रामबन में यूएपीए के तहत पीओके के 4 आतंकवादियों की ₹90 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 30 जुलाई 2026 को रामबन जिले में गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बसे चार आतंकवादियों की अचल संपत्तियाँ जब्त की हैं। जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत लगभग ₹90.77 लाख बताई जा रही है। यह कार्रवाई आतंकवाद के वित्तीय और भौतिक नेटवर्क को तोड़ने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
किन आतंकवादियों की संपत्ति जब्त हुई
पुलिस ने जिन चार आतंकवादियों की संपत्ति जब्त की, उनकी पहचान अब्दुल रशीद उर्फ बशीर (जिनहाल, बनिहाल), गुलाम रसूल उर्फ बादशाह (कुंदन खारी), अब्दुल लतीफ नाइक उर्फ सज्जाद (कूट खारी, बनिहाल) और मुश्ताक अहमद (चरील, बनिहाल) के रूप में की गई है। ये सभी वर्तमान में पीओके में रह रहे हैं।
जब्त संपत्तियों का ब्यौरा
अब्दुल रशीद उर्फ बशीर की खेवट नंबर 22 के तहत 11 मरला पैतृक जमीन जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹9.25 लाख है। गुलाम रसूल उर्फ बादशाह की खेवट नंबर 89 के तहत 10 कनाल कृषि भूमि जब्त हुई, जिसका मूल्य लगभग ₹60 लाख आँका गया है।
अब्दुल लतीफ नाइक उर्फ सज्जाद की खेवट नंबर 107/108 के तहत तीन कनाल पैतृक जमीन जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹20 लाख है। मुश्ताक अहमद की खेवट नंबर 72 के तहत दो मरला जमीन जब्त हुई, जिसका मूल्य लगभग ₹1.52 लाख है। कुल मिलाकर 13 कनाल और 13 मरला अचल संपत्ति जब्त की गई है।
एसएसपी की प्रतिक्रिया
रामबन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अरुण गुप्ता ने कहा, 'रामबन पुलिस ने यूएपीए के तहत चार आतंकवादियों की 13 कनाल और 13 मरला अचल संपत्ति जब्त की है। रामबन पुलिस आतंकवाद के नेटवर्क और उसके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।'
आम जनता और कानून व्यवस्था पर असर
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कदम आतंकवादियों और उनके सहयोगियों को गैरकानूनी तरीके से अर्जित संपत्ति का लाभ उठाने से रोकने के लिए उठाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा बल केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के सपोर्ट सिस्टम को जड़ से खत्म करने के लिए आक्रामक अभियान चला रहे हैं। गौरतलब है कि यूएपीए के तहत संपत्ति जब्ती आतंकवादी नेटवर्क के वित्तपोषण को बाधित करने का एक कानूनी और प्रभावी माध्यम माना जाता है।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयाँ आगे भी जारी रहेंगी और उन सभी व्यक्तियों की संपत्तियों की जाँच की जाएगी जो पीओके या अन्य स्थानों से आतंकी गतिविधियों से जुड़े हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन कानूनी कदमों का उद्देश्य कानून के शासन को मजबूत करना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है।