क्या ईडी ने फ्लैट निर्माण कंपनी की 51 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की?

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क्या ईडी ने फ्लैट निर्माण कंपनी की 51 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की?

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने एक फ्लैट निर्माण कंपनी की 51 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। जानें इस कार्रवाई के पीछे की वजहें और क्या है इस मामले में अगला कदम।

Key Takeaways

  • ईडी ने 51.57 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की।
  • यह कार्रवाई घर खरीदारों के फंड के दुरुपयोग के कारण हुई।
  • ओएसबीपीएल के प्रमोटर ने फंड का गलत उपयोग किया।
  • जांच में कई एफआईआर शामिल हैं।
  • इससे ग्राहक अधिकारों की सुरक्षा होगी।

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में जानकारी दी कि उसने एक रियल एस्टेट और निर्माण कंपनी की चल और अचल संपत्तियों को अस्थाई रूप से जब्त कर लिया है। जब्त की गई संपत्तियों में एक होटल और एक विला शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 51.57 करोड़ रुपए है। यह कार्रवाई घर खरीदारों से एकत्र किए गए फंड के कथित दुरुपयोग और फ्लैटों की देरी से डिलीवरी के संबंध में की गई है।

बयान में बताया गया है कि नई दिल्ली स्थित ईडी के मुख्यालय द्वारा ओसियन सेवन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड (ओएसबीपीएल) से संबंधित संपत्तियों की कुर्की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

ईडी ने स्पष्ट किया कि जब्त की गई संपत्तियों में 49.79 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनमें एक विला, एक होटल और रिसॉर्ट, कार्यालय स्थान तथा गुरुग्राम, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में स्थित कई भूमि भूखंड शामिल हैं।

जब्त की गई चल संपत्तियों का मूल्य 1.78 करोड़ रुपए है।

ईडी ने यह भी बताया कि किफायती आवास परियोजनाओं में अपनी बचत का निवेश करने वाले घर खरीदारों से एकत्र की गई धनराशि का व्यवस्थित दुरुपयोग किया गया है।

ईडी ने कहा कि परियोजनाएं अधूरी रहीं, आवंटन मनमाने ढंग से रद्द किए गए, और घर खरीदारों को लंबे समय तक अनिश्चितता और वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा, जबकि परियोजना विकास के लिए आवंटित धनराशि को दूसरे उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया।

ईडी की जांच से यह पता चला है कि ओएसबीपीएल के प्रमोटर और प्रमुख निर्णयकर्ता स्वराज सिंह यादव ने पूरी योजना को अंजाम देने में केंद्रीय भूमिका निभाई। निर्माण के लिए घर खरीदारों से एकत्र की गई धनराशि को जानबूझकर निर्धारित परियोजनाओं के लिए उपयोग करने के बजाय दूसरी जगह इस्तेमाल किया गया।

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और हरियाणा पुलिस द्वारा धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश के अपराधों के लिए दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की।

Point of View

बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे कुछ कंपनियां अपने ग्राहकों के फंड का दुरुपयोग कर रही हैं। इस प्रकार की कार्रवाई से ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा होती है।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

ईडी ने क्यों संपत्तियां जब्त की?
ईडी ने घर खरीदारों से एकत्र किए गए फंड के कथित दुरुपयोग और फ्लैटों की देरी से डिलीवरी के संबंध में संपत्तियां जब्त की।
जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत क्या है?
जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत 51.57 करोड़ रुपए है।
ओएसबीपीएल के प्रमोटर कौन हैं?
ओएसबीपीएल के प्रमोटर और प्रमुख निर्णयकर्ता स्वराज सिंह यादव हैं।
इस कार्रवाई का प्रभाव क्या होगा?
इस कार्रवाई से घर खरीदारों के अधिकारों की रक्षा होगी और संभावित धोखाधड़ी के खिलाफ एक उदाहरण स्थापित होगा।
क्या और भी कंपनियां ऐसी समस्याओं का सामना कर रही हैं?
हां, रियल एस्टेट क्षेत्र में कई कंपनियां ऐसी समस्याओं का सामना कर रही हैं, जिससे घर खरीदारों को नुकसान हो रहा है।
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