14 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक में तीसरे मुख्यमंत्री की अटकलें: विजयेंद्र बोले — कांग्रेस का आंतरिक सत्ता संघर्ष स्टिंग विवाद से बड़ा

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कर्नाटक में तीसरे मुख्यमंत्री की अटकलें: विजयेंद्र बोले — कांग्रेस का आंतरिक सत्ता संघर्ष स्टिंग विवाद से बड़ा

सारांश

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने दावा किया कि चल रहा स्टिंग ऑपरेशन विवाद दरअसल कांग्रेस के भीतर सत्ता-संघर्ष का नतीजा है और सिद्धारमैया को दरकिनार करने की कोशिशें हो रही हैं। तीसरे मुख्यमंत्री की अटकलों ने कर्नाटक की सियासत को गर्मा दिया है।

मुख्य बातें

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र ने 14 अक्टूबर 2026 को शिवमोग्गा में आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को दरकिनार करने की कोशिशें हो रही हैं।
विजयेंद्र के अनुसार स्टिंग ऑपरेशन विवाद कांग्रेस के आंतरिक सत्ता संघर्ष का नतीजा हो सकता है।
उन्होंने चेताया कि कांग्रेस शासन में तीसरे मुख्यमंत्री की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राजन्ना समेत कांग्रेस नेताओं के बयानों पर विजयेंद्र ने सवाल उठाए।
विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि 20 से 25 विधायकों के भाजपा में शामिल होने की बात को सरकार गिराने की रणनीति न समझा जाए।
भाजपा की इच्छा है कि कांग्रेस सरकार कम से कम एक और वर्ष सत्ता में बनी रहे।

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को शिवमोग्गा में आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राजनीतिक रूप से दरकिनार करने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने यह भी संदेह व्यक्त किया कि राज्य में चल रहे स्टिंग ऑपरेशन विवाद की जड़ें कांग्रेस के आंतरिक सत्ता संघर्ष में हो सकती हैं। विजयेंद्र ने कहा कि यदि यही हालात रहे तो कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के तहत तीसरा मुख्यमंत्री देखना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

मुख्य आरोप और दावे

विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को स्वयं यह स्पष्ट करना चाहिए कि स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कौन था, इसे किसने अंजाम दिया और इसका निर्देश कहाँ से आया। उनके अनुसार पार्टी के मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने इस विवाद से जुड़े आरोपों को अभी तक स्पष्ट रूप से खारिज नहीं किया है।

पूर्व मंत्री के.एन. राजन्ना सहित कांग्रेस नेताओं के हालिया बयानों का हवाला देते हुए विजयेंद्र ने कहा कि इन बयानों से सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर की स्थिति पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का अदालत से निषेधाज्ञा प्राप्त करने का निर्णय इस आंतरिक खींचतान का ही एक पहलू है।

मंत्रियों और विधायकों में बेचैनी का माहौल

विजयेंद्र के अनुसार, कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों के बीच संदेह और चिंता का माहौल बन गया है। उनका आरोप है कि पार्टी के जनप्रतिनिधि इस बात को लेकर आशंकित हैं कि कहीं वे स्टिंग ऑपरेशन का अगला निशाना न बन जाएँ, और इससे भी बड़ी आशंका यह है कि इसके पीछे उनकी अपनी पार्टी के लोग हो सकते हैं। गौरतलब है कि यह आंतरिक अविश्वास किसी भी गठबंधन सरकार के लिए दीर्घकालिक स्थिरता की दृष्टि से गंभीर संकेत है।

तीसरे मुख्यमंत्री की अटकलें

विजयेंद्र ने दोहराया कि यदि कांग्रेस के भीतर आंतरिक सत्ता संघर्ष इसी गति से जारी रहा तो राज्य में कांग्रेस शासन के दौरान तीसरा मुख्यमंत्री बनना असंभव नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संभावना को हल्के में नहीं लेना चाहिए और यह देखना बाकी है कि सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर यह भ्रम आगे और कितना गहरा सकता है।

भाजपा की 'सरकार गिराने की मंशा नहीं' — विजयेंद्र का स्पष्टीकरण

अन्य दलों के 20 से 25 विधायकों के भाजपा में शामिल होने संबंधी अपनी पिछली टिप्पणी को स्पष्ट करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि इसे भाजपा की सरकार को अस्थिर करने की रणनीति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की इच्छा है कि कांग्रेस सरकार कम से कम एक और वर्ष सत्ता में बनी रहे, क्योंकि उस सरकार का जनता से किए गए वादों को पूरा करने का दायित्व है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक कांग्रेस पहले से ही कई विवादों से घिरी हुई है। स्टिंग ऑपरेशन का यह मामला हाल के हफ्तों में राज्य की राजनीति में सबसे बड़ा विवाद बनकर उभरा है। भाजपा का यह आरोप कि पार्टी के भीतर ही यह विवाद पैदा किया गया, विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है जिसमें कांग्रेस की आंतरिक दरारों को सार्वजनिक बहस में केंद्र में लाया जा रहा है। कांग्रेस ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यदि कांग्रेस जल्द सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं देती तो यह कथा अपनी जड़ें जमा सकती है। उल्लेखनीय यह भी है कि भाजपा ने 'सरकार गिराने की इच्छा नहीं' कहते हुए भी दबाव की राजनीति बरकरार रखी है — यह वह रणनीति है जिसमें विपक्ष खुद को जिम्मेदार दिखाते हुए सत्ता पक्ष पर अस्थिरता का ठीकरा फोड़ता है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बी.वाई. विजयेंद्र ने कर्नाटक में तीसरे मुख्यमंत्री की बात क्यों कही?
विजयेंद्र ने कहा कि यदि कांग्रेस के भीतर आंतरिक सत्ता संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो कांग्रेस शासन में तीसरा मुख्यमंत्री बनना आश्चर्यजनक नहीं होगा। उनके मुताबिक स्टिंग ऑपरेशन विवाद पार्टी की अंदरूनी खींचतान का परिणाम हो सकता है।
कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद क्या है?
यह कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस से जुड़ा एक विवाद है जिसमें स्टिंग ऑपरेशन की भूमिका पर सवाल उठे हैं। भाजपा का आरोप है कि यह ऑपरेशन कांग्रेस के भीतरी सत्ता-संघर्ष से प्रेरित था, हालांकि कांग्रेस ने इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
क्या भाजपा कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को गिराना चाहती है?
विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि अन्य दलों के 20 से 25 विधायकों के भाजपा में शामिल होने की बात को सरकार गिराने की रणनीति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि कांग्रेस सरकार कम से कम एक और वर्ष सत्ता में बनी रहे।
के.एन. राजन्ना के बयानों पर विजयेंद्र ने क्या कहा?
विजयेंद्र ने पूर्व मंत्री के.एन. राजन्ना सहित कांग्रेस नेताओं के हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा कि इनसे सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर की स्थिति पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने स्टिंग विवाद से जुड़े आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज नहीं किया।
कर्नाटक में अब तक कितने मुख्यमंत्री रह चुके हैं और विजयेंद्र तीसरे की बात क्यों कर रहे हैं?
वर्तमान कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में सरकार चल रही है। विजयेंद्र का इशारा है कि आंतरिक दबाव बढ़ने पर नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है, जो कांग्रेस शासनकाल में तीसरे मुख्यमंत्री की स्थिति पैदा करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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