26 जुलाई 2026
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अमेरिका ने ईरान पर 13 रातों के हमले रोके; वेंस और जनरल केन ने युद्ध विस्तार पर जताई चिंता

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अमेरिका ने ईरान पर 13 रातों के हमले रोके; वेंस और जनरल केन ने युद्ध विस्तार पर जताई चिंता

सारांश

अमेरिका ने ईरान पर लगातार 13 रातों के हमले अचानक रोक दिए — लेकिन यह शांति नहीं, एक ठहराव है। उपराष्ट्रपति वेंस और जनरल केन की हथियार-स्टॉक और युद्ध-विस्तार संबंधी चेतावनियों के बीच ट्रंप ने कूटनीतिक दरवाज़ा खुला रखा है, पर सैन्य विकल्प भी मेज़ पर हैं।

मुख्य बातें

अमेरिका ने ईरान पर 13 रातों तक चले बमबारी अभियान को फिलहाल रोक दिया है; रक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार ऑपरेशन 'होल्ड पर' हैं।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जनरल डैन केन ने व्हाइट हाउस बैठक में युद्ध विस्तार और हथियारों के स्टॉक को लेकर चिंता जताई।
व्हाइट हाउस कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चेउंग ने कहा कि ईरान के लिए बातचीत से समझौता करना बुद्धिमानी होगी, अन्यथा 'सभी विकल्प खुले हैं।' राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सक्रिय कूटनीतिक वार्ता जारी है और ईरान 'अधिक गंभीर' दिख रहा है।
हमले रोकने का सटीक कारण — स्टॉकपाइल की कमी या युद्ध-विस्तार की चेतावनी — अभी तक स्पष्ट नहीं है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान पर लगातार 13 रातों तक चले बमबारी अभियान को फिलहाल रोक दिया है। 26 जुलाई को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, व्हाइट हाउस में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने संघर्ष के और अधिक बढ़ने को लेकर गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराईं। रक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन अभी 'होल्ड पर' हैं।

मुख्य घटनाक्रम

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार की रात अमेरिका ने लगभग दो सप्ताह तक जारी रहे हमलों को अचानक रोक दिया। एक सूत्र और एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि यह निर्णय व्हाइट हाउस में कैबिनेट सदस्यों और शीर्ष सलाहकारों के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। रक्षा विभाग के एक सूत्र ने शनिवार को पुष्टि की कि सैन्य अभियान फिलहाल स्थगित हैं।

जनरल केन और वेंस की आपत्तियाँ

सूत्रों के मुताबिक, जनरल केन ने बैठक में विशेष रूप से अमेरिका के हथियारों के स्टॉक (स्टॉकपाइल) की कमी और संघर्ष के संभावित दुष्परिणामों को लेकर चिंता व्यक्त की। एक सूत्र के अनुसार, केन ने यह स्वीकार किया कि अमेरिकी सेना के पास उपलब्ध विकल्पों से सफलता मिल सकती है, लेकिन साथ ही उन्होंने इसके संभावित व्यापक प्रभावों के प्रति आगाह किया। उपराष्ट्रपति वेंस ने भी युद्ध के विस्तार को लेकर अपनी आशंकाएँ सामने रखीं।

ट्रंप का रुख और कूटनीतिक संकेत

बैठक के बाद रिपोर्टरों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी ईरान के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सैन्य अभियान फिर से शुरू हो सकता है या इसे और तेज़ किया जा सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि चल रही वार्ता में ईरान 'अधिक गंभीर' दिखाई दे रहा है।

व्हाइट हाउस का बयान

व्हाइट हाउस कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चेउंग ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'प्रेसिडेंट ट्रंप हमेशा से कहते रहे हैं कि वे कूटनीतिक समाधान पसंद करते हैं, लेकिन अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में या सहयोगियों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियाँ जारी रखता है, तो उनके पास सभी विकल्प खुले हैं।' चेउंग ने आगे कहा कि 13 दिनों के लगातार हमलों और ईरान की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले प्रतिबंधों के बाद, ईरान के लिए बातचीत के ज़रिए समझौते की दिशा में काम करना बुद्धिमानी होगी।

आगे क्या होगा

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि हमले रोकने का प्राथमिक कारण हथियारों के स्टॉक की चिंता थी, युद्ध विस्तार की चेतावनी थी, या कूटनीतिक प्रगति। विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति अत्यंत नाज़ुक बनी हुई है — ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अभियान फिर से शुरू हो सकता है। होर्मुज स्ट्रेट में स्थिरता और ईरान की आगामी प्रतिक्रिया पर दुनिया की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि नरमी का — जनरल केन की हथियार-स्टॉक संबंधी चेतावनी बताती है कि 13 रातों के अभियान ने अमेरिकी सैन्य क्षमता पर वास्तविक दबाव डाला है। यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप एक साथ कूटनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चे खुले रखना चाहते हैं — एक दोहरी रणनीति जो अल्पकाल में प्रभावी लग सकती है, लेकिन दीर्घकाल में ईरान को 'प्रतीक्षा करो और देखो' की नीति अपनाने का अवसर देती है। होर्मुज स्ट्रेट पर किसी भी घटना से वैश्विक तेल आपूर्ति और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर तत्काल असर पड़ सकता है — एक पहलू जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर हमले क्यों रोके?
सूत्रों के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जनरल डैन केन ने व्हाइट हाउस बैठक में हथियारों के स्टॉक की कमी और युद्ध के संभावित विस्तार को लेकर चिंता जताई। हालाँकि हमले रोकने का सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
ईरान पर अमेरिकी बमबारी अभियान कितने दिनों तक चला?
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका ने लगातार 13 रातों तक ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। व्हाइट हाउस ने भी '13 दिनों के लगातार हमलों' का उल्लेख अपने आधिकारिक बयान में किया।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो रही है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि अमेरिकी अधिकारी ईरान के साथ सक्रिय रूप से कूटनीतिक वार्ता कर रहे हैं और ईरान 'अधिक गंभीर' दिख रहा है। व्हाइट हाउस ने कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता बताई, लेकिन सैन्य विकल्प को भी खुला रखा।
जनरल डैन केन ने क्या चेतावनी दी?
सूत्रों के अनुसार जनरल केन ने बैठक में अमेरिकी हथियारों के स्टॉक (स्टॉकपाइल) की स्थिति और युद्ध के संभावित दुष्परिणामों को लेकर आगाह किया। उन्होंने यह भी कहा कि उपलब्ध विकल्पों से सफलता संभव है, लेकिन व्यापक प्रभावों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
होर्मुज स्ट्रेट का इस संघर्ष से क्या संबंध है?
व्हाइट हाउस के बयान में स्पष्ट किया गया कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में या सहयोगियों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियाँ जारी रखता है, तो अमेरिका के पास सभी विकल्प खुले हैं। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।
राष्ट्र प्रेस
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