30 जुलाई 2026
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रामबन में यूएपीए के तहत पीओके के 4 आतंकवादियों की ₹90 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त

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रामबन में यूएपीए के तहत पीओके के 4 आतंकवादियों की ₹90 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त

सारांश

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रामबन में यूएपीए के तहत पीओके में बसे चार आतंकवादियों की ₹90 लाख से अधिक की जमीन जब्त की। यह कार्रवाई आतंकी नेटवर्क की आर्थिक नींव तोड़ने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 30 जुलाई 2026 को रामबन जिले में यूएपीए के तहत 4 आतंकवादियों की संपत्ति जब्त की।
जब्त संपत्तियों की कुल मात्रा 13 कनाल और 13 मरला , अनुमानित मूल्य लगभग ₹90.77 लाख ।
चारों आतंकवादी — अब्दुल रशीद, गुलाम रसूल, अब्दुल लतीफ नाइक और मुश्ताक अहमद — वर्तमान में पीओके में हैं।
एसएसपी अरुण गुप्ता ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध सख्त अभियान जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
यह कदम आतंकवादियों को गैरकानूनी संपत्ति का लाभ उठाने से रोकने और जम्मू-कश्मीर में कानून के शासन को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 30 जुलाई 2026 को रामबन जिले में गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बसे चार आतंकवादियों की अचल संपत्तियाँ जब्त की हैं। जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत लगभग ₹90.77 लाख बताई जा रही है। यह कार्रवाई आतंकवाद के वित्तीय और भौतिक नेटवर्क को तोड़ने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।

किन आतंकवादियों की संपत्ति जब्त हुई

पुलिस ने जिन चार आतंकवादियों की संपत्ति जब्त की, उनकी पहचान अब्दुल रशीद उर्फ बशीर (जिनहाल, बनिहाल), गुलाम रसूल उर्फ बादशाह (कुंदन खारी), अब्दुल लतीफ नाइक उर्फ सज्जाद (कूट खारी, बनिहाल) और मुश्ताक अहमद (चरील, बनिहाल) के रूप में की गई है। ये सभी वर्तमान में पीओके में रह रहे हैं।

जब्त संपत्तियों का ब्यौरा

अब्दुल रशीद उर्फ बशीर की खेवट नंबर 22 के तहत 11 मरला पैतृक जमीन जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹9.25 लाख है। गुलाम रसूल उर्फ बादशाह की खेवट नंबर 89 के तहत 10 कनाल कृषि भूमि जब्त हुई, जिसका मूल्य लगभग ₹60 लाख आँका गया है।

अब्दुल लतीफ नाइक उर्फ सज्जाद की खेवट नंबर 107/108 के तहत तीन कनाल पैतृक जमीन जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹20 लाख है। मुश्ताक अहमद की खेवट नंबर 72 के तहत दो मरला जमीन जब्त हुई, जिसका मूल्य लगभग ₹1.52 लाख है। कुल मिलाकर 13 कनाल और 13 मरला अचल संपत्ति जब्त की गई है।

एसएसपी की प्रतिक्रिया

रामबन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अरुण गुप्ता ने कहा, 'रामबन पुलिस ने यूएपीए के तहत चार आतंकवादियों की 13 कनाल और 13 मरला अचल संपत्ति जब्त की है। रामबन पुलिस आतंकवाद के नेटवर्क और उसके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।'

आम जनता और कानून व्यवस्था पर असर

पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कदम आतंकवादियों और उनके सहयोगियों को गैरकानूनी तरीके से अर्जित संपत्ति का लाभ उठाने से रोकने के लिए उठाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा बल केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के सपोर्ट सिस्टम को जड़ से खत्म करने के लिए आक्रामक अभियान चला रहे हैं। गौरतलब है कि यूएपीए के तहत संपत्ति जब्ती आतंकवादी नेटवर्क के वित्तपोषण को बाधित करने का एक कानूनी और प्रभावी माध्यम माना जाता है।

क्या होगा आगे

पुलिस के अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयाँ आगे भी जारी रहेंगी और उन सभी व्यक्तियों की संपत्तियों की जाँच की जाएगी जो पीओके या अन्य स्थानों से आतंकी गतिविधियों से जुड़े हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन कानूनी कदमों का उद्देश्य कानून के शासन को मजबूत करना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि पीओके में बैठे व्यक्तियों की जम्मू-कश्मीर में स्थित पैतृक संपत्ति जब्त करने से उनके परिजनों पर असर पड़ सकता है, जो स्वयं किसी गतिविधि में संलिप्त नहीं हैं — यह कानूनी और मानवाधिकार संबंधी सवाल उठाता है जिन पर स्पष्टता जरूरी है। साथ ही, ₹90 लाख की यह जब्ती आतंकी वित्तपोषण के व्यापक परिप्रेक्ष्य में प्रतीकात्मक महत्व तो रखती है, परंतु इसकी वास्तविक निरोधक क्षमता का आकलन तभी संभव होगा जब ऐसी कार्रवाइयों की संख्या और निरंतरता सार्वजनिक की जाए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामबन में यूएपीए के तहत किन आतंकवादियों की संपत्ति जब्त की गई?
रामबन पुलिस ने अब्दुल रशीद उर्फ बशीर, गुलाम रसूल उर्फ बादशाह, अब्दुल लतीफ नाइक उर्फ सज्जाद और मुश्ताक अहमद की संपत्तियाँ जब्त की हैं। ये चारों वर्तमान में पीओके में बसे हुए हैं और यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित हैं।
जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत कितनी है?
जब्त की गई कुल 13 कनाल और 13 मरला अचल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग ₹90.77 लाख है। इसमें पैतृक जमीन और कृषि भूमि दोनों शामिल हैं।
यूएपीए के तहत संपत्ति जब्ती क्यों की जाती है?
गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) सुरक्षा बलों को आतंकवादियों और उनके सहयोगियों की संपत्तियाँ जब्त करने का अधिकार देता है। इसका उद्देश्य आतंकी नेटवर्क के वित्तीय आधार को कमजोर करना और गैरकानूनी तरीके से अर्जित संपत्ति का दुरुपयोग रोकना है।
क्या जम्मू-कश्मीर में इस तरह की कार्रवाइयाँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल यूएपीए के तहत आतंकवादियों और उनके सहयोगियों की संपत्तियाँ जब्त करने का अभियान चलाते रहे हैं। यह कार्रवाई उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत आतंकी नेटवर्क के सपोर्ट सिस्टम को खत्म किया जा रहा है।
इस कार्रवाई से आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना है। जब्त की गई संपत्तियाँ उन व्यक्तियों की हैं जो पीओके में आतंकी गतिविधियों में संलिप्त हैं, और इस कदम से स्थानीय नागरिकों को आतंकवाद के खतरे से सुरक्षा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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