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सबरीमाला तीर्थयात्रा 2026-27: केरल सरकार ने किए ₹6.73 करोड़ के सुरक्षा इंतजाम, AI पार्किंग और रिस्ट टैग भी

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सबरीमाला तीर्थयात्रा 2026-27: केरल सरकार ने किए ₹6.73 करोड़ के सुरक्षा इंतजाम, AI पार्किंग और रिस्ट टैग भी

सारांश

सबरीमाला मंडल-मकरविलक्कु सीजन 2026-27 के लिए केरल सरकार ने ₹6.73 करोड़ से अधिक के सुरक्षा इंतजाम किए हैं — AI आधारित स्मार्ट पार्किंग, बच्चों के लिए रिस्ट टैग, 1,750 पुलिसकर्मियों की तैनाती और तीन जोन में बँटी निगरानी व्यवस्था। यह सीजन 20 जनवरी 2027 तक चलेगा।

मुख्य बातें

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 7 नवंबर 2026 को नीलक्कल में नए पुलिस बैरक का उद्घाटन करते हुए सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी।
तीर्थयात्रा क्षेत्र को सन्निधानम , पंबा और नीलक्कल — तीन जोन में विभाजित किया गया है; नोडल अधिकारी एडीजीपी पी.
नए बैरक में 700 से अधिक पुलिसकर्मियों की क्षमता; 1,750 पुलिसकर्मियों के लिए मेस सुविधाओं का विस्तार।
पुलिसकर्मियों का सामान भत्ता ₹300 से बढ़ाकर ₹600 ; मेस अनुदान ₹90 प्रतिदिन; कुल आवंटन ₹3.60 करोड़ ।
AI आधारित स्मार्ट पार्किंग के लिए ₹3 करोड़ ; बच्चों के रिस्ट टैग योजना के लिए ₹13 लाख मंजूर।
तीर्थयात्रा सीजन 20 जनवरी 2027 तक चलेगा; वडासेरिक्करा में स्थायी पुलिस थाने पर भी विचार।

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 7 नवंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार ने सबरीमाला मंडल-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा सीजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। यह तीर्थयात्रा सीजन 20 जनवरी 2027 तक चलेगा। गृह मंत्री नीलक्कल में नव-निर्मित पुलिस बैरक के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

तीन जोन में बँटी सुरक्षा व्यवस्था

तीर्थयात्रा प्रबंधन को सुचारु बनाने के लिए पुलिस ने पूरे क्षेत्र को तीन प्रमुख जोनों — सन्निधानम, पंबा और नीलक्कल — में विभाजित किया है। एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) पी. विजयन, आईपीएस को इस पूरी व्यवस्था का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

सबरीमाला मास्टर प्लान के तहत 700 से अधिक पुलिसकर्मियों की क्षमता वाले नए बैरक का निर्माण पूरा हो चुका है। नीलक्कल में तैनात लगभग 1,750 पुलिसकर्मियों के लिए मेस सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है।

पुलिसकर्मियों के कल्याण में सुधार

तीर्थयात्रा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का सामान भत्ता ₹300 से बढ़ाकर ₹600 कर दिया गया है। साथ ही, दैनिक मेस अनुदान बढ़ाकर ₹90 प्रति दिन किया गया है। इन कल्याण उपायों के लिए राज्य सरकार ने ₹3.60 करोड़ आवंटित किए हैं।

गौरतलब है कि पिछले सीजन में पुलिसकर्मियों की लंबी ड्यूटी और सीमित सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इस बार इन्हीं कमियों को दूर करने की कोशिश की गई है।

तकनीक का उपयोग: AI पार्किंग और रिस्ट टैग

यातायात प्रबंधन के लिए नीलक्कल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित 'स्मार्ट पार्किंग' प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके लिए ₹3 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह सबरीमाला यात्रा प्रबंधन में AI तकनीक का पहला बड़े पैमाने पर उपयोग माना जा रहा है।

