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कर्नाटक सियासत: मंत्री बालकृष्ण ने कुमारस्वामी को बताया 'गिरगिट', शिवकुमार ने साधी चुप्पी

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कर्नाटक सियासत: मंत्री बालकृष्ण ने कुमारस्वामी को बताया 'गिरगिट', शिवकुमार ने साधी चुप्पी

सारांश

कर्नाटक में सियासी पारा चढ़ा — मंत्री बालकृष्ण ने कुमारस्वामी को 'गिरगिट' कहा, तो CM शिवकुमार ने हाथ जोड़कर 'अच्छी बातें हों' कहकर मौन साध लिया। कथित स्टिंग विवाद ने कांग्रेस और जेडी-एस को एक बार फिर आमने-सामने ला खड़ा किया है।

मुख्य बातें

नगर प्रशासन मंत्री एचसी बालकृष्ण ने मैसूरु में एचडी कुमारस्वामी को 'गिरगिट' कहकर बार-बार राजनीतिक रुख बदलने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कुमारस्वामी के हमलों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार किया, केवल 'अच्छी बातें हों' कहकर चले गए।
कुमारस्वामी ने शिवकुमार को 'स्टिंग सम्राट' कहा और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर राज्य तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
बालकृष्ण ने कहा कि कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया पर तब हमला किया जब वे सत्ता में थे, अब शिवकुमार को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।
जेडी-एस केंद्र में BJP की सहयोगी है, जो इस राज्य-स्तरीय विवाद को राष्ट्रीय आयाम देती है।

कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के बीच सियासी तकरार 15 अक्टूबर 2026 को और तीखी हो गई, जब नगर प्रशासन मंत्री एचसी बालकृष्ण ने केंद्रीय मंत्री व जेडी-एस नेता एचडी कुमारस्वामी को 'गिरगिट' कहकर उन पर बार-बार राजनीतिक रुख बदलने का आरोप लगाया। यह टकराव कर्नाटक में चल रहे कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जिसमें कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर राज्य तंत्र के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिवकुमार की 'मौन' प्रतिक्रिया

जब बेंगलुरु में मीडियाकर्मियों ने मुख्यमंत्री शिवकुमार से कुमारस्वामी के आरोपों पर प्रतिक्रिया माँगी, तो उन्होंने हाथ जोड़कर केवल इतना कहा: 'अच्छी बातें हों' — और कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने के लिए आगे बढ़ गए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवकुमार का यह मौन एक रणनीतिक चुप्पी है, जो विवाद को और हवा देने से बचने का प्रयास हो सकता है।

मंत्री बालकृष्ण का तीखा पलटवार

मैसूरु में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री बालकृष्ण ने कुमारस्वामी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा: 'गिरगिट की तरह, वे अपना रंग बदलते रहते हैं।' बालकृष्ण ने तर्क दिया कि कुमारस्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर उस समय तीखे हमले किए थे जब वे सत्ता में थे, लेकिन अब शिवकुमार के सत्ता में आने के बाद उनकी 'स्नेह बरसाने' की कोशिश कर रहे हैं। बालकृष्ण ने कहा: 'उनका यह स्नेह खतरनाक है, और इसीलिए मैंने उनसे दूरी बना ली है।'

कुमारस्वामी के आरोप और प्रेस कॉन्फ्रेंस विवाद

जेडी-एस नेता कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री शिवकुमार को 'स्टिंग सम्राट' कहते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस और राज्य तंत्र का इस्तेमाल उन्हें राजनीतिक तौर पर निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। बालकृष्ण ने कुमारस्वामी की रोज़ाना प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की आदत पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा: 'क्या कोई ऐसा मंत्री है जो हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करता हो? राजनीतिज्ञों को कुमारस्वामी से सीखना चाहिए कि अलग-अलग परिस्थितियों में कैसे बात की जाए।'

विवाद की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। गौरतलब है कि कुमारस्वामी का जेडी-एस केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सहयोगी है, जो इस पूरे विवाद को एक राष्ट्रीय राजनीतिक आयाम भी देती है। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी जेडी-एस-BJP गठबंधन के बीच यह आरोप-प्रत्यारोप आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।

आगे क्या

कर्नाटक विधानसभा में कथित स्टिंग ऑपरेशन का मुद्दा उठाए जाने की संभावना है। विपक्ष की माँग है कि इस पूरे विवाद की निष्पक्ष जाँच हो, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस फिलहाल टकराव से बचने की रणनीति पर चल रही है। शिवकुमार और कुमारस्वामी के बीच यह राजनीतिक द्वंद्व कर्नाटक की राजनीति को अगले कुछ हफ्तों तक गर्म रखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी जड़ें उस अस्थिर राजनीतिक जमीन में हैं जहाँ कांग्रेस को लगातार स्टिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझना पड़ रहा है। शिवकुमार की चुप्पी रणनीतिक हो सकती है, लेकिन यह उनकी पार्टी की बढ़ती रक्षात्मक मुद्रा को भी उजागर करती है। कुमारस्वामी का BJP के साथ केंद्र में गठबंधन और कर्नाटक में कांग्रेस पर हमला — यह दोहरी भूमिका उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, जिसे बालकृष्ण ने 'गिरगिट' के रूपक से कुशलता से भुनाया। असली सवाल यह है कि कथित स्टिंग ऑपरेशन की जाँच की माँग के बीच क्या कांग्रेस सरकार पारदर्शिता की पहल खुद करेगी, या विपक्ष को यह मुद्दा विधानसभा तक ले जाने का मौका देगी।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंत्री बालकृष्ण ने कुमारस्वामी को 'गिरगिट' क्यों कहा?
नगर प्रशासन मंत्री एचसी बालकृष्ण ने कुमारस्वामी पर बार-बार राजनीतिक रुख बदलने का आरोप लगाते हुए उन्हें 'गिरगिट' कहा। बालकृष्ण के अनुसार, कुमारस्वामी ने सत्ता में रहते सिद्धारमैया पर हमले किए, और अब शिवकुमार के सत्ता में आने पर उनसे नज़दीकी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
कर्नाटक में कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद क्या है?
कर्नाटक में एक कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें जेडी-एस नेता कुमारस्वामी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पुलिस व राज्य तंत्र का दुरुपयोग करके उन्हें राजनीतिक तौर पर निशाना बना रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।
CM शिवकुमार ने कुमारस्वामी के हमले पर क्या जवाब दिया?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मीडिया के सामने कुमारस्वामी के हमलों पर सीधी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। उन्होंने हाथ जोड़कर केवल 'अच्छी बातें हों' कहा और कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने चले गए।
इस विवाद में जेडी-एस और BJP के संबंध की क्या भूमिका है?
जेडी-एस केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन में है, जबकि कर्नाटक में वह कांग्रेस सरकार के खिलाफ आक्रामक है। यह दोहरी राजनीतिक स्थिति इस विवाद को एक राष्ट्रीय आयाम देती है और कुमारस्वामी की रणनीति पर सवाल खड़े करती है।
इस सियासी विवाद का आगे क्या होगा?
कर्नाटक विधानसभा में कथित स्टिंग ऑपरेशन का मुद्दा उठाए जाने की संभावना है। विपक्ष निष्पक्ष जाँच की माँग कर रहा है, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस फिलहाल टकराव से परहेज़ की रणनीति पर चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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