'ऑपरेशन टाइगर' में BJP भी शामिल — किशोरी पेडनेकर का शिंदे गुट पर बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता किशोरी पेडनेकर ने 19 जून को मुंबई में आरोप लगाया कि 'ऑपरेशन टाइगर' केवल एकनाथ शिंदे की नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भी संयुक्त रणनीति है, जिसके ज़रिए महाराष्ट्र में लोकतंत्र को कमज़ोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, विपक्षी सांसदों और विधायकों के फंड रोककर उन्हें अपनी तरफ खींचा जा रहा है।
मुख्य आरोप: फंड रोककर दबाव की राजनीति
पेडनेकर ने कहा कि ओमराजे निंबालकर — जो जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं — ने खुद स्वीकार किया है कि उनके क्षेत्र के लिए फंड जारी नहीं किए जा रहे। उनके अनुसार, यह जनप्रतिनिधियों का अपमान है और जनता के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने कहा, 'राशि रोकने का मतलब है लोगों की आवाज़ दबाना — और फिर बाद में उन्हें अपनी तरफ लाना। क्या यही नैतिकता है?'
शिवसेना के 60 साल और 'गद्दारी' का सवाल
शिवसेना की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में पेडनेकर ने कहा कि एकनाथ शिंदे के गुट को सोशल मीडिया पर 'गद्दार' कहा जा रहा है और यह उचित ही है। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट को अलग हुए पाँच साल हो गए हैं, लेकिन असली शिवसेना वही है जो उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व में काम कर रही है। उनके शब्दों में, 'जो वर्षों से काम कर रहे हैं, वे उद्धव जी हैं — और हम उनके साथ हैं।'
छह सांसदों के शामिल होने पर प्रतिक्रिया
हाल ही में छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने और राजनीतिक दलबदल से जुड़े आरोपों पर पेडनेकर ने कहा कि पूरे देश में राजनीतिक नैतिकता का पतन हुआ है। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बयान का संदर्भ देते हुए कहा कि वे उसे दोहराने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन उनका सार यह है कि 'लोग सिर्फ फंड — यानी पैसे — के लिए पाला बदल रहे हैं।'
BEST कर्मचारी हड़ताल पर BJP पर निशाना
BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) कर्मचारियों की चल रही हड़ताल पर पेडनेकर ने BJP को सीधे ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि चार-छह महीने पहले BEST के चुनाव के दौरान BJP नेता घर-घर जाकर वादे करते रहे, लोगों ने उन पर भरोसा किया और मतदान किया। अब वही कर्मचारी निराश हैं और हड़ताल पर हैं। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कर्मचारियों की माँगें पूरी की जाएँगी।
महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर जारी यह बयानबाज़ी आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में जुटे हैं।