ईरान अमेरिका वार्ता पर रेजाई का कड़ा रुख: 'शर्तें पूरी हुए बिना कोई बातचीत नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने 15 सितंबर 2026 को स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका के साथ कोई भी कूटनीतिक बातचीत तब तक संभव नहीं है जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं। रेजाई का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी के जवाब में आया जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान 'जल्दी और किसी भी कीमत पर' समझौता चाहता है।
रेजाई का एक्स पर कड़ा जवाब
रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ट्रंप के बदलते बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "अमेरिकी राष्ट्रपति के बदलते बयानों से भ्रमित मत होइए। कभी वे कहते हैं 'कोई बातचीत नहीं होगी' और फिर कहते हैं 'हम बातचीत के लिए तैयार हैं।' तेल और समुद्री मार्गों से जुड़े दांव अब बदल चुके हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। बस यही अंतिम बात है।" रेजाई ने यह भी चेतावनी दी कि "बाद में नुकसान नियंत्रित करने की कोशिश आने वाली स्थितियों को नहीं रोक पाएगी।"
ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पर दावा
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था, "कमजोर पड़ चुका ईरान जल्दी और बुरी तरह एक समझौता करना चाहता है। अमेरिका बातचीत करेगा या नहीं, इसका फैसला मैं करूंगा। हालांकि हम इस विचार के लिए खुले हैं।"
ट्रंप के इस बयान को ईरान की ओर से कूटनीतिक दबाव की कोशिश के रूप में देखा गया। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच पहले से तय वार्ता की समयसीमा 17 अगस्त 2026 को समाप्त हो चुकी है।
एमओयू और टूटती वार्ता की पृष्ठभूमि
रिपोर्टों के अनुसार, 18 जून 2026 को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें लेबनान समेत विभिन्न मोर्चों पर तनाव कम करने की प्रतिबद्धता थी। इस एमओयू के तहत दोनों पक्षों को 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुँचना था।
यह समयसीमा बीत चुकी है और हाल की घटनाओं के मद्देनज़र वार्ता का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव फिर से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
ड्रोन हमला और लापता मछुआरे
इसी बीच, सोमवार रात ईरान के दक्षिणी तट के निकट दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर ड्रोन हमला हुआ। अर्ध सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, यह हमला दक्षिणी बंदरगाह शहर कारगन के तट और लारक द्वीप के पास हुआ।
होर्मोजगान प्रांत के राजनीतिक एवं सुरक्षा मामलों के उप गवर्नर अहमद नफीसी ने बताया कि इस घटना के बाद कई मछुआरे लापता हो गए हैं और खोज बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। घटना की जाँच जारी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर विस्फोट
इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहा सुपर ऑयल टैंकर 'एल गैया' नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकराकर विस्फोट का शिकार हो गया और उसमें आग लग गई।
आईआरजीसी की आधिकारिक समाचार सेवा सेपाह न्यूज के अनुसार, यह टैंकर जलमार्ग के दक्षिणी हिस्से में एक 'प्रतिबंधित मार्ग' से गुजर रहा था। नौसेना ने कहा कि आग पर काबू पाने की कोशिशें असफल रहीं और पूरा जहाज आग की लपटों में घिर गया।
इन घटनाओं को देखते हुए ईरान अमेरिका के बीच कूटनीतिक समाधान की राह और कठिन होती दिख रही है, जबकि होर्मुज जैसे वैश्विक तेल आपूर्ति मार्ग पर तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।