2 नवंबर 2026
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बृजभूषण शरण सिंह अयोध्या पहुंचे: नई शिक्षा नीति पर चिंता, इंडिया ब्लॉक रैली को बताया 'खत्म'

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बृजभूषण शरण सिंह अयोध्या पहुंचे: नई शिक्षा नीति पर चिंता, इंडिया ब्लॉक रैली को बताया 'खत्म'

सारांश

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह अयोध्या पहुंचे और एक के बाद एक कई मुद्दों पर बेबाक बोले — ग्रामीण स्कूलों में NEP से बिगड़ती स्थिति, 1990 की गोलीबारी की यादें और इंडिया ब्लॉक की दिल्ली रैली को 'खत्म' करार। 2027 के यूपी चुनाव पर उनका आत्मविश्वास भाजपा की रणनीति का संकेत है।

मुख्य बातें

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह 2 नवंबर 2026 को अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) का ग्रामीण क्षेत्रों में 'बहुत बुरा प्रभाव' पड़ा है — स्कूल खुले हैं, शिक्षक हैं, पर छात्र गायब हैं।
2 नवंबर 1990 की अयोध्या गोलीबारी को याद करते हुए कहा — 'इसको हमेशा याद किया जाएगा, लेकिन अब राम मंदिर बन गया है।' इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली ( 1 नवंबर ) पर टिप्पणी: 'रैलियां खत्म हो चुकी हैं।' उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि रैली में 10 लाख के लक्ष्य के बजाय बहुत कम लोग पहुंचे; विपक्ष ने आरोप नकारा।
2027 यूपी विधानसभा चुनाव पर बृजभूषण का दावा — भाजपा के लिए परिणाम 'बहुत अच्छे' होंगे।

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह सोमवार, 2 नवंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे और कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने छात्र संसद, ग्रामीण क्षेत्रों में नई शिक्षा नीति के प्रभाव, 2 नवंबर 1990 की अयोध्या गोलीबारी, भाजपा राज्य कार्यकारिणी समिति में अपनी नई भूमिका और इंडिया ब्लॉक की दिल्ली रैली पर खुलकर बात की।

छात्र संसद और अयोध्या का चुनाव

बृजभूषण ने बताया कि कुछ छात्र पहले वाराणसी में छात्र संसद आयोजित करना चाहते थे, लेकिन वहाँ स्थान की समस्या उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा, 'बच्चे छात्र संसद पहले वाराणसी में करने जा रहे थे, लेकिन वहां जगह की समस्या हुई, तो वह हमसे मिलने आए। फिर हमने कहा कि अगर वाराणसी में नहीं हो पा रहा है, तो अयोध्या में कर लो। इससे हमारे क्षेत्र के भी बच्चे उससे शामिल होंगे। उनको भी कुछ सीखने का मौका मिलेगा।'

इस छात्र संसद का केंद्रीय विषय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) रखा गया है, जो वर्तमान में शिक्षा जगत में व्यापक बहस का विषय बनी हुई है।

ग्रामीण शिक्षा पर नई नीति का असर

बृजभूषण ने नई शिक्षा नीति के ज़मीनी प्रभाव पर चिंता जताई। उनके अनुसार शहरी क्षेत्रों की स्थिति के बारे में वे कुछ नहीं कह सकते, लेकिन ग्रामीण अंचल में इसका प्रभाव चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि स्कूल खुले हैं, शिक्षक उपस्थित हैं, परंतु विद्यार्थी गायब हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देशभर में NEP के क्रियान्वयन को लेकर शिक्षाविद् और अभिभावक अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं।

2 नवंबर 1990 की गोलीबारी और राम मंदिर

आज की तारीख — 2 नवंबर — राम मंदिर आंदोलन के इतिहास में एक संवेदनशील दिन है। 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में कारसेवकों पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें बृजभूषण ने स्वयं को भी पीड़ित पक्ष बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना को हमेशा याद किया जाएगा, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि अब राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, जो उस संघर्ष का परिणाम है।

गौरतलब है कि यह घटना राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है और हर वर्ष इस तिथि पर स्मरण समारोह आयोजित होते हैं।

इंडिया ब्लॉक रैली पर पलटवार

नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को 'इंडिया' ब्लॉक के 'चलो दिल्ली' मार्च के आयोजन पर बृजभूषण ने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'रैलियां खत्म हो चुकी हैं।' उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दावा किया कि रैली में 10 लाख लोगों के लक्ष्य के मुकाबले बहुत कम भीड़ जुटी। हालाँकि, विपक्ष ने मौर्य के इस दावे को नकारते हुए उन पर पलटवार किया।

2027 के यूपी चुनाव पर दृष्टि

जब उनसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बारे में पूछा गया, तो बृजभूषण ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि यह चुनाव 'बहुत अच्छा' होगा। भाजपा राज्य कार्यकारिणी समिति में उनकी नई जिम्मेदारी को देखते हुए यह बयान पार्टी के भीतर उनकी सक्रिय वापसी का संकेत माना जा सकता है। आने वाले समय में छात्र संसद के आयोजन और शिक्षा नीति पर उनकी भूमिका स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि NEP की आलोचना अब तक मुख्यतः विपक्ष और शिक्षाविदों से आती रही है — सत्तारूढ़ दल के नेता का यह सुर एक अलग संकेत है। इंडिया ब्लॉक की रैली को 'खत्म' कहना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें विपक्षी एकता को कमज़ोर दिखाना प्राथमिकता है, लेकिन रैली की वास्तविक भीड़ को लेकर दोनों पक्षों के दावे परस्पर विरोधाभासी हैं और सत्यापन ज़रूरी है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या में क्या कहा?
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 2 नवंबर 2026 को अयोध्या पहुंचकर नई शिक्षा नीति के ग्रामीण प्रभाव, छात्र संसद के आयोजन, 1990 की गोलीबारी और इंडिया ब्लॉक की रैली पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि NEP का ग्रामीण क्षेत्रों में 'बहुत बुरा प्रभाव' पड़ा है।
नई शिक्षा नीति का ग्रामीण इलाकों पर क्या असर बताया गया?
बृजभूषण के अनुसार ग्रामीण अंचल में स्कूल खुले हैं, शिक्षक मौजूद हैं, लेकिन पढ़ने वाले छात्र गायब हो रहे हैं। उन्होंने माना कि शहरी क्षेत्रों की स्थिति के बारे में वे निश्चित रूप से नहीं कह सकते।
2 नवंबर 1990 को अयोध्या में क्या हुआ था?
2 नवंबर 1990 को राम मंदिर आंदोलन के दौरान अयोध्या में कारसेवकों पर गोलीबारी हुई थी, जो इतिहास की एक संवेदनशील घटना मानी जाती है। बृजभूषण ने कहा कि वे स्वयं भी इसके पीड़ितों में शामिल थे और इसे हमेशा याद किया जाएगा।
इंडिया ब्लॉक की दिल्ली रैली के बारे में क्या विवाद हुआ?
1 नवंबर को रामलीला मैदान में आयोजित 'चलो दिल्ली' रैली में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि 10 लाख के लक्ष्य के मुकाबले बहुत कम लोग पहुंचे। विपक्ष ने इस दावे को नकारते हुए मौर्य पर पलटवार किया।
बृजभूषण शरण सिंह की भाजपा में अभी क्या भूमिका है?
बृजभूषण शरण सिंह को हाल ही में भाजपा राज्य कार्यकारिणी समिति में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। अयोध्या दौरे को उनकी पार्टी में सक्रिय वापसी के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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