22 अक्टूबर 2026
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स्टिंग ऑपरेशन विवाद के बीच CM शिवकुमार का दिल्ली दौरा, कर्नाटक में राजनीतिक हलचल तेज

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स्टिंग ऑपरेशन विवाद के बीच CM शिवकुमार का दिल्ली दौरा, कर्नाटक में राजनीतिक हलचल तेज

सारांश

स्टिंग ऑपरेशन विवाद से घिरी कर्नाटक कांग्रेस सरकार के बीच CM शिवकुमार का अचानक दिल्ली दौरा महज़ सरकारी एजेंडे तक सीमित नहीं लग रहा। कुमारस्वामी के सीधे आरोप और सिद्दारमैया का न्यायालय-शरण — यह विवाद कर्नाटक की सत्ता की अंदरूनी दरारों को उजागर कर रहा है।

मुख्य बातें

शिवकुमार 22 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुँचे — सिद्दारमैया को निशाना बनाने वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद के ठीक बीच।
आधिकारिक बैठकें केंद्रीय मंत्रियों भूपेंद्र यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया से; एजेंडे में मेकेदातु परियोजना , कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और महादायी जल विवाद शामिल।
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी स्टिंग विवाद पर चर्चा कर सकते हैं।
सिद्दारमैया ने न्यायालय से मीडिया को वीडियो प्रकाशन से रोकने का आदेश हासिल किया; पुलिस में शिकायत भी दर्ज।
केंद्रीय मंत्री एचडी.
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि वीडियो जारी करने के पीछे शिवकुमार का हाथ है; JDS कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बेंगलुरु पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके. शिवकुमार गुरुवार, 22 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुँचे — ऐसे समय में जब कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के सदस्य एवं पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाने वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर राज्य की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। इस दौरे ने कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर और पार्टी के बाहर एक साथ कई अटकलों को जन्म दे दिया है।

दौरे का आधिकारिक एजेंडा

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, शिवकुमार की केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया से मुलाकात तय थी। इन बैठकों में मेकेदातु परियोजना, पश्चिमी घाट पर कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और महादायी नदी जल विवाद जैसे कर्नाटक से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद थी। मुख्यमंत्री का गुरुवार रात 10:25 बजे बेंगलुरु लौटने का कार्यक्रम था।

स्टिंग ऑपरेशन विवाद की पृष्ठभूमि

कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी मिल सकते हैं और स्टिंग ऑपरेशन से उपजे घटनाक्रम तथा पार्टी की छवि पर इसके संभावित असर पर चर्चा कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि सिद्दारमैया इस कथित स्टिंग ऑपरेशन से काफी आहत हैं। उन्होंने न्यायालय से एक आदेश प्राप्त किया है, जिसके तहत मीडिया संगठनों को उनसे जुड़े वीडियो कंटेंट प्रकाशित करने से रोका गया है। इसके साथ ही उन्होंने इस सामग्री को प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की माँग करते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।

कुमारस्वामी का पलटवार और राजनीतिक तनाव

केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी. कुमारस्वामी ने आरोप लगाया है कि सिद्दारमैया से जुड़ा वीडियो जारी करने के पीछे स्वयं शिवकुमार का हाथ है। इस आरोप ने कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के बीच राजनीतिक तनाव को और गहरा कर दिया है। कुमारस्वामी ने सिद्दारमैया की शिकायत के आधार पर जेडी (एस) कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई और बेंगलुरु पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री शिवकुमार और कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के खिलाफ कड़े बयान दिए हैं। उन्होंने गुरुवार को जेडी (एस) मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, लेकिन मंत्रालय से जुड़े आधिकारिक कार्य का हवाला देते हुए इसे टाल दिया।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार पिछले कुछ महीनों से भीतरी खींचतान के संकेत देती रही है। शिवकुमार और सिद्दारमैया के बीच सत्ता-संतुलन को लेकर अटकलें नई नहीं हैं। ऐसे में स्टिंग ऑपरेशन विवाद ने इन अंतर्विरोधों को और उजागर कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कई बड़े बुनियादी ढाँचा विवाद — मेकेदातु और महादायी — अभी भी अनसुलझे हैं।

आगे की राह

मुख्यमंत्री शिवकुमार के दिल्ली दौरे के नतीजे — चाहे वे केंद्रीय मंत्रियों के साथ विकास परियोजनाओं पर हों या पार्टी नेतृत्व के साथ आंतरिक संकट-प्रबंधन पर — आने वाले दिनों में कर्नाटक कांग्रेस की आंतरिक स्थिरता और राज्य सरकार की दिशा तय करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सत्तारूढ़ गठबंधन की आंतरिक जवाबदेही का सवाल है। यह ऐसे समय में है जब सिद्दारमैया मूडा घोटाले की छाया से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, और नया विवाद उस प्रक्रिया को और जटिल बना सकता है। पार्टी नेतृत्व यदि इस संकट को केवल 'बाहरी षड्यंत्र' के ढाँचे में पेश करती रही, तो जनता के बीच विश्वसनीयता का संकट और गहरा होने का जोखिम है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM शिवकुमार का दिल्ली दौरा किस विवाद के बीच हुआ?
यह दौरा उस कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर मचे घमासान के बीच हुआ, जो पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाने वाला बताया जा रहा है। सिद्दारमैया ने इस मामले में न्यायालय से मीडिया पर प्रतिबंध का आदेश लिया है और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
शिवकुमार दिल्ली में किन केंद्रीय मंत्रियों से मिले?
उनकी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया से बैठकें तय थीं। इनमें मेकेदातु परियोजना, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और महादायी नदी जल विवाद पर चर्चा होने की उम्मीद थी।
कुमारस्वामी ने शिवकुमार पर क्या आरोप लगाया?
केंद्रीय मंत्री एचडी. कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया से जुड़ा वीडियो जारी करने के पीछे मुख्यमंत्री शिवकुमार का हाथ है। इस आरोप के बाद कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
सिद्दारमैया ने स्टिंग ऑपरेशन मामले में क्या कानूनी कदम उठाए?
सिद्दारमैया ने न्यायालय से एक आदेश प्राप्त किया है, जिसके तहत मीडिया संगठनों को उनसे जुड़े वीडियो कंटेंट प्रकाशित करने से रोका गया है। साथ ही उन्होंने इस सामग्री को प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग करते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
क्या शिवकुमार का दिल्ली दौरा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व से जुड़ा है?
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी मिल सकते हैं और स्टिंग विवाद से उपजे राजनीतिक घटनाक्रम तथा पार्टी की छवि पर इसके संभावित असर पर विचार-विमर्श कर सकते हैं। हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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