अमरनाथ यात्रा 2025: आईजीपी वी.के. बिर्दी ने सुरक्षा और दरबार मूव की तैयारियों पर बड़ी बैठक की
सारांश
Key Takeaways
- आईजीपी वी.के. बिर्दी ने 23 अप्रैल 2025 को श्रीनगर में अमरनाथ यात्रा 2025 और दरबार मूव की तैयारियों पर उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता की।
- बैठक में BSF, CRPF, ITBP समेत तमाम केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- मार्ग सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
- दरबार मूव के लिए यातायात नियंत्रण, सुरक्षा उपाय और सरकारी रिकॉर्ड के सुरक्षित स्थानांतरण की समीक्षा की गई।
- जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और यात्रा को घटना-मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि में यह बैठक सुरक्षा दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
श्रीनगर, 23 अप्रैल: श्री अमरनाथ जी यात्रा 2025 और वार्षिक दरबार मूव की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) वी.के. बिर्दी ने गुरुवार, 23 अप्रैल 2025 को श्रीनगर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
आईजीपी वी.के. बिर्दी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए अग्रिम योजना निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स समन्वय, यात्रा मार्ग सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया।
बिर्दी ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे एकीकृत और समन्वित योजनाएं तैयार करें, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने स्पष्ट संचार माध्यमों की स्थापना को भी अनिवार्य बताया।
दरबार मूव की तैयारियों की भी हुई समीक्षा
आईजीपी ने वार्षिक दरबार मूव — जिसके तहत जम्मू-कश्मीर सरकार के कार्यालय श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित होते हैं — की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा उपाय, यातायात नियंत्रण और सरकारी अभिलेखों एवं कर्मियों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
दरबार मूव जम्मू-कश्मीर की एक ऐतिहासिक प्रशासनिक परंपरा है जो 150 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही है। इस प्रक्रिया में हजारों सरकारी कर्मचारी और टन भर सरकारी रिकॉर्ड एक राजधानी से दूसरी राजधानी स्थानांतरित होते हैं, जिसके लिए व्यापक सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन की आवश्यकता होती है।
संयुक्त परिचालन तंत्र को मजबूत करने का निर्देश
वी.के. बिर्दी ने सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच संयुक्त परिचालन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी एजेंसियां आपस में पूर्ण तालमेल में काम करें और किसी भी उभरती स्थिति पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए सदैव तत्पर रहें।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दोहराया कि वह सभी तीर्थयात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस का लक्ष्य है कि अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण और घटना-मुक्त रहे।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा सुरक्षा बल (BSF) फ्रंटियर मुख्यालय के इंस्पेक्टर जनरल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के इंस्पेक्टर जनरल, कश्मीर जोन के सभी रेंज डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल, CRPF (दक्षिण/उत्तर/SKOR) के डिप्टी आईजी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), ट्रैफिक कश्मीर, आपराधिक जांच विभाग (CID) कश्मीर, आर्म्ड कश्मीर, इंडिया रिजर्व पुलिस (IRP) कश्मीर और कश्मीर जोन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ऐतिहासिक संदर्भ और महत्व
गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। 2024 में यात्रा के दौरान पांच लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। यात्रा मार्ग की संवेदनशीलता और भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की अग्रिम तैयारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सतर्क किया गया है। ऐसे में यात्रा की सुरक्षा के प्रति यह बैठक और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है।
आगामी हफ्तों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और CAPF मिलकर मॉक ड्रिल और मार्ग सर्वेक्षण करेंगे, ताकि यात्रा के आधिकारिक आरंभ से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हो सकें।