किशोरी पेडनेकर का RSS पर हमला: 'फासीवादी संगठन, देश संविधान से चलेगा, हिंदुत्व से नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता किशोरी पेडनेकर ने 3 नवंबर 2026 को मुंबई में अभिनेत्री दीया मिर्जा के पटाखों संबंधी बयान का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने RSS को 'फासीवादी विचारधारा वाला संगठन' करार दिया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह देश कानून और संविधान से चलेगा, न कि RSS या हिंदुत्व के विचारों से।
दीया मिर्जा के बयान पर BJP की आलोचना
पेडनेकर ने दीया मिर्जा के पटाखों पर दिए बयान का बचाव करते हुए कहा, 'दिवाली सब मनाते हैं, पटाखे सब जलाते हैं, मोमबत्ती सब लगाते हैं। दीया मिर्जा ने जो बोला, वह आजकल बहुत लोग बोलते हैं कि प्रदूषण बड़े पैमाने पर है, इसलिए ऐसे पटाखे जलाओ जिससे प्रदूषण ज़्यादा न हो। यह कहना कोई गलत बात नहीं है।' उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को भी हिंदू-मुसलमान में विभाजित करने की कोशिश कर रही है।
पेडनेकर ने BJP की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पार्टी के पास न रोज़गार देने का एजेंडा है, न शिक्षा का, न किसानों की मदद का और न ही अकाल खत्म करने का।
अमित शाह के 'घुसपैठिए' बयान पर पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठियों संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पेडनेकर ने कहा कि 'बड़े पैमाने पर साढ़े 13 करोड़ लोगों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर कर दिया — क्या वो सब घुसपैठिए हैं?' उन्होंने माँग की कि जो वास्तविक घुसपैठिए हों, उन्हें निकाला जाए, लेकिन नागरिकों को इस शब्द से संबोधित करना उचित नहीं है।
RSS को लेकर सख्त बयान
RSS पर सबसे कड़ा प्रहार करते हुए पेडनेकर ने कहा, 'आरएसएस की शाखा में उन्होंने क्या सीखा? द्वेष सीखा है। द्वेष के सिवा उनके दिमाग में कुछ नहीं है। वे फासीवादी लोग हैं। यह संगठन फासीवादी विचारधारा वाला संगठन है।' उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इसी संगठन में पले-बढ़े हैं। उनका दावा है कि 'यह देश कानून से चलेगा, संविधान से चलेगा — आरएसएस के विचारों से, हिंदुत्व के विचारों से बिल्कुल नहीं चलेगा।'
कोलकाता मस्जिद विवाद और NCP पर टिप्पणी
कोलकाता में बाबरी मस्जिद के नाम से मस्जिद बनाने की हुमायूं कबीर की टिप्पणी पर पेडनेकर ने कहा कि कबीर का बयान मुसलमानों को उकसाने का काम कर रहा है और उन्हें कथित तौर पर BJP का समर्थन हासिल है। उन्होंने ऐसी पार्टियों की आलोचना की जो धर्म और जाति के ज़रिए राजनीति करती हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में संभावित फूट की चर्चाओं पर पेडनेकर ने कहा कि गांधी-नेहरू और संविधान की विचारधारा को मानने वालों के लिए कांग्रेस में आना ही उचित होगा। उन्होंने शरद पवार के लिए भी यही सुझाव दिया, हालाँकि उनकी बीमारी के मद्देनज़र अधिक टिप्पणी करने से परहेज़ किया।
आगे क्या
पेडनेकर के ये बयान महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में आए हैं, जहाँ शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और NCP (शरदचंद्र पवार) गुट की महाविकास अघाड़ी, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को कड़ी टक्कर देने की कोशिश में है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार ऐसे बयान चुनावी ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।