8 अक्टूबर 2026
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शिवकुमार का बड़ा दावा: CM बनते ही स्टिंग ऑपरेशन से फंसाने की हुई कोशिश, सबूत मौजूद

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शिवकुमार का बड़ा दावा: CM बनते ही स्टिंग ऑपरेशन से फंसाने की हुई कोशिश, सबूत मौजूद

सारांश

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का दावा — पद संभालते ही स्टिंग ऑपरेशन का जाल बिछा दिया गया। सबूत पुलिस को सौंपे, सूत्रधार की पहचान कथित तौर पर उनके पास। BJP और JD(S) ने पलटवार किया, कर्नाटक की राजनीति में नया तूफान।

मुख्य बातें

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार ने 8 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि CM बनने के बाद उन्हें कथित स्टिंग ऑपरेशन से फंसाने की साज़िश हुई।
शिवकुमार के अनुसार उनके पास तस्वीरें और दस्तावेज़ मौजूद हैं और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी है।
उन्होंने दावा किया कि उनके आसपास तीन स्तर का घेरा बनाया गया और कथित ऑपरेशन के फंडर की भी जानकारी उनके पास है।
केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी और कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र ने शिवकुमार पर पलटवार किया।
अशोक ने आरोप लगाया कि शिवकुमार खुद ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं — जिसे शिवकुमार ने नकारा।
अब तक किसी भी संदिग्ध का आधिकारिक नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उन्हें कथित स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिए फंसाने की साज़िश रची गई थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में उनके पास तस्वीरें और दस्तावेज़ मौजूद हैं, और उन्होंने संबंधित जानकारी पुलिस को भी दे दी है।

मुख्य आरोप और दावे

शिवकुमार ने कहा, 'मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझे फंसाने की कोशिश की गई। कुछ लोग मेरे पास आए थे। मेरे पास तस्वीरें हैं। मुझे पता है कि इन स्टिंग ऑपरेशन का सूत्रधार कौन है।' उन्होंने आगे कहा कि उनके इर्द-गिर्द तीन स्तरीय घेरा बनाया गया है और कथित ऑपरेशन के लिए कुछ लोगों को विशेष रूप से काम पर लगाया गया था।

उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन लोगों ने उन्हें निशाना बनाया, उनकी पहचान, उनसे संपर्क की विधि और कार्यप्रणाली — सबकी जानकारी उनके पास है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझे निशाना बनाया है और वे मेरे जरिए स्टिंग ऑपरेशन शुरू करना चाहते हैं। इसे साबित करने के लिए मेरे पास सारे सबूत हैं।'

पुलिस को सूचना, अधिकारियों को चेतावनी

शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने पुलिस को इस कथित साज़िश की जानकारी दे दी है और सभी दस्तावेज़ सुरक्षित रखे गए हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने पुलिस को इसकी जानकारी दी है और मुख्यमंत्री बनने के बाद कुछ लोगों के मेरे पास आने से संबंधित सभी दस्तावेज़ सुरक्षित रखे हैं।'

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने सरकारी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि उनके अनुसार ऐसे कथित ऑपरेशनों में अफ़सरों को भी अनावश्यक रूप से फंसाया जा सकता है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और विरोधियों की प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि यह विवाद उस समय सामने आया जब शिवकुमार ने कथित तौर पर एक कैबिनेट बैठक में आशंका जताई थी कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेकुलर) — JD(S) कांग्रेस मंत्रियों को निशाना बनाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन का सहारा ले सकते हैं।

केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बुधवार, 7 अक्टूबर को शिवकुमार पर पलटवार करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री ने खुद अपने कैबिनेट सहयोगियों को अपनी गतिविधियों और मुलाकातों के दौरान सावधान रहने की हिदायत दी थी। कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि स्टिंग ऑपरेशन कर उसका इस्तेमाल ब्लैकमेल के लिए करने का इतिहास कांग्रेस के साथ रहा है।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ BJP नेता आर. अशोक ने दावा किया कि शिवकुमार इस मुद्दे पर इसलिए चिंतित हैं क्योंकि वह पहले खुद इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं — हालाँकि शिवकुमार ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है।

शिवकुमार का जवाब: 'मैं यूं ही कोई बात नहीं करता'

शिवकुमार ने एक कन्नड़ कहावत का हवाला देते हुए कहा कि अपराध करने के बाद भी कुछ लोग यह जताते हैं जैसे उनकी करतूत किसी को पता ही नहीं चली। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं कर सकते, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर हर सबूत पेश करने में सक्षम हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कथित स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने वालों की भी उन्हें जानकारी है। शिवकुमार ने कहा, 'मुझे पता है कि इसके पीछे कौन है और इन स्टिंग ऑपरेशन के लिए पैसा कौन दे रहा है।'

आगे क्या होगा

पुलिस को सूचना मिल चुकी है और दस्तावेज़ सुरक्षित रखे जाने का दावा है, लेकिन अब तक किसी के नाम का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। यह देखना अहम होगा कि क्या शिवकुमार आने वाले दिनों में किसी नाम या सबूत को सार्वजनिक करते हैं, और क्या पुलिस इस मामले में औपचारिक जाँच शुरू करती है। कर्नाटक की राजनीति में यह टकराव सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BJP-JD(S) के बीच आरोप-प्रत्यारोप के एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब तक न कोई नाम, न कोई औपचारिक FIR। 'सबूत हैं' और 'पुलिस को बताया' के बीच की यह अस्पष्टता खुद एक सवाल उठाती है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से भ्रष्टाचार के आरोपों के दबाव में है; ऐसे में स्टिंग ऑपरेशन की आशंका को हवा देना विपक्ष की आक्रामकता को कुंद करने की रणनीति भी हो सकती है। दूसरी तरफ, यदि दावे सच निकले तो यह राज्य की राजनीति में एक गंभीर नैतिक संकट को उजागर करेगा। मुख्यधारा की कवरेज में जो बात छूट रही है वह यह है कि शिवकुमार ने खुद कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को सावधान किया था — जो बताता है कि ख़तरे की आशंका उन्हें पहले से थी, और अब सार्वजनिक बयान उसकी अगली कड़ी है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डी.के. शिवकुमार ने स्टिंग ऑपरेशन को लेकर क्या दावा किया है?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने दावा किया है कि CM बनने के बाद उन्हें कथित स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिए फंसाने की कोशिश की गई। उनके अनुसार उनके पास इस बारे में तस्वीरें व दस्तावेज़ मौजूद हैं और उन्होंने पुलिस को भी जानकारी दे दी है।
शिवकुमार के अनुसार कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कौन है?
शिवकुमार ने कहा कि उन्हें सूत्रधार की पहचान है और यह कुछ 'नेताओं' द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन उन्होंने अब तक किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन के लिए पैसा देने वाले की जानकारी भी उनके पास है।
BJP और JD(S) ने इस मामले पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शिवकुमार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने खुद अपने मंत्रियों को सावधान किया था। BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि स्टिंग और ब्लैकमेल का इतिहास कांग्रेस के साथ रहा है, और नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने दावा किया कि शिवकुमार खुद ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
शिवकुमार ने अपने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि उनके अनुसार कथित स्टिंग ऑपरेशन में अफ़सरों को भी अनावश्यक रूप से फंसाया जा सकता है।
क्या इस मामले में पुलिस जाँच शुरू हुई है?
शिवकुमार के अनुसार उन्होंने पुलिस को जानकारी दी है, लेकिन अब तक किसी औपचारिक FIR या जाँच के शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की आगे की कार्रवाई पर नज़र बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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