ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच युद्ध की आशंकाओं को किया नकार

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ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच युद्ध की आशंकाओं को किया नकार

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले की खबरों को नकारते हुए कहा है कि यदि सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो यह आसानी से जीती जा सकती है। उन्होंने इस संदर्भ में जनरल डेनियल केन की राय का भी उल्लेख किया।

Key Takeaways

  • ट्रंप ने ईरान पर हमले की खबरों को नकारा है।
  • उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई की गई, तो इसे आसानी से जीता जा सकता है।
  • जनरल केन ने ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं।
  • पेंटागन ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की चिंताओं का उल्लेख किया है।
  • यह स्थिति राजनीतिक विवाद का कारण बनी है।

वॉशिंगटन, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। हाल के दिनों में ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। कई अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ संभावित कदमों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने इन सभी दावों को नकार दिया है।

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि आदेश दिया गया तो ऐसा कोई भी ऑपरेशन "आसानी से जीता" जा सकता है। वहीं, कई वरिष्ठ डेमोक्रेटिक सांसदों ने इसे मिडिल ईस्ट में एक और युद्ध की संभावना बताया है।

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "फेक न्यूज मीडिया में कई कहानियां चल रही हैं कि जनरल डेनियल केन, जिन्हें कभी-कभी रजीन भी कहा जाता है, ईरान के साथ हमारे युद्ध के खिलाफ हैं।" उन्होंने इन समाचारों को "१०० प्रतिशत गलत" बताया।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन ने ट्रंप के सामने ईरान के खिलाफ एक लंबे सैन्य अभियान के बारे में चिंता व्यक्त की है। पेंटागन ने सुझाव दिया है कि जिन युद्ध विकल्पों पर विचार हो रहा है, उनमें अमेरिका और उसके सहयोगियों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।

डेली की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा और पूर्व अधिकारियों ने कहा कि ये चेतावनियां मुख्य रूप से संयुक्त सेनाध्यक्षों की समिति के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने रक्षा विभाग की बैठक और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग्स में दी हैं।

ट्रंप ने लिखा, "जनरल केन, हम सब की तरह, युद्ध नहीं देखना चाहेंगे, लेकिन यदि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो उनकी राय में यह आसानी से जीता जा सकता है।"

उन्होंने कहा कि केन ने "ईरान पर हमला न करने की बात नहीं की है, या उन नकली लिमिटेड स्ट्राइक के बारे में भी नहीं कहा है जिनके बारे में मैं पढ़ रहा हूं। वह केवल यही जानते हैं कि जीतना कैसे है और यदि उन्हें ऐसा करने के लिए कहा गया, तो वे सबसे आगे रहेंगे।"

ट्रंप ने कहा, "मैं ही फैसला लेता हूं। मैं समझौता न होने से बेहतर समझौता करना चाहूंगा। यदि हम डील नहीं करते हैं, तो यह उस देश के लिए और बहुत दुख की बात है। उसके लोगों के लिए बहुत बुरा दिन होगा, क्योंकि वे अद्भुत हैं और उनके साथ ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था।"

इस बीच राष्ट्रपति ने पूर्व की स्ट्राइक का भी उल्लेख किया और कहा कि केन "मिडनाइट हैमर के इंचार्ज थे, जो ईरानी न्यूक्लियर डेवलपमेंट पर हमला था। यह अब विकास नहीं रहा, बल्कि हमारे ग्रेट बी-२ बॉम्बर्स ने इसे उड़ा दिया।"

यह टिप्पणी कैपिटल हिल पर बड़े पैमाने पर राजनीतिक विरोध के बीच आई। अमेरिकी सीनेटर क्रिस कून्स, सीनेट एप्रोप्रिएशन सबकमेटी ऑन डिफेंस के रैंकिंग सदस्य ने कहा, "अमेरिका द्वारा ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमले के एक साल से भी कम समय में, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की पहुंच के दायरे में वायु और नौसैनिक शक्ति का बड़ा सैन्य जमावड़ा तैनात कर दिया है। इससे सैन्य कार्रवाई का खतरा है।"

उन्होंने सरकार के मकसद पर सवाल उठाए। कूंस ने कहा, "कांग्रेस और अमेरिकी लोगों को इस बारे में जवाब चाहिए कि ईरान में हमारे मकसद क्या हैं।" उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकियों को "यह जानने का हक है कि राष्ट्रपति ट्रंप के मकसद क्या हैं, वे अमेरिकियों को कैसे सुरक्षित बनाएंगे, और किसी भी सैन्य लड़ाई का अंत कैसे होगा।"

अमेरिकी सीनेटर ने इस बात को स्वीकार किया कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। कूंस ने चेतावनी दी, "हम ये उम्मीद नहीं कर सकते कि अमेरिका की तरफ से किया गया हमला ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने का सपना छोड़ने के लिए मजबूर कर देगा। ये कोई रणनीति नहीं है, इसकी वजह से अमेरिकी सैनिकों की जान को खतरा होगा।"

कांग्रेसी सेठ मौल्टन ने भी ताकत के इस्तेमाल का विरोध किया। उन्होंने कहा, "ट्रंप ईरान पर हमला करने और अमेरिका को इराक वॉर 2.0 में शामिल करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें क्या लगता है कि वे क्या हासिल करेंगे और किस कीमत पर? अभी तक, हमें कोई अंदाजा नहीं है।"

मौल्टन ने तर्क दिया कि "हमारे पास डील न होने का एकमात्र कारण यह है कि ट्रंप ने अपने पहले टर्म में इसे तोड़ दिया था। अब यह कांग्रेस पर है कि वह जॉर्ज डब्ल्यू. बुश द्वारा अमेरिका को इराक में गुमराह करने के समय की तुलना में ज्यादा हिम्मत जुटाए।"

Point of View

वे अमेरिका की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ दर्शाते हैं। यह स्थिति न केवल अमेरिका बल्कि वैश्विक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या ट्रंप ने ईरान पर हमला करने की योजना बनाई है?
नहीं, ट्रंप ने ऐसे सभी दावों को नकार दिया है और कहा है कि यदि कार्रवाई की गई तो यह आसानी से जीतने योग्य होगी।
जनरल डेनियल केन की भूमिका क्या है?
जनरल डेनियल केन ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की संभावना है?
हालांकि ट्रंप ने युद्ध की आशंका को नकारा है, लेकिन कुछ सांसदों ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताया है।
पेंटागन की चिंताएं क्या हैं?
पेंटागन ने ईरान के खिलाफ लंबे सैन्य अभियान को लेकर चिंता जताई है, जिसमें संभावित नुकसान का खतरा है।
क्या ट्रंप ने ईरान के साथ किसी समझौते की कोशिश की है?
ट्रंप ने कहा कि वह समझौता न होने की स्थिति में बेहतर समझौता करना चाहेंगे।
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