ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी: मेजर जनरल रेजाई बोले — युद्ध छेड़ा तो भयानक अंजाम भुगतना पड़ेगा
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रेजाई ने 7 नवंबर को अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने युद्ध शुरू किया तो उसे 'बहुत भयानक अंजाम' भुगतना पड़ेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं, हालाँकि उन्होंने कोई समय-सीमा या लक्ष्य स्पष्ट नहीं किया।
रेजाई का एक्स पर सीधा प्रहार
मेजर जनरल मोहसिन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी नेतृत्व पर तीखा कटाक्ष करते हुए लिखा, 'आप युद्ध भी हार गए और चुनाव भी। वेंस ने हार मान ली है, रुबियो बाहर होने की कगार पर हैं, हेगसेथ को निकाले जाने वाला है और सेंटकॉम कमांडर अब पॉडकास्टर बन गए हैं — तो वाशिंगटन में हमें असल में यह संदेश किसे पहुँचाना है? अगर आप युद्ध शुरू करेंगे तो आपको बहुत भयानक अंजाम भुगतना पड़ेगा।'
उन्होंने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों का भी हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा हालात में यह समझना मुश्किल है कि वाशिंगटन में किससे बात की जाए।
ईरानी संसद समिति की चेतावनी
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने भी कहा था कि ईरान अपनी सभी आक्रामक और रक्षात्मक क्षमताओं का इस्तेमाल करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरानी सशस्त्र बल और उनके समस्त रक्षा तंत्र दुश्मन की किसी भी हरकत या अप्रत्याशित कदम का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अजीजी के अनुसार, ईरान की नई रणनीति प्रतिरोधक क्षमता (डिटरेंस) पर आधारित है और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुश्मन को अपने कदमों की भारी कीमत चुकानी पड़े। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर के निर्देशों के अनुसार अब दुश्मन से निपटने में किसी प्रकार की रोक या झिझक नहीं होगी।
ट्रंप का रुख और अमेरिकी घरेलू राजनीति
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'अगर संभव हो तो मैं बाकी देश को बर्बाद नहीं करना चाहूँगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े। आपको जल्द ही पता चल जाएगा।' उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए कोई समय-सीमा या लक्ष्य नहीं बताया और न ही किसी नए हमले का आदेश देने की घोषणा की।
गौरतलब है कि इसी बीच हाउस के वरिष्ठ डेमोक्रेट्स ने युद्ध को समाप्त करने के पक्ष में मतदान की योजना बनाई है और वे युद्ध के उद्देश्यों तथा उस पर होने वाले खर्च का हिसाब माँग रहे हैं।
क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-ईरान संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रॉक्सी संघर्षों और आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की सार्वजनिक चेतावनियाँ अक्सर कूटनीतिक दबाव की रणनीति का हिस्सा होती हैं, लेकिन इनसे गलतफहमी का जोखिम भी बढ़ जाता है।
आने वाले हफ्तों में अमेरिकी कांग्रेस में होने वाली बहस और ट्रंप प्रशासन के अगले कदम यह तय करेंगे कि यह तनाव किस दिशा में जाता है।