स्टिंग ऑपरेशन मामला: खड़गे की चेतावनी — संदेह हुआ तो कुमारस्वामी को भी बुलाएंगे पूछताछ के लिए
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने 15 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में स्पष्ट किया कि स्टिंग ऑपरेशन मामले में यदि केंद्रीय मंत्री एवं जनता दल (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी पर कोई संदेह उत्पन्न होता है, तो उन्हें भी पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। खड़गे ने साफ कहा कि जांच तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार चलेगी — किसी नेता की इच्छा के अनुसार नहीं।
मुख्य घटनाक्रम
गृह मंत्री खड़गे ने कुमारस्वामी के उन आरोपों का सीधा जवाब दिया, जिनमें जेडी(एस) नेता ने पुलिस शक्तियों के दुरुपयोग और खुद को तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को मामले में फंसाने की साजिश का दावा किया था। खड़गे ने कहा, 'चूंकि हमें एक शिकायत मिली है, इसलिए जिन लोगों पर शक है, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इसमें आप या कोई और भी हो सकता है। अगर कुमारस्वामी पर शक होता है, तो उन्हें भी जांच के लिए बुलाया जाएगा।'
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार को जांच के लिए निमंत्रण पत्र भेजना पड़ेगा — 'क्या यह कोई शादी है जिसके लिए हमें निमंत्रण भेजना पड़े?' — यह टिप्पणी तब आई जब कुमारस्वामी ने जेडी(एस) कार्यकर्ताओं को पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर पुलिस की आलोचना की थी।
कुमारस्वामी के आरोप और सरकार की प्रतिक्रिया
एचडी कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और गृह मंत्री खड़गे को चुनौती दी थी कि 'वे उन्हें गिरफ्तार करके दिखाएं।' इस पर खड़गे ने कहा कि गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त आधार और सबूत ज़रूरी होते हैं — 'अगर हमारे पास आधार और सबूत हैं, तभी हम गिरफ्तारी कर सकते हैं। मुझे उनसे यह सीखने की जरूरत नहीं कि जांच कैसे की जाती है।'
गौरतलब है कि कुमारस्वामी ने निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग करते हुए राज्य सरकार पर उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाया है। खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि कुमारस्वामी बार-बार सार्वजनिक बयान देकर खुद अपनी छवि खराब कर रहे हैं।
सबूत साझा करने की अपील
खड़गे ने कुमारस्वामी से अपील की कि यदि उनके पास मामले से संबंधित कोई जानकारी या सबूत है, तो वे उसे जांच एजेंसियों के साथ साझा करें। उन्होंने कहा, 'वे रोज़ ऐसे बयान देते हैं जिनमें दावा किया जाता है कि उनके पास कई मामलों की जानकारी है। चूंकि जांच चल रही है, इसलिए उन्हें वह जानकारी साझा करनी चाहिए। लेकिन अगर वे जिद करें कि जांच किसी खास तरीके से ही होनी चाहिए, तो ऐसा मुमकिन नहीं है।'
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कुमारस्वामी को पुलिस की गतिविधियों की इतनी जल्दी जानकारी कैसे मिल जाती है — क्या वे पुलिस कमिश्नर के दफ्तर या जांच अधिकारी के घर के बाहर नज़र रखे हुए हैं?
तीखी नोकझोंक और चेतावनी
खड़गे ने कुमारस्वामी के निजी हमलों पर कड़ा जवाब देते हुए कहा, 'आरएसएस मुझे नहीं डरा पाया, तो मैं आपसे क्यों डरूंगा?' साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि कुमारस्वामी के पद और उम्र का सम्मान करते हुए अब तक संयम बरता गया है, लेकिन यदि निजी हमले जारी रहे तो वे भी उसी भाषा में जवाब देंगे।
उन्होंने व्यंग्यात्मक ढंग से कहा, 'अगर मैं बोलना शुरू कर दूं, तो हो सकता है कि उन्हें एक और ओपन-हार्ट सर्जरी करानी पड़ जाए।' यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
आगे क्या होगा
यह विवाद कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार और जेडी(एस)-भाजपा गठबंधन के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आया है। जांच अभी चल रही है और अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। खड़गे ने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी राजनीतिक नेता द्वारा सुझाए गए नामों तक जांच को सीमित नहीं रखेगी — जांच के दौरान जिसका भी नाम उभरेगा, उससे पूछताछ हो सकती है।