अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद सोने का दाम सीमित, कच्चा तेल 15 प्रतिशत महंगा हुआ
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका-ईरान के सीजफायर का सोने और कच्चे तेल पर प्रभाव
- सोने की कीमत में 2.66 प्रतिशत की वृद्धि
- कच्चे तेल की कीमतों में 15 प्रतिशत की गिरावट
- चांदी की कीमतों में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी
- कॉपर की कीमतों में 9 प्रतिशत का उछाल
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान द्वारा दो हफ्तों के सीजफायर की घोषणा के बाद सोने की कीमतें सीमित दायरे में स्थिर बनी हुई हैं। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत की गिरावट आई है।
8 अप्रैल को सुबह अमेरिका और ईरान ने सीजफायर का ऐलान किया था, जिसके बाद से दोनों देशों ने कूटनीतिक स्तर पर तनाव को कम करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
7 अप्रैल को ब्रेंट क्रूड की कीमत 109.27 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब 11 प्रतिशत घटकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई है।
ब्रेंट क्रूड की तुलना में डब्लूटीआई क्रूड में अधिक गिरावट दर्ज की गई है। 7 अप्रैल को ब्रेंट क्रूड की कीमत 112.95 डॉलर प्रति औंस थी, जो कि सीजफायर की घोषणा के एक हफ्ते बाद 96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। यह 15 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
दूसरी ओर, सोना सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और इसमें मामूली तेजी देखी गई है।
सीजफायर के बाद सोने की कीमत 2.66 प्रतिशत बढ़कर 4,810 डॉलर प्रति औंस हो गई है, जो पहले 4,684 डॉलर प्रति औंस थी।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने बताया कि अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज को ब्लॉक करने की घोषणा के बाद सोने में मुनाफावसूली देखी गई। उन्होंने यह भी कहा कि सोने की कीमत 1,48,500 रुपए से 1,52,500 रुपए के बीच रह सकती है।
सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में भी मजबूती देखी गई है।
7 अप्रैल को चांदी की कीमत 72 डॉलर प्रति औंस थी, जो पिछले एक हफ्ते में 8 प्रतिशत बढ़कर 78 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।
वहीं, कॉपर की कीमतों में भी पिछले हफ्ते में बड़ी तेजी आई है। कॉपर का दाम लगभग 9 प्रतिशत बढ़कर 6 डॉलर प्रति पाउंड पर पहुंच गया है, जो पहले 5.5 डॉलर प्रति पाउंड था।