कर्नाटक: CM शिवकुमार को फंसाने की कोशिश, मंत्री जारकीहोली का बड़ा दावा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली ने 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि एक निजी एजेंसी से जुड़े उत्तर भारत के कुछ लोग मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिए फंसाने की कोशिश कर रहे थे। जारकीहोली के अनुसार, शिवकुमार ने स्वयं कैबिनेट बैठक में यह जानकारी साझा की और मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को सतर्क रहने की हिदायत दी।
कैबिनेट में हुई चर्चा
जारकीहोली ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कैबिनेट की बैठक के दौरान इस कथित घटनाक्रम की जानकारी अपने सहयोगियों को दी। शिवकुमार ने मंत्रियों से कहा कि यह कोशिश केवल उन तक सीमित नहीं थी और आगे चलकर दूसरे कैबिनेट सदस्यों से भी संपर्क किया जा सकता है।
जारकीहोली के शब्दों में, 'मुख्यमंत्री ने हमें बताया कि उत्तर भारत के कुछ लोग उन्हें फंसाने आए थे। सीएम ने कहा कि उन्होंने उन्हें फंसाने की कोशिश की थी और हमें चेतावनी दी कि वे कैबिनेट मंत्रियों से भी संपर्क कर सकते हैं। सीएम शिवकुमार ने हम सभी से सावधान रहने को कहा।'
निजी एजेंसी की भूमिका का दावा
मंत्री जारकीहोली ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह स्टिंग ऑपरेशन किसी सरकारी एजेंसी द्वारा नहीं, बल्कि एक निजी एजेंसी द्वारा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'अभी जानकारी यह है कि एक निजी एजेंसी स्टिंग कर रही है और कांग्रेस नेताओं को फंसाने की कोशिश कर रही है। यह कोई सरकारी एजेंसी नहीं है।'
जारकीहोली ने एक सांकेतिक टिप्पणी में कहा, 'जब रसगुल्ला, मद्दुर वड़ा और मुलबागल डोसा जैसे व्यंजन परोसे जाते हैं, तो सावधान रहना पड़ता है' — जो कि आम बातचीत के बहाने संपर्क किए जाने की आशंका की ओर इशारा था।
भाजपा पर निशाना, भ्रष्टाचार से इनकार
मंत्री ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के विरुद्ध भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस घटनाक्रम की अपनी व्याख्या कर सकती है, लेकिन यह मामला भ्रष्टाचार का नहीं है। जारकीहोली ने कहा, 'बेगुनाह लोगों को फंसाया नहीं जाना चाहिए, न ही उन पर आरोप लगाए जाने चाहिए, और न ही उन्हें जाल में फंसाया जाना चाहिए।'
गौरतलब है कि विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सत्ताधारी पार्टी अन्य विवादों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पिछले कुछ महीनों से कई राजनीतिक दबावों का सामना कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता-विरोधी माहौल और अंदरूनी मतभेदों की चर्चाएँ राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ बन रही हैं। कथित स्टिंग ऑपरेशन की यह जानकारी राज्य की राजनीति में नया तनाव पैदा कर सकती है।
आगे की स्थिति
जारकीहोली ने कहा कि सरकार प्रतीक्षा करेगी और देखेगी कि यह कथित अभियान आगे किस दिशा में बढ़ता है। उन्होंने स्वीकार किया, 'मामला हमारे हाथ में नहीं है। इस संबंध में मेरे पास सीमित जानकारी है।' मंत्रियों को यह सलाह दी गई है कि वे अपनी बातचीत में सतर्कता बरतें। राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक शिकायत या जाँच के संकेत नहीं दिए गए हैं।