देश्य और व्यापक संदर्भ
अधिकारियों के अनुसार, इन संपत्तियों की पहचान आतंकवाद से अर्जित आय के रूप में की गई है। माना जाता है कि ये जायदाद उन लोगों से जुड़ी है जो कुपवाड़ा जिले में आतंकी नेटवर्क को लॉजिस्टिकल और वित्तीय सहायता प्रदान करते थे।
गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की आतंकी फंडिंग के विरुद्ध कार्रवाइयाँ लगातार तेज हो रही हैं। यूएपीए की धारा 25 के तहत संपत्ति जब्त करना उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत आतंकवादी संगठनों के आर्थिक ढाँचे को ध्वस्त किया जाता है — केवल सक्रिय आतंकियों को नहीं, बल्कि उनके सहयोगी नेटवर्क को भी।
आगे क्या होगा
कुपवाड़ा पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई आतंकवाद को समर्थन देने वाले वित्तीय और लॉजिस्टिकल तंत्र को खत्म करने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है। जाँच एजेंसियाँ मामले में आगे की कार्यवाही जारी रखे हुए हैं और अन्य संपत्तियों की तलाश भी जारी बताई जाती है।