कर्नाटक: BJP का आरोप — CM शिवकुमार ने सिद्दारमैया पर दोष मढ़ने को लीक कराया वित्त विभाग का पत्र
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने 25 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्वयं वित्त विभाग का गोपनीय सलाह-पत्र लीक कराया, ताकि राज्य की बिगड़ती वित्तीय स्थिति की जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर डाली जा सके। BJP का यह हमला ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक सरकार पर लंबित बिलों और राजकोषीय घाटे को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पत्र लीक पर BJP का आरोप
अशोक ने सवाल किया, 'फंड की कमी को लेकर वित्त विभाग का सलाह वाला पत्र अब क्यों लीक हुआ? यह बताने के लिए कि सिद्दारमैया ने धोखा दिया और सरकारी खजाना खाली कर दिया, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने खुद यह पत्र लीक कराया।' उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार का गोपनीय सरकारी पत्र बिना उच्चस्तरीय सहमति के सार्वजनिक नहीं हो सकता — इसके पीछे या तो मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव का हाथ होगा।
अशोक ने कहा कि यह पूरा प्रकरण सिद्दारमैया के लिए शर्मिंदगी का कारण बनाया जा रहा है, जबकि असली मुद्दा यह है कि वर्तमान सरकार राज्य को कर्ज के जाल में धकेल रही है। उन्होंने दावा किया कि वित्त विभाग के अनुसार ₹2 लाख करोड़ के बिल अभी भी लंबित हैं।
सूखा राहत पर किसानों के साथ 'अन्याय'
अशोक ने सूखा राहत को लेकर कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान किसानों को अधिक मुआवजे या कर्ज माफी की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें महज ₹2,500 प्रति एकड़ दिए गए।
अशोक ने दावा किया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसानों को ₹8,000 प्रति एकड़ मिलने चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि देश में कोरोना महामारी या युद्ध जैसी कोई वित्तीय आपातस्थिति नहीं है, जिससे इस कटौती को उचित ठहराया जा सके।
केंद्र की तुलना और आँकड़ों की दलील
अशोक ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने कर्नाटक को 2015 से 2025 के बीच ₹16,071 करोड़ की सहायता दी, जो UPA सरकार के समय की तुलना में कहीं अधिक है। इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से ₹4,500 करोड़ अलग से दिए गए।
गौरतलब है कि अशोक ने पिछली BJP सरकार के कार्यकाल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि तब केंद्र की निर्धारित दरों के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया गया था और अब भी वही मानक लागू होने चाहिए।
टनल रोड परियोजना पर सवाल
अशोक ने बेंगलुरु में प्रस्तावित टनल रोड परियोजना पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि इस परियोजना पर खर्च होने वाली राशि किसानों को सूखा राहत देने में उपयोग की जा सकती थी। उन्होंने चेतावनी दी कि BJP इस पूरे मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और यदि सरकार किसानों को पर्याप्त राहत देने में विफल रही तो उसे इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने होंगे।
कांग्रेस विधायकों में असंतोष का दावा
अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के अपने विधायक ही सरकार से नाखुश हैं और शिवकुमार सरकार के पहले 100 दिनों में कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं रही। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर अटकलें पहले से चल रही हैं।
वित्त विभाग के पत्र लीक मामले में सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, जबकि BJP के आरोपों ने विधानसभा के बाहर सियासी माहौल को गरमा दिया है।