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जारकीहोली स्टिंग ऑपरेशन किसने कराया? विजयेंद्र ने CM शिवकुमार पर साधा निशाना

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जारकीहोली स्टिंग ऑपरेशन किसने कराया? विजयेंद्र ने CM शिवकुमार पर साधा निशाना

सारांश

कर्नाटक BJP अध्यक्ष विजयेंद्र ने CM शिवकुमार के स्टिंग ऑपरेशन बयान को पलटकर पुराना जारकीहोली प्रकरण खोद दिया — सवाल किया कि वीडियो किसने लीक कराया, आरोपियों को किसने बचाया और उस वकील को एडिशनल एडवोकेट जनरल किसने बनाया। कर्नाटक की राजनीति में स्टिंग और साजिश की बहस फिर गर्म हो गई है।

मुख्य बातें

कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र ने 8 अक्टूबर 2026 को बागलकोट में CM डी.के.
शिवकुमार पर निशाना साधा।
विजयेंद्र ने पूछा कि पूर्व मंत्री रमेश जारकीहोली के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किसने कराया और आरोपियों को किसने संरक्षण दिया।
जारकीहोली को पिछली BJP सरकार के दौरान निजी वीडियो लीक के बाद मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
विश्वनाथ ने आरोप लगाया कि शिवकुमार का बयान भविष्य में संभावित स्टिंग वीडियो के लिए 'पूर्व-बचाव' हो सकता है।
विश्वनाथ ने कहा कि NICE प्रोजेक्ट विवाद , सूखा और महंगाई जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने 8 अक्टूबर 2026 को बागलकोट में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर तीखा पलटवार किया और पूछा कि पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रमेश जारकीहोली के खिलाफ हुए स्टिंग ऑपरेशन के पीछे असल में कौन था। यह बयान शिवकुमार के उन हालिया दावों के जवाब में आया है जिनमें उन्होंने कांग्रेस मंत्रियों को निशाना बनाने वाले स्टिंग ऑपरेशन की कोशिशों का जिक्र किया था।

विजयेंद्र के सवाल और आरोप

विजयेंद्र ने बागलकोट में कहा, 'रमेश जारकीहोली के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किसने किया? इसमें शामिल लोगों को किसने बचाया और सुरक्षा दी? किस वकील ने उनके पक्ष में बहस की और बाद में किस वकील को एडिशनल एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया? राज्य की जनता यह सब जानती है।' उन्होंने आरोप लगाया कि स्टिंग ऑपरेशन कराने, साजिशें रचने और निचले स्तर की राजनीतिक रणनीतियाँ अपनाने की बदनामी उन्हीं लोगों की है जो अभी कर्नाटक की सत्ता में हैं।

उन्होंने यह भी कहा, 'वह कौन सा नेता है जिसने अपने ही विधायकों के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन और 'डिंग-डिंग' ऑपरेशन किए और मुख्यमंत्री का पद हासिल किया? अगर कोई कांग्रेस विधायकों से पूछेगा, तो वे बता देंगे।' विजयेंद्र ने यह संकेत भी दिया कि क्या शिवकुमार ने अपने मंत्रियों के खिलाफ पहले से ही रिकॉर्डिंग हासिल कर ली हैं।

जारकीहोली प्रकरण की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि उत्तरी कर्नाटक के प्रभावशाली BJP नेता रमेश जारकीहोली को राज्य में पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान एक निजी वीडियो लीक होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। यह मामला कर्नाटक की राजनीति में एक संवेदनशील अध्याय के रूप में दर्ज है और अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब सत्ताधारी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और BJP के बीच स्टिंग ऑपरेशन तथा वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तीखा राजनीतिक संघर्ष चल रहा है।

