क्वेटा में हजारा समुदाय पर गोलीबारी, दो की मौत, तीन घायल

Click to start listening
क्वेटा में हजारा समुदाय पर गोलीबारी, दो की मौत, तीन घायल

सारांश

क्वेटा में हजारा समुदाय के दो सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। स्थानीय पुलिस इस हमले को टारगेट किलिंग मानती है और हमलावरों की तलाश में जुटी है। यह घटना धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को दर्शाती है।

Key Takeaways

  • क्वेटा में हजारा समुदाय पर हमला हुआ, जिसमें दो की मौत और तीन घायल हुए।
  • यह घटना टारगेट किलिंग की श्रेणी में आती है।
  • पुलिस ने हमलावरों की खोज के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
  • हजारा समुदाय के लोगों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया।
  • अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है।

क्वेटा, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में हजारा समुदाय के दो सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। स्थानीय समाचारों के अनुसार, कुछ अज्ञात हमलावरों ने हजारा समुदाय के लोगों पर फायरिंग की।

पुलिस के सीनियर अधिकारी मुहम्मद खैर सुमलानी ने कहा कि यह घटना रविवार को हुई, जब ये लोग हजारा टाउन से हजारगंज सब्जी मंडी लौट रहे थे। पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र ‘डॉन’ के अनुसार, सुमलानी ने कहा, “मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर गोलियां चलाईं, जिससे घटनास्थल पर दो लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए।”

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना टारगेट किलिंग जैसी प्रतीत होती है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे।

अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन में जुटी है।

इस घटना के विरोध में हजारा समुदाय के लोगों ने वेस्टर्न बाईपास को जाम कर दिया। इससे पहले भी हजारगंज क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जहां सब्जी बेचने वालों पर हमले किए गए हैं।

'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में भी क्वेटा के हजारगंज बाजार में एक धमाका हुआ था, जिसमें हजारा समुदाय को निशाना बनाया गया था। उस हमले में कम से कम 20 लोगों की मौत और 48 लोग घायल हुए थे।

नेशनल कमीशन फॉर ह्यूमन राइट्स (एनसीएचआर) की 2018 की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि जनवरी 2012 से दिसंबर 2017 के बीच क्वेटा में हजारा समुदाय के 509 लोग मारे गए और 627 घायल हुए।

हाल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान में सुन्नी कट्टरता तेजी से बढ़ी है, जिससे अहमदिया और शिया जैसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है और उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान के दो प्रमुख मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय, शिया (विशेषकर हजारा शिया) और अहमदिया, पिछले कुछ वर्षों में हिंसा और हमलों का अधिक शिकार बने हैं। नवंबर 2024 में, कुर्रम जिले में एक काफिले पर हुए हमले में 40 से ज्यादा शिया यात्रियों की हत्या कर दी गई थी। पंजाब और सिंध में भी कट्टरपंथी भीड़ ने अहमदिया इबादतगाहों पर हमला किया और लोगों को पीट-पीटकर मार डाला।

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि एक संगठित सांप्रदायिक हमला है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेखित किया गया कि हाल ही में इस्लामिक स्टेट ऑफ पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद पर आत्मघाती हमला किया, जिसमें 32 लोगों की जान गई।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी कहा है कि पाकिस्तान सरकार हजारा शिया समुदाय को बार-बार हो रहे हमलों से सुरक्षित रखने में असफल रही है।

Point of View

NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

क्वेटा में हजारा समुदाय पर हमला किस प्रकार का था?
यह हमला एक टारगेट किलिंग जैसा प्रतीत होता है, जिसमें अज्ञात हमलावरों ने हजारा समुदाय के लोगों पर फायरिंग की।
क्या इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने ली है?
अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
क्या यह पहली बार है जब हजारा समुदाय पर हमला हुआ है?
नहीं, इससे पहले भी इस क्षेत्र में हजारा समुदाय के खिलाफ हमले होते रहे हैं।
इस घटना के खिलाफ हजारा समुदाय ने क्या किया?
हजारा समुदाय के लोगों ने वेस्टर्न बाईपास को जाम कर दिया है।
Nation Press