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अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम: 13 रात के हमलों के बाद दोनों देशों ने रोके ऑपरेशन

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अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम: 13 रात के हमलों के बाद दोनों देशों ने रोके ऑपरेशन

सारांश

करीब 13 रातों की लगातार बमबारी के बाद अमेरिका और ईरान दोनों ने अपने सैन्य ऑपरेशन रोक लिए हैं। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि उनकी रणनीति जवाबी रही, इसलिए अमेरिका के रुकते ही वे भी रुक गए। व्हाइट हाउस ने कूटनीतिक समाधान की बात कही, लेकिन सभी विकल्प खुले रखे।

मुख्य बातें

अमेरिका ने लगभग 13 रातों के लगातार हमलों के बाद शुक्रवार को ईरान पर बमबारी अभियान रोक दिया।
ईरानी सेना के प्रवक्ता आमिर अक्रामिनिया ने पुष्टि की कि ईरान ने भी जवाबी ऑपरेशन बंद कर दिए हैं।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जनरल डैन केन ने संघर्ष-विस्तार और हथियार भंडार को लेकर चिंता जताई।
संघर्ष पहले ही बाब अल-मंडेब स्ट्रेट तक फैल चुका था।
व्हाइट हाउस ने कहा कि ईरान की गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी और सभी विकल्प खुले हैं।

तेहरान और वाशिंगटन के बीच करीब 13 रातों तक चले लगातार सैन्य हमलों के बाद 26 जुलाई 2026 को दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ अपने ऑपरेशन रोकने की घोषणा की। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि अमेरिका द्वारा हमले थामने के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई बंद कर दी है।

ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया

ईरानी सेना के प्रवक्ता आमिर अक्रामिनिया ने रविवार को कहा, 'अमेरिकियों ने पिछली दो रातों में अपने हमले रोक दिए हैं, क्योंकि हमारी रणनीति पूरी तरह से जवाबी कार्रवाई वाली रही है, इसलिए हमने भी अपने जवाबी ऑपरेशन रोक दिए हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी अधिकारी आपस में बंटे हुए दिखे और उनके पास कोई स्पष्ट रणनीति नहीं थी।

अक्रामिनिया ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने हमले दोबारा शुरू किए, तो इससे संघर्ष और व्यापक हो सकता है। उन्होंने बताया कि लड़ाई पहले ही बाब अल-मंडेब स्ट्रेट तक फैल चुकी है।

अमेरिका में आंतरिक मतभेद

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने ईरान के साथ संघर्ष और बढ़ने को लेकर गहरी चिंता जताई। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को व्हाइट हाउस में हुई बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर विचार-विमर्श किया, जिसके बाद ईरान पर जारी बमबारी अभियान रोक दिया गया।

रक्षा विभाग के एक सूत्र ने शनिवार को बताया कि ऑपरेशन 'होल्ड पर' हैं। सूत्रों के अनुसार, जनरल केन ने बैठक में अमेरिका के हथियारों के भंडार (स्टॉकपाइल) और संघर्ष के अन्य संभावित दुष्परिणामों पर चिंता व्यक्त की। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमले रोकने का मुख्य कारण हथियार भंडार की चिंता थी या संघर्ष-विस्तार की आशंका।

व्हाइट हाउस का बयान

व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चेउंग ने एक बयान में कहा, 'प्रेसिडेंट ट्रंप हमेशा से कहते रहे हैं कि वे कूटनीतिक समाधान पसंद करते हैं, लेकिन अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में या सहयोगियों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियाँ जारी रखता है, तो उनके पास सभी विकल्प खुले हैं।'

संघर्ष की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच होर्मुज स्ट्रेट और बाब अल-मंडेब स्ट्रेट जैसे रणनीतिक जलमार्गों को लेकर तनाव चरम पर था। गौरतलब है कि लगातार 13 रातों तक चले अमेरिकी हवाई हमलों ने इस संघर्ष को एक नए स्तर पर पहुँचा दिया था।

आगे की स्थिति

फिलहाल दोनों पक्षों ने सैन्य ऑपरेशन रोके हुए हैं, लेकिन स्थिति नाजुक बनी हुई है। व्हाइट हाउस के बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका ने कूटनीतिक रास्ते को प्राथमिकता दी है, परंतु भविष्य की कार्रवाई ईरान के रवैये पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सामरिक ठहराव है — और यह अंतर महत्वपूर्ण है। अमेरिका के भीतर जनरल केन और उपराष्ट्रपति वेंस की चिंताएँ बताती हैं कि सैन्य नेतृत्व खुद इस अभियान की दीर्घकालिक व्यवहार्यता पर संदेह में था। ईरान का 'जवाबी रणनीति' वाला तर्क उसे नैतिक बढ़त देता है, लेकिन बाब अल-मंडेब तक संघर्ष का फैलना दिखाता है कि क्षेत्रीय अस्थिरता पहले ही गहरी हो चुकी है। व्हाइट हाउस का 'सभी विकल्प खुले हैं' वाला बयान कूटनीति की पुष्टि नहीं, केवल रणनीतिक अस्पष्टता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका और ईरान के बीच हमले क्यों रोके गए?
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस बैठक के बाद ईरान पर बमबारी रोकने का निर्णय लिया। जनरल डैन केन ने हथियार भंडार और संघर्ष-विस्तार की चिंताएँ जताई थीं, जो इस फैसले में अहम भूमिका निभाई।
ईरान ने हमले रोकने की पुष्टि कैसे की?
ईरानी सेना के प्रवक्ता आमिर अक्रामिनिया ने रविवार को बयान दिया कि चूँकि ईरान की रणनीति शुरू से जवाबी रही है, इसलिए अमेरिका के रुकते ही ईरान ने भी अपने जवाबी ऑपरेशन बंद कर दिए।