शिवकुमार का बड़ा दावा: CM बनते ही स्टिंग ऑपरेशन से फंसाने की हुई कोशिश, सबूत मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उन्हें कथित स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिए फंसाने की साज़िश रची गई थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में उनके पास तस्वीरें और दस्तावेज़ मौजूद हैं, और उन्होंने संबंधित जानकारी पुलिस को भी दे दी है।
मुख्य आरोप और दावे
शिवकुमार ने कहा, 'मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझे फंसाने की कोशिश की गई। कुछ लोग मेरे पास आए थे। मेरे पास तस्वीरें हैं। मुझे पता है कि इन स्टिंग ऑपरेशन का सूत्रधार कौन है।' उन्होंने आगे कहा कि उनके इर्द-गिर्द तीन स्तरीय घेरा बनाया गया है और कथित ऑपरेशन के लिए कुछ लोगों को विशेष रूप से काम पर लगाया गया था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन लोगों ने उन्हें निशाना बनाया, उनकी पहचान, उनसे संपर्क की विधि और कार्यप्रणाली — सबकी जानकारी उनके पास है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझे निशाना बनाया है और वे मेरे जरिए स्टिंग ऑपरेशन शुरू करना चाहते हैं। इसे साबित करने के लिए मेरे पास सारे सबूत हैं।'
पुलिस को सूचना, अधिकारियों को चेतावनी
शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने पुलिस को इस कथित साज़िश की जानकारी दे दी है और सभी दस्तावेज़ सुरक्षित रखे गए हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने पुलिस को इसकी जानकारी दी है और मुख्यमंत्री बनने के बाद कुछ लोगों के मेरे पास आने से संबंधित सभी दस्तावेज़ सुरक्षित रखे हैं।'
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने सरकारी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि उनके अनुसार ऐसे कथित ऑपरेशनों में अफ़सरों को भी अनावश्यक रूप से फंसाया जा सकता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और विरोधियों की प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि यह विवाद उस समय सामने आया जब शिवकुमार ने कथित तौर पर एक कैबिनेट बैठक में आशंका जताई थी कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेकुलर) — JD(S) कांग्रेस मंत्रियों को निशाना बनाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन का सहारा ले सकते हैं।
केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बुधवार, 7 अक्टूबर को शिवकुमार पर पलटवार करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री ने खुद अपने कैबिनेट सहयोगियों को अपनी गतिविधियों और मुलाकातों के दौरान सावधान रहने की हिदायत दी थी। कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि स्टिंग ऑपरेशन कर उसका इस्तेमाल ब्लैकमेल के लिए करने का इतिहास कांग्रेस के साथ रहा है।
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ BJP नेता आर. अशोक ने दावा किया कि शिवकुमार इस मुद्दे पर इसलिए चिंतित हैं क्योंकि वह पहले खुद इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं — हालाँकि शिवकुमार ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है।
शिवकुमार का जवाब: 'मैं यूं ही कोई बात नहीं करता'
शिवकुमार ने एक कन्नड़ कहावत का हवाला देते हुए कहा कि अपराध करने के बाद भी कुछ लोग यह जताते हैं जैसे उनकी करतूत किसी को पता ही नहीं चली। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं कर सकते, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर हर सबूत पेश करने में सक्षम हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कथित स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने वालों की भी उन्हें जानकारी है। शिवकुमार ने कहा, 'मुझे पता है कि इसके पीछे कौन है और इन स्टिंग ऑपरेशन के लिए पैसा कौन दे रहा है।'
आगे क्या होगा
पुलिस को सूचना मिल चुकी है और दस्तावेज़ सुरक्षित रखे जाने का दावा है, लेकिन अब तक किसी के नाम का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। यह देखना अहम होगा कि क्या शिवकुमार आने वाले दिनों में किसी नाम या सबूत को सार्वजनिक करते हैं, और क्या पुलिस इस मामले में औपचारिक जाँच शुरू करती है। कर्नाटक की राजनीति में यह टकराव सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BJP-JD(S) के बीच आरोप-प्रत्यारोप के एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है।