कर्नाटक BJP का दावा: स्टिंग ऑपरेशन को लेकर CM शिवकुमार चिंतित, क्योंकि वे खुद पहले शामिल रहे
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कांग्रेस मंत्रियों को निशाना बनाकर किए जा रहे कथित स्टिंग ऑपरेशनों को लेकर इसलिए चिंतित हैं, क्योंकि वे स्वयं पहले ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। चित्रदुर्ग में पत्रकारों से बात करते हुए अशोक ने कहा कि मुख्यमंत्री की आशंका उनकी अपनी मानसिकता को उजागर करती है।
मुख्य आरोप और पृष्ठभूमि
यह विवाद तब उठा जब कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कथित तौर पर यह चिंता ज़ाहिर की कि BJP और जनता दल (सेक्युलर) — जेडी(एस) — कांग्रेस मंत्रियों को निशाना बनाकर स्टिंग ऑपरेशन करवा सकते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक ने कहा कि स्टिंग ऑपरेशनों की चिंता इसलिए है क्योंकि शिवकुमार स्वयं पहले इसमें संलिप्त रह चुके हैं।
अशोक ने तीखे शब्दों में कहा, 'चोर की मानसिकता हमेशा संदेहपूर्ण होती है' — और आरोप लगाया कि यह शिवकुमार की अपनी पुरानी आदत है, जिसका उपदेश वे अब अपने सहयोगियों को दे रहे हैं।
कांग्रेस पर 'डूबती नाव' का आरोप
अशोक ने दावा किया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार एक 'डूबती हुई नाव' बन चुकी है। उनके अनुसार, पार्टी के अपने विधायक जानते हैं कि वे अगला विधानसभा चुनाव जीतने में सक्षम नहीं होंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और शिवकुमार ने विधायकों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं दी, जिसके कारण कई कांग्रेस विधायक दल-बदल कर BJP में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं और BJP नेताओं से संपर्क साध रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री गौड़ा की प्रतिक्रिया
बेंगलुरु में इस विषय पर पूर्व मुख्यमंत्री डीवी. सदानंद गौड़ा ने कहा कि वे कांग्रेस सरकार के आंतरिक प्रशासन पर सीधी टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालाँकि, उन्होंने यह ज़रूर कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि शिवकुमार कुछ और दिनों तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहना चाहते हैं।
गौड़ा ने जोड़ा कि शिवकुमार को यह चिंता सता रही है कि यदि उनके मंत्री भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े जाते हैं, तो उसका राजनीतिक खामियाज़ा अंततः उन्हें स्वयं भुगतना पड़ सकता है।
BJP MLC रवि की तीखी आलोचना
BJP विधान परिषद सदस्य (MLC) सीटी रवि ने भी इस मुद्दे पर शिवकुमार को घेरा। रवि ने कहा कि मुख्यमंत्री को मंत्रियों को 'पकड़े न जाने की सलाह' देने के बजाय उन्हें ईमानदारी से काम करने का निर्देश देना चाहिए था।
बेंगलुरु में रवि ने कहा कि मंत्रियों को इस तरह चेताना — जैसे कोई अनुभवी चोर दूसरे चोरों को चोरी के गुर सिखाए — सर्वथा अनुचित है। उन्होंने शिवकुमार से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार-विरोधी रुख से प्रेरणा लेते हुए मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दें कि न वे भ्रष्टाचार करेंगे और न ही दूसरों को करने देंगे।
सूखे पर भी विपक्ष का हमला
अशोक ने कांग्रेस सरकार की सूखे की स्थिति से निपटने की क्षमता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के अपने नेताओं और विधायकों ने भी इस मामले में अपनी ही सरकार के प्रति असंतोष प्रकट किया है, जो सरकार के भीतर बढ़ती बेचैनी का संकेत है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर कई मोर्चों पर दबाव बढ़ रहा है। आने वाले हफ्तों में इन आरोपों पर कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और विधानसभा की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।