1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत ने अफगानिस्तान को 13 टन बीसीजी वैक्सीन की खेप भेजी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत ने अफगानिस्तान को 13 टन बीसीजी वैक्सीन की खेप भेजी

सारांश

भारत ने अफगानिस्तान में बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 13 टन बीसीजी वैक्सीन भेजकर मानवता की मिसाल पेश की है। यह सहायता अफगानिस्तान में हाल ही में आए बाढ़ और भूकंप से प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

मुख्य बातें

भारत ने अफगानिस्तान को 13 टन बीसीजी वैक्सीन भेजी।
यह सहायता बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत ने पहले भी अफगानिस्तान को मानवता की दृष्टि से सहायता दी है।
पाकिस्तान के हालिया हमले में कई लोगों की जान गई।
भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई है।

काबुल, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने मंगलवार को अफगानिस्तान में बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम के तहत तपेदिक (टीबी) से निपटने के लिए 13 टन बीसीजी (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन) वैक्सीन और संबंधित सामानों की एक महत्वपूर्ण खेप भेजी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर जानकारी दी, "भारत ने अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय को 13 टन बीसीजी वैक्सीन और इससे जुड़े सूखे सामान भेजे हैं, ताकि वहां तपेदिक (टीबी) के खिलाफ टीकाकरण कार्यक्रम को सशक्त किया जा सके।"

बीसीजी वैक्सीन एक फ्रीज-ड्राइड (लायोफिलाइज्ड) सफेद पाउडर के रूप में होती है, जिसे उपयोग से पहले तरल (डिलुएंट) के साथ मिलाना होता है। यह 10-20 खुराक वाली शीशियों (वायल्स) में पैक की जाती है और इसके लिए ट्यूबरकुलिन सिरिंज/26जी सुई की आवश्यकता होती है। इसे 2 डिग्री सेल्सियस से 8 डिग्री सेल्सियस पर संग्रहित किया जाता है।

यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अफगानिस्तान की सहायता की है। समय-समय पर भारत ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं।

हाल ही में आए बाढ़ और भूकंप के कारण अफगानिस्तान के लोग कई कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। उस समय भी भारत ने आगे बढ़कर 5 अप्रैल को मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री (एचएडीआर) भेजी।

जायसवाल ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ भारत की एकजुटता और इस मुश्किल समय में मानवीय सहायता देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

उन्होंने लिखा, "बाढ़ और भूकंप के कारण अफगानिस्तान के लोग जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, ऐसे में भारत ने एचएडीआर सामग्री भेजी है। इसमें किचन सेट, हाइजीन किट, प्लास्टिक शीट, तिरपाल, स्लीपिंग बैग और अन्य महत्वपूर्ण सामान शामिल हैं। भारत अफगानिस्तान के लोगों के साथ पूरी तरह से खड़ा है।"

इससे पहले, मार्च में, भारत ने अफगानिस्तान को 2.5 टन आपातकालीन दवाएं, मेडिकल डिस्पोजेबल, किट और उपकरण भेजे थे। यह मदद काबुल के एक अस्पताल पर पाकिस्तानी हमले में घायल हुए लोगों की सहायता के लिए दी गई थी।

काबुल में पुल-ए-चरखी क्षेत्र में स्थित 2,000 बिस्तरों वाले 'ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल' पर किया गया पाकिस्तान का यह हमला 400 से अधिक लोगों की जान ले गया और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

इस हमले की विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा की और इसे एक कायरता और अमानवीय कृत्य बताया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा किया गया यह "आक्रामकता का जघन्य कृत्य" अफगानिस्तान की संप्रभुता पर एक "खुला हमला" है, और यह क्षेत्रीय अखंडता के लिए बड़ा खतरा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाती है कि भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों की मदद के लिए तत्पर रहता है। यह कदम भारत की मानवीय दृष्टिकोण को भी दर्शाता है, जो क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने अफगानिस्तान को कितनी बीसीजी वैक्सीन भेजी?
भारत ने अफगानिस्तान को 13 टन बीसीजी वैक्सीन भेजी है।
बीसीजी वैक्सीन क्या है?
बीसीजी वैक्सीन तपेदिक (टीबी) के खिलाफ बच्चों को टीका लगाने के लिए उपयोग की जाती है।
भारत ने अफगानिस्तान को पहले भी सहायता दी है?
हाँ, भारत ने समय-समय पर अफगानिस्तान को कई प्रकार की सहायता प्रदान की है।
इस बार भारत ने कौन सी सामग्री भेजी?
भारत ने बीसीजी वैक्सीन के साथ-साथ संबंधित सूखे सामान भी भेजे हैं।
पाकिस्तान के हमले का क्या असर हुआ?
पाकिस्तान के हमले में 400 से अधिक लोग मारे गए और 250 से ज्यादा घायल हुए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले