यूपी से भाजपा हटाना इंडिया गठबंधन को मजबूत करेगा: अखिलेश यादव का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 9 जून को लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से बाहर करना ही इंडिया गठबंधन की असली ताकत बनेगा। उन्होंने कहा कि 8 जून को नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक में सभी नेताओं ने आपसी सहमति से गठबंधन को और सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।
इंडिया गठबंधन की बैठक और आगे की रणनीति
8 जून को कांस्टीट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन के नेताओं ने सर्वसम्मति से तय किया है कि BJP का मुकाबला करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश इस संघर्ष की धुरी है — यहाँ BJP को पराजित करने से पूरे गठबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर बल मिलेगा।
'लैंड जिहाद' बयान पर योगी सरकार पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'लैंड जिहाद' संबंधी बयान पर अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'हमारे मुख्यमंत्री को प्यार-मोहब्बत से नहीं, बल्कि जमीन से लगाव है।' उन्होंने सुझाव दिया कि यदि गोरखपुर में भूमि पंजीकरण के आँकड़ों की जाँच की जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि सर्वाधिक रजिस्ट्रेशन किसके नाम हुए हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है, इसलिए सरकार के मुखिया को इस तरह के बयानों से बचना चाहिए।
अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद पर सवाल
अयोध्या राम मंदिर में दान-चंदे से जुड़े विवाद पर अखिलेश यादव ने कहा कि कई समाचार-पत्रों ने इस मामले में रिपोर्ट प्रकाशित की हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर में दी जाने वाली 'भेंट' या 'दान' को लेकर कुछ मामले सामने आए हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि 'डबल इंजन' सरकार की निगरानी व्यवस्था सक्रिय होती, तो इन मुद्दों पर सवाल उठाने की नौबत ही नहीं आती। उन्होंने यह भी पूछा कि गिरफ्तारी की बात आने पर जिम्मेदार लोग अपने बयान क्यों पलट रहे हैं और लखनऊ से किस तरह का दबाव बनाया जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों और विदेश नीति पर हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें कई 'खिताब' मिलेंगे — जिनमें एक यह भी है कि आजादी के बाद से पेट्रोल-डीजल इतनी ऊँची कीमतों पर कभी नहीं बिके। उन्होंने कहा कि जिन रसोई गैस सिलेंडरों का जोर-शोर से प्रचार किया गया था, सरकार उन्हें रिफिल भी नहीं करवा पा रही है। उनके अनुसार, यदि मिलावट-मुक्त पेट्रोल चाहिए तो उसकी कीमत ₹150 प्रति लीटर से अधिक होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति विफल रही है।
आगे की राह
अखिलेश यादव ने उन सूत्रों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन्हें मंदिर चंदे से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई। गठबंधन की रणनीति के अनुसार, उत्तर प्रदेश में BJP के खिलाफ मोर्चा खोलना इंडिया ब्लॉक की प्राथमिकता बनी रहेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन अपनी एकजुटता को किस हद तक बनाए रख पाता है।