25 जुलाई 2026
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मुंबई: ₹512 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने कुर्क की ₹332 करोड़ की संपत्ति, होटल रंगशारदा भी जब्त

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मुंबई: ₹512 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने कुर्क की ₹332 करोड़ की संपत्ति, होटल रंगशारदा भी जब्त

सारांश

मुंबई के बांद्रा स्थित होटल रंगशारदा अब ईडी की कुर्की में है — एक ऐसे मामले में जहाँ मराठी संस्कृति के नाम पर मिली सरकारी ज़मीन को कथित तौर पर होटल, बार और बैंक्वेट हॉल में बदल दिया गया। ₹512 करोड़ की अपराध आय और ₹332 करोड़ की जब्त संपत्ति — यह मामला ट्रस्ट भूमि के व्यावसायिक दुरुपयोग की एक बड़ी मिसाल बन गया है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 25 जुलाई 2026 को ₹332.24 करोड़ मूल्य की 2 अचल संपत्तियाँ पीएमएलए के तहत कुर्क कीं।
कुर्क संपत्तियों में मुंबई के बांद्रा स्थित होटल रंगशारदा और प्रभादेवी में एक भूखंड शामिल हैं।
मामले में अपराध से अर्जित कुल आय ₹512 करोड़ आंकी गई है।
आरोपी प्रभुदास वीरचंद लोटिया पर MAHADA द्वारा सांस्कृतिक उद्देश्यों के लिए आवंटित भूमि का व्यावसायिक दुरुपयोग करने का आरोप है।
जाँच बांद्रा पुलिस स्टेशन की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई, जो रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट के ट्रस्टियों की शिकायत पर दर्ज थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने 25 जुलाई 2026 को प्रभुदास वीरचंद लोटिया और अन्य के विरुद्ध धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी करते हुए ₹332.24 करोड़ मूल्य की 2 अचल संपत्तियाँ जब्त की हैं। कुर्क की गई संपत्तियों में मुंबई के बांद्रा स्थित प्रसिद्ध होटल रंगशारदा और प्रभादेवी में स्थित एक भूखंड शामिल हैं, जो मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के कब्जे में थे। इस मामले में अपराध से अर्जित कुल आय ₹512 करोड़ आंकी गई है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने यह जाँच मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की। यह एफआईआर रंग शारदा प्रतिष्ठान के ट्रस्टियों की शिकायत पर आधारित थी, जिसमें प्रभुदास वीरचंद लोटिया और मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए गए थे। गौरतलब है कि यह भूमि महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MAHADA) द्वारा रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट को मराठी रंगमंच, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रियायती दर पर आवंटित की गई थी।

मुख्य आरोप और जाँच के निष्कर्ष

पीएमएलए के तहत की गई जाँच में सामने आया कि प्रभुदास वीरचंद लोटिया ने मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से ट्रस्ट को आवंटित भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया और आवंटन की शर्तों तथा नियामक स्वीकृतियों का उल्लंघन करते हुए उसका व्यावसायिक दोहन किया। जाँच एजेंसी के अनुसार, कंपनी ने ट्रस्ट को नाटक थिएटर और कलाकारों के आवास सौंपने के बजाय, बिना वैधानिक अनुमति के उस संपत्ति का उपयोग होटल, लॉजिंग हाउस, रेस्तरां, शराब बार, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन में किया।

अनधिकृत बिक्री और संपत्ति अर्जन

जाँच में यह भी उजागर हुआ कि लोटिया ने मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के ज़रिए ट्रस्ट की भूमि पर बने व्यावसायिक परिसरों की अनधिकृत बिक्री करवाई। इस बिक्री से प्राप्त आय का उपयोग कथित तौर पर मुंबई के प्रभादेवी में एक अन्य संपत्ति खरीदने में किया गया — जो अब कुर्क की गई दूसरी संपत्ति है। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी सांस्कृतिक और धार्मिक ट्रस्टों की भूमि से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामलों पर विशेष ध्यान दे रही है।

अपराध से अर्जित आय का आकलन

जाँच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अपराध से प्राप्त कुल आय लगभग ₹512 करोड़ आंकी गई है। इसमें होटल संचालन, लॉजिंग हाउस, रेस्तरां, शराब बार, बैंक्वेट हॉल से प्राप्त राजस्व और किराए की आय सम्मिलित हैं। फिलहाल ईडी की जाँच जारी है और आगे की कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बड़े पैमाने पर और बिना किसी बाधा के चला। असली सवाल यह है कि MAHADA और संबंधित नगर निकाय इतने वर्षों तक इस अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग से अनजान कैसे रहे — या रहे भी या नहीं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने मुंबई में होटल रंगशारदा को क्यों कुर्क किया?
ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत होटल रंगशारदा को इसलिए कुर्क किया क्योंकि जाँच में सामने आया कि यह संपत्ति MAHADA द्वारा मराठी सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रियायती दर पर आवंटित भूमि पर अवैध रूप से व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए चलाई जा रही थी। कुल ₹512 करोड़ की अपराध आय आंकी गई है।
इस मनी लॉन्ड्रिंग केस में कितनी संपत्ति जब्त की गई है?
ईडी ने ₹332.24 करोड़ मूल्य की 2 अचल संपत्तियाँ कुर्क की हैं — मुंबई के बांद्रा स्थित होटल रंगशारदा और प्रभादेवी में एक भूखंड। दोनों संपत्तियाँ मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के नियंत्रण में थीं।
प्रभुदास वीरचंद लोटिया पर क्या आरोप हैं?
लोटिया पर आरोप है कि उन्होंने मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के ज़रिए ट्रस्ट को आवंटित भूमि पर अवैध कब्जा किया, बिना वैधानिक अनुमति के होटल, रेस्तरां, बार और बैंक्वेट हॉल चलाए, तथा व्यावसायिक परिसरों की अनधिकृत बिक्री से प्राप्त आय से प्रभादेवी में एक अन्य संपत्ति खरीदी।
रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट क्या है और इस मामले से इसका क्या संबंध है?
रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट एक सांस्कृतिक संस्था है जिसे MAHADA ने मराठी रंगमंच, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटित की थी। ट्रस्ट के ट्रस्टियों की शिकायत पर ही बांद्रा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, जिसके आधार पर ईडी ने जाँच शुरू की।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईडी की जाँच अभी जारी है और आगे और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। अस्थायी कुर्की आदेश के बाद मामला पीएमएलए न्यायाधिकरण के समक्ष जाएगा, जहाँ कुर्की की पुष्टि या अस्वीकृति पर निर्णय होगा।
राष्ट्र प्रेस
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