अखिलेश यादव का योगी सरकार पर निशाना, नोएडा में बवाल को बताया नाकामी
सारांश
Key Takeaways
- अखिलेश यादव का आरोप है कि योगी सरकार नोएडा की घटना के लिए जिम्मेदार है।
- उन्होंने कहा कि यह घटना सरकार की नाकामी का नतीजा है।
- भाजपा की सरकार ने अंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुँचाया है।
- संविधान के प्रति उनकी निष्ठा को व्यक्त किया गया।
- सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
लखनऊ, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने दावा किया कि नोएडा की घटना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार उत्तरदायी हैं।
अखिलेश यादव ने मंगलवार को भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान जब पत्रकारों ने नोएडा में हुए हिंसक प्रदर्शन के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने कहा, "जो कुछ नोएडा में हुआ है, यह सरकार की नाकामी का नतीजा है। सरकार को इस मामले की पूर्व सूचना थी, फिर भी उन्होंने इसे होने दिया। यदि अधिकारियों का कहना है कि यह साजिश थी, तो इसके लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं।"
सपा प्रमुख ने आगे कहा, "मुख्यमंत्री से ज्यादा झूठ बोलने वाला कोई संत नहीं हुआ है। हम नहीं कहते, बल्कि बहुत से लोग यह कहते हैं कि वे नकली संत हैं। इन्हें संविधान से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि संविधान का पालन करने वाले कभी किसी के साथ अन्याय नहीं कर सकते।"
उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि भाजपा की 10 वर्ष की सरकार में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की कई प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया गया है। वहीं, वे लोग जो ऐसे कार्यों में शामिल थे, अब चुनाव से पहले एक गुमराह करने वाला संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा की साजिशों से सजग है और समझदार भी है।
अखिलेश यादव ने कहा, "हम सामाजिक न्याय के लिए और सामाजिक न्याय की व्यवस्था के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। यह संघर्ष वर्षों तक, और यदि जरूरत पड़ी तो सदियों तक चलता रहेगा। हमने सुना था कि भाजपा के कुछ लोग कह रहे थे कि यदि वे 400 सीटें जीतते हैं, तो वे संविधान बदल देंगे। हम उत्तर प्रदेश और देश के नागरिकों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने अपने मताधिकार से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है।"
उन्होंने कहा कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का संविधान केवल कागज नहीं, बल्कि एक लोहे की तलवार है, जो समय-समय पर सम्मान प्रदान करता है। संविधान हमारे लिए एक ढाल और संजीवनी है। यह हमें न्याय दिलाता है और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है। हम संविधान की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे और बाबासाहेब के सिद्धांतों को आगे बढ़ाएंगे।