BJP विधायक विश्वनाथ का पलटवार

BJP विधायक एस.आर. विश्वनाथ ने भी शिवकुमार की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को गरिमापूर्ण तरीके से बात करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, 'हमें शक है कि क्या उन्होंने पहले ही मंत्रियों के स्टिंग ऑपरेशन करवा लिए हैं। हो सकता है कि यह बयान इसलिए दिया गया हो ताकि भविष्य में अगर कोई स्टिंग वीडियो सामने आए, तो उन पर दोष न मढ़ा जा सके।'

विश्वनाथ ने यह भी कहा कि राज्य की जनता अच्छी तरह जानती है कि डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने से पहले कौन स्टिंग ऑपरेशन में शामिल था।

ध्यान भटकाने का आरोप

विश्वनाथ ने राज्य सरकार पर असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, 'कर्नाटक सूखे की मार झेल रहा है और लोग महंगाई से परेशान हैं। कांग्रेस सरकार NICE प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर आरोपों का सामना कर रही है। स्टिंग ऑपरेशन और SIR जैसे मुद्दे उठाकर मुख्यमंत्री लोगों का ध्यान भटका रहे हैं।'

आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज होने की आशंका है, क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अनैतिक राजनीतिक रणनीतियाँ अपनाने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कोई भी पारदर्शी जाँच की माँग नहीं कर रहा — जो खुद एक संकेत है। जब CM शिवकुमार कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने की कोशिशों का जिक्र करते हैं और BJP उन्हीं के 'डिंग-डिंग' ऑपरेशन की याद दिलाती है, तो असली सवाल यह है कि कर्नाटक की राजनीति में सच्चाई और जवाबदेही की कोई जगह बची है या नहीं। सूखे और महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह वाकयुद्ध कोई राहत नहीं लाएगा।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रमेश जारकीहोली स्टिंग ऑपरेशन विवाद क्या है?
रमेश जारकीहोली कर्नाटक के उत्तरी क्षेत्र के प्रभावशाली BJP नेता हैं, जिन्हें पिछली BJP सरकार के दौरान एक निजी वीडियो लीक होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अब BJP अध्यक्ष विजयेंद्र ने सवाल उठाया है कि वह स्टिंग ऑपरेशन किसने कराया और आरोपियों को किसने बचाया।
विजयेंद्र ने CM शिवकुमार पर क्यों निशाना साधा?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हाल ही में कांग्रेस मंत्रियों को निशाना बनाने वाले स्टिंग ऑपरेशन की कोशिशों का जिक्र किया था। इसके जवाब में विजयेंद्र ने जारकीहोली प्रकरण उठाकर पूछा कि खुद कांग्रेस किसके इशारे पर स्टिंग ऑपरेशन कराती रही है।
BJP विधायक एस.आर. विश्वनाथ ने क्या आरोप लगाए?
विश्वनाथ ने आरोप लगाया कि शिवकुमार ने शायद पहले ही अपने मंत्रियों के स्टिंग ऑपरेशन करवा लिए हैं और उनका ताजा बयान भविष्य में किसी वीडियो के सामने आने पर खुद को बचाने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार NICE प्रोजेक्ट, सूखे और महंगाई जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
इस विवाद का कर्नाटक की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह विवाद सत्ताधारी कांग्रेस और BJP के बीच पहले से चल रहे राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है। स्टिंग ऑपरेशन और वोटर लिस्ट के SIR जैसे मुद्दे दोनों दलों के बीच खींचतान का केंद्र बने हुए हैं।
'डिंग-डिंग' ऑपरेशन का विजयेंद्र का इशारा किस ओर था?
विजयेंद्र ने बिना नाम लिए पूछा कि वह कौन सा नेता है जिसने अपने ही विधायकों के खिलाफ स्टिंग और 'डिंग-डिंग' ऑपरेशन कराए और मुख्यमंत्री पद हासिल किया। यह कथित तौर पर शिवकुमार पर अप्रत्यक्ष निशाना माना जा रहा है, हालाँकि विजयेंद्र ने स्पष्ट रूप से किसी का नाम नहीं लिया।
राष्ट्र प्रेस
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