स्टिंग ऑपरेशन विवाद: यतींद्र सिद्धारमैया बोले — 'पिता ने राहुल गांधी को अपना पक्ष बता दिया'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री और मैसूरु जिला प्रभारी मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने 7 नवंबर 2026 को मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपना पक्ष से अवगत करा दिया है। यतींद्र ने स्पष्ट किया कि जाँच पर उन्हें पूरा भरोसा है और मामले को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाया जाएगा।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब सिद्धारमैया ने 6 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें ब्लैकमेल करने और उनकी छवि खराब करने के लिए एक कथित स्टिंग ऑपरेशन का फर्जी वीडियो और हनीट्रैप की कहानी तैयार की गई थी। उन्होंने मीडिया के सामने भी इस संदर्भ में अपना बयान दर्ज कराया था।
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने इस मामले में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की भूमिका होने की आशंका जताई थी — एक आरोप जिसने राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की।
यतींद्र का जाँच पर भरोसा
यतींद्र ने कहा, 'मैं पहले ही कह चुका हूँ कि हम धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे हैं। मुझे सरकार पर भरोसा है और विश्वास है कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सब कुछ कानून के अनुसार होगा।' उन्होंने यह भी बताया कि बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि मामले में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ जारी है।
कुमारस्वामी से जुड़ा दावा
यतींद्र ने दावा किया कि जाँच में सामने आया है कि वीडियो अपलोड करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का संबंध दिल्ली में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से पाया गया है। हालाँकि यह दावा अभी जाँच के अधीन है और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
यतींद्र ने स्पष्ट किया, 'स्टिंग ऑपरेशन करने वालों के साथ-साथ वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। जाँच में पुलिस ने वीडियो प्रसारित करने में शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई है।'
कांग्रेस के अंदरूनी हाथ का आरोप
कुमारस्वामी के इस आरोप पर कि स्टिंग ऑपरेशन में कांग्रेस के ही कुछ अंदरूनी लोग शामिल थे, यतींद्र ने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जाँच एजेंसियों को तथ्यों को सामने लाने का उचित मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जाँचकर्ताओं को अपने बयान देने दें और अदालत के सामने सभी सबूत पेश करने दें। अदालत तय करेगी कि वीडियो प्रसारित करने में किसी की भूमिका थी या नहीं।'
यतींद्र ने यह भी स्वीकार किया कि नेताओं से जुड़े आरोपों में राजनीतिक पहलू आना स्वाभाविक है, लेकिन उन्होंने ज़ोर दिया कि जाँच प्रक्रिया पर उनका अटूट विश्वास बना हुआ है।
आगे क्या होगा
यतींद्र ने दोहराया कि जाँच अपने तार्किक निष्कर्ष तक अवश्य पहुँचेगी और कथित स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम देने वालों के साथ-साथ वीडियो फैलाने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। यह मामला कर्नाटक की राजनीति में एक अहम मोड़ बन सकता है, जहाँ सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी जनता दल (सेक्युलर) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।