7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

श्रीनगर में CM उमर अब्दुल्ला ने ₹30.35 करोड़ के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन, कश्मीर को मिला पहला ओलंपिक-साइज़ स्विमिंग पूल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
श्रीनगर में CM उमर अब्दुल्ला ने ₹30.35 करोड़ के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन, कश्मीर को मिला पहला ओलंपिक-साइज़ स्विमिंग पूल

सारांश

कश्मीर को पहली बार ओलंपिक-साइज़ स्विमिंग पूल मिला — ₹30.35 करोड़ की इस परियोजना में सोलर-हीटेड एक्वेटिक सुविधाएँ और अत्याधुनिक जिम्नास्टिक्स हॉल शामिल हैं। CM उमर अब्दुल्ला का दावा है कि यह बुनियादी ढाँचा घाटी के युवा एथलीटों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का रास्ता देगा।

मुख्य बातें

CM उमर अब्दुल्ला ने 7 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर के SKMSAC में ₹30.35 करोड़ के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन किया।
कश्मीर को पहली बार 50 मीटर × 25 मीटर , 10-लेन वाला ओलंपिक-साइज़ स्विमिंग पूल मिला; लागत ₹19.96 करोड़ ।
हर मौसम में उपयोगी ट्रेनिंग और टॉडलर स्विमिंग पूल की लागत ₹5.35 करोड़ ; सोलर एनर्जी से चलने वाला हीटिंग सिस्टम लगाया गया।
36 मीटर × 21 मीटर का जिम्नास्टिक्स हॉल ₹5.04 करोड़ में बना; जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल समर्पित जिम्नास्टिक्स अकादमी स्थापित करेगी।
मुख्य पूल में 300 दर्शकों की बैठक-क्षमता और 1, 3 व 5 मीटर के डाइविंग प्लेटफॉर्म भी शामिल।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 7 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर के गिंडुन राजबाग स्थित शेर-ए-कश्मीर मल्टी स्पोर्ट्स एक्टिविटी सेंटर (SKMSAC) में ₹30.35 करोड़ के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज का उद्घाटन किया। इस पैकेज के तहत कश्मीर को पहली बार ओलंपिक-साइज़ स्विमिंग पूल मिला है, साथ ही हर मौसम में उपयोगी एक्वेटिक सुविधाएँ और एक अत्याधुनिक जिम्नास्टिक्स हॉल भी उपलब्ध कराए गए हैं।

मुख्य सुविधाएँ और खर्च का विवरण

इस इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज के तीन प्रमुख घटक हैं। ₹19.96 करोड़ की लागत से निर्मित मुख्य स्विमिंग पूल 50 मीटर × 25 मीटर आकार का है और इसमें 10 कॉम्पिटिशन लेन हैं। पूल में 1, 3 और 5 मीटर के डाइविंग प्लेटफॉर्म, आधुनिक फिल्ट्रेशन, सर्कुलेशन व डिसइंफेक्शन सिस्टम, चेंजिंग रूम, वॉशरूम, स्टोरेज लॉकर और 300 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था है।

₹5.35 करोड़ की लागत से बनाई गई ट्रेनिंग और टॉडलर स्विमिंग पूल सुविधा को साल भर इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है। इसमें हीटिंग सिस्टम, इनडोर लैप पूल, बच्चों के अनुकूल टॉडलर पूल, एंटी-स्किड पूल डेकिंग तथा आधुनिक फिल्ट्रेशन और डिसइंफेक्शन सिस्टम शामिल हैं। ₹5.04 करोड़ की लागत का जिम्नास्टिक्स हॉल 36 मीटर × 21 मीटर क्षेत्रफल और 10 मीटर ऊँचाई वाला है, जिसमें अत्याधुनिक जिम्नास्टिक उपकरण लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री का बयान

उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'इस सुविधा के जरिए हम छात्रों को खेलों का एक नया माहौल देने की कोशिश कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, कश्मीर में पहली बार ओलंपिक-साइज़ का स्विमिंग पूल बना है। अब इसमें हीटिंग की व्यवस्था भी है, जो सोलर एनर्जी से चलेगी, ताकि बच्चे साल के 12 महीने यहाँ प्रैक्टिस और ट्रेनिंग कर सकें।' उन्होंने आगे कहा कि नई सुविधाओं से युवाओं को पारंपरिक खेलों के अलावा अन्य खेलों को अपनाने के नए अवसर मिलेंगे।

जिम्नास्टिक्स हॉल के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कश्मीर में बच्चे इस खेल में गहरी रुचि रखते हैं, लेकिन उचित इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में उनके पास अवसर सीमित थे। उनके अनुसार यह परियोजना उस कमी को दूर करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की भूमिका

जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल पहले से ही SKMSAC परिसर में कोचिंग कैंप आयोजित कर रही है और एक समर्पित जिम्नास्टिक्स अकादमी स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र शासित प्रदेश में खेल संस्कृति को मुख्यधारा में लाने की कोशिशें तेज़ हुई हैं। गौरतलब है कि इससे पहले कश्मीर के पास किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मानक की एक्वेटिक ट्रेनिंग सुविधा नहीं थी।

युवा खिलाड़ियों पर असर और भविष्य की राह

नए इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्देश्य जमीनी स्तर पर खेल भागीदारी बढ़ाना, प्रोफेशनल कोचिंग तक पहुँच सुलभ करना और युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुँचने के रास्ते खोलना है। सोलर-हीटेड एक्वेटिक सुविधाओं के कारण सर्दियों के महीनों में भी लगातार ट्रेनिंग संभव होगी — जो कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों में अब तक एक बड़ी बाधा रही है। इस निवेश से उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में कश्मीर के एथलीट तैराकी और जिम्नास्टिक्स में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सक्षम होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इंफ्रास्ट्रक्चर अकेले एथलेटिक प्रतिभा को राष्ट्रीय पोडियम तक पहुँचा सकता है। जम्मू-कश्मीर में पहले भी खेल सुविधाएँ बनी हैं, लेकिन कोचिंग की गुणवत्ता, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और दीर्घकालिक रखरखाव अक्सर वायदों से पीछे रहे हैं। स्पोर्ट्स काउंसिल की प्रस्तावित जिम्नास्टिक्स अकादमी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन उसके लिए समयसीमा और बजट अभी स्पष्ट नहीं हैं। बिना प्रतिबद्ध कोचिंग संरचना और नियमित प्रतियोगिता कैलेंडर के, यह विश्वस्तरीय सुविधा महज एक महँगी इमारत बनकर रह सकती है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में उद्घाटन किए गए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में क्या-क्या शामिल है?
इस ₹30.35 करोड़ के पैकेज में तीन प्रमुख सुविधाएँ शामिल हैं — कश्मीर का पहला ओलंपिक-साइज़ 10-लेन स्विमिंग पूल (₹19.96 करोड़), एक हीटेड ट्रेनिंग व टॉडलर स्विमिंग पूल (₹5.35 करोड़) और एक आधुनिक जिम्नास्टिक्स हॉल (₹5.04 करोड़)। सभी सुविधाएँ गिंडुन राजबाग, श्रीनगर स्थित SKMSAC परिसर में हैं।
क्या यह कश्मीर का पहला ओलंपिक-साइज़ स्विमिंग पूल है?
हाँ, CM उमर अब्दुल्ला के अनुसार यह कश्मीर का पहला ओलंपिक-साइज़ स्विमिंग पूल है। 50 मीटर × 25 मीटर आयाम और 10 कॉम्पिटिशन लेन वाला यह पूल सोलर-हीटेड है, जिससे वर्षभर ट्रेनिंग संभव होगी।
सर्दियों में भी यह सुविधा कैसे काम करेगी?
ट्रेनिंग और टॉडलर स्विमिंग पूल में सोलर एनर्जी-आधारित हीटिंग सिस्टम लगाया गया है, जो सर्दियों के महीनों में भी पूल को उपयोग योग्य बनाए रखेगा। इसी तरह, जिम्नास्टिक्स हॉल पूरी तरह इनडोर है, इसलिए मौसम की बाधा नहीं होगी।
जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल इस सुविधा का उपयोग कैसे करेगी?
जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल SKMSAC में पहले से कोचिंग कैंप आयोजित कर रही है और एक समर्पित जिम्नास्टिक्स अकादमी स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। इसका लक्ष्य युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
इस स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर से किसे फायदा होगा?
यह सुविधा एथलीटों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और आम नागरिकों — तीनों के लिए बनाई गई है। तैराकी, डाइविंग, वॉटर स्पोर्ट्स और जिम्नास्टिक्स में रुचि रखने वाले युवाओं को प्रोफेशनल कोचिंग और साल भर ट्रेनिंग का अवसर मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले