होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कड़ा रुख: समझौते की खबरें खारिज, IRGC नौसेना की अनुमति अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री सैयद माजिद इब्न अल-रजा ने रविवार, 2 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि तेहरान अपने किसी भी 'दुश्मन' की धमकी को महज मनोवैज्ञानिक दबाव नहीं, बल्कि पूरी तरह गंभीर और वास्तविक खतरा मानता है। यह बयान ऐसे समय आया जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका-ईरान तनाव अपने चरम पर है और समझौते की अटकलें तेज़ हो रही थीं।
रक्षा मंत्री का एक्स पर सीधा संदेश
इब्न अल-रजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया: 'हम न तो हैरान हैं और न ही चुप बैठेंगे। हम हर खतरे को अपनी तैयारी बढ़ाने, अपनी रोकथाम क्षमता मजबूत करने और अपनी ताकत को और विकसित करने का आधार मानते हैं।' यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के ठीक बाद आया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने फिलहाल ईरान पर नए हमले रोकने का निर्णय लिया है।
ट्रंप का दावा — समझौते पर काम जारी
ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ ऐसी सैन्य शक्ति और क्षमता के साथ पूरी तरह तैयार था, जैसी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नहीं देखी गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान और कुछ अन्य मध्य-पूर्वी देशों के अनुरोध पर उन्होंने कार्रवाई रोक दी। ट्रंप के अनुसार, एक संभावित समझौते पर काम चल रहा है जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत, पूरी तरह और स्थायी रूप से खोलना तथा ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल होगा।
इज़रायली रिपोर्ट और ईरान का खंडन
इज़रायल के चैनल 12 न्यूज़ ने रविवार को दावा किया कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कतर और अमेरिका की मध्यस्थता से तैयार एक समझौते को मंजूरी दे दी है। इस कथित समझौते के तहत जहाज ईरान के नियंत्रण वाले हिस्से से खाड़ी में प्रवेश करेंगे और ओमान के जलक्षेत्र से बाहर निकलेंगे। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज़ ने ईरानी वार्ता टीम के करीबी एक सूत्र के हवाले से इस दावे को तत्काल खारिज कर दिया।
IRGC नौसेना की अनुमति अनिवार्य — ईरान की शर्त
फार्स न्यूज़ ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से कहा कि जब तक अमेरिका की 'शत्रुतापूर्ण और दुर्भावनापूर्ण गतिविधियाँ' जारी रहेंगी, होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। केवल उन्हीं जहाजों को आवाजाही की अनुमति होगी जो ईरान द्वारा निर्धारित मार्गों का उपयोग करेंगे और जिन्हें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना से अनुमति और समन्वय प्राप्त होगा। सूत्र ने चेतावनी दी कि अन्य रास्ते सुरक्षित नहीं हैं और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को लेकर ईरान की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
पृष्ठभूमि और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी मीडिया की कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अमेरिका और इज़रायल सप्ताहांत के दौरान ईरान के ऊर्जा ढाँचे पर हमले शुरू कर सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल गुज़रता है — की नाकेबंदी वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों के लिए गंभीर संकट बन सकती है। तनाव का अगला मोड़ इस बात पर निर्भर करेगा कि वार्ता की मेज़ पर कोई ठोस प्रगति होती है या नहीं।