यतींद्र सिद्धारमैया का सिद्धारमैया स्टिंग जांच पर भरोसा, बोले- दोषियों को मिले सजा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने 23 अक्टूबर 2026 को मैसूर में मीडिया से बात करते हुए अपने पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले में राज्य पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और कठोर जांच होनी चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
मैसूर जिले के प्रभारी मंत्री यतींद्र ने बताया कि अब तक दो लोगों — जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है — को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ हो रही है। उन्होंने कहा कि उनके पिता को पत्रकार की हिरासत और पूछताछ की जानकारी दे दी गई है।
यतींद्र के अनुसार, सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को साफ संदेश दिया है कि जांच प्रभावी और पारदर्शी तरीके से की जाए तथा जो भी इस साजिश के पीछे हो, उसे — चाहे वह कोई भी हो — गिरफ्तार किया जाए।
सरकार की प्रतिक्रिया
यतींद्र ने कहा, 'हमें अपनी सरकार द्वारा की जा रही जांच पर भरोसा है। हमें उम्मीद है कि जांच पारदर्शी तरीके से होगी।' साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि जांच उचित ढंग से नहीं हुई तो वे उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर विपक्ष की ओर से लगातार दबाव बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री शिवकुमार तथा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच आंतरिक समन्वय को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
मैसूर दशहरा विवाद पर बचाव
मैसूर दशहरा उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी की 'जंबू सवारी' जुलूस में भागीदारी को लेकर उठे विवाद पर यतींद्र ने उनका बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि स्वर्ण हौदे में विराजमान देवी चामुंडेश्वरी को फूल अर्पित करना कोई सरकारी कार्य नहीं था, इसलिए इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता।
पुलिस अधिकारी पर सवाल
यतींद्र ने 'नंदी ध्वज पूजा' में मंत्रियों को शामिल होने से रोकने के पुलिस के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी ने अपनी हद पार कर ली और यह समझ से परे है कि इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) रैंक के अधिकारी ने ऐसा निर्णय क्यों लिया।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इस घटना की भी जांच के आदेश दे दिए हैं। यतींद्र ने ज़ोर देकर कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार, मंत्रियों को किसी धार्मिक समारोह में सम्मिलित होने से नहीं रोका जाना चाहिए था।
क्या होगा आगे
स्टिंग ऑपरेशन मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। यतींद्र ने स्पष्ट किया कि यदि नतीजे संतोषजनक नहीं रहे, तो उच्च स्तरीय जांच का विकल्प खुला रखा गया है। आईजीपी स्तर के अधिकारी के खिलाफ जांच भी जारी है और उन्हें अपने कार्यों का स्पष्टीकरण देना होगा।