तीर्थयात्रियों के साथ आने वाले बच्चों — विशेष रूप से अन्य राज्यों से आने वाले — को भीड़ में बिछड़ने से बचाने के लिए रिस्ट टैग (कलाई बैंड) योजना शुरू की जाएगी। इस पहल के लिए ₹13 लाख मंजूर किए गए हैं।

सुरक्षा के अन्य प्रमुख इंतजाम

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सन्निधानम, नीलक्कल और वडासेरिक्करा में अस्थायी पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। वडासेरिक्करा में स्थायी पुलिस थाना स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।

सुरक्षा ढाँचे में एंटी-सबोटाज जाँच, भीड़ प्रबंधन बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और मजबूत खुफिया निगरानी शामिल हैं। प्रमुख पारंपरिक मार्गों और पड़ाव स्थलों पर पुलिस गश्त भी बढ़ाई जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक पझाकुलम मधु ने की। इस अवसर पर डीजीपी रवाडा चंद्रशेखर, एडीजीपी (इंटेलिजेंस) दिनेंद्र कश्यप, आईजी (साउदर्न जोन) पी. प्रकाश, पथानामथिट्टा जिला कलेक्टर ए. निजामुद्दीन, देवस्वम बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार, पथानामथिट्टा एसपी आर. आनंद, सबरीमाला एडीएम दिलीप के. कैनिक्करा, देवस्वम आयुक्त बी. सुनील कुमार तथा पथानामथिट्टा, इडुक्की, कोट्टायम और अलाप्पुझा जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गृह मंत्री चेन्निथला ने कहा कि देवस्वम बोर्ड, राज्य सरकार और पुलिस मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक तीर्थयात्रा का अनुभव मिले। इस सीजन में लाखों श्रद्धालुओं के सबरीमाला पहुँचने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार AI पार्किंग और रिस्ट टैग जैसी तकनीकी पहलें यह संकेत देती हैं कि प्रशासन भीड़ प्रबंधन को पुराने ढर्रे से आगे ले जाने की कोशिश कर रहा है। असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — 2019 के मानव-श्रृंखला विवाद और पिछले सीजन में पुलिसकर्मियों की सुविधाओं को लेकर उठी शिकायतें बताती हैं कि घोषणा और जमीनी हकीकत के बीच की खाई पाटना अभी बाकी है। पुलिसकर्मियों के भत्ते बढ़ाना स्वागत योग्य है, लेकिन यह देखना होगा कि लाखों तीर्थयात्रियों की भीड़ के बीच ये व्यवस्थाएँ कितनी टिकाऊ साबित होती हैं।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबरीमाला मंडल-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा सीजन 2026-27 कब तक चलेगा?
यह तीर्थयात्रा सीजन 20 जनवरी 2027 तक चलेगा। केरल सरकार ने इस पूरी अवधि के लिए व्यापक सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था लागू की है।
सबरीमाला 2026 सीजन के लिए कितने पुलिसकर्मी तैनात होंगे?
नीलक्कल में लगभग 1,750 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इनके लिए 700 से अधिक की क्षमता वाला नया बैरक बनाया गया है और मेस सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है।
सबरीमाला में AI स्मार्ट पार्किंग क्या है और इसके लिए कितना बजट है?
नीलक्कल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट पार्किंग प्रणाली लागू की जाएगी जो यातायात प्रबंधन को स्वचालित रूप से नियंत्रित करेगी। इस परियोजना के लिए ₹3 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
सबरीमाला में बच्चों के लिए रिस्ट टैग योजना क्या है?
भीड़ में बिछड़ने वाले बच्चों — विशेष रूप से अन्य राज्यों से आने वाले — की जल्द पहचान और सुरक्षित वापसी के लिए कलाई बैंड (रिस्ट टैग) लगाए जाएंगे। इस योजना के लिए ₹13 लाख मंजूर किए गए हैं।
सबरीमाला सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारी कौन हैं?
एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) पी. विजयन, आईपीएस को सबरीमाला तीर्थयात्रा सुरक्षा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे सन्निधानम, पंबा और नीलक्कल — तीनों जोन की निगरानी के लिए जिम्मेदार होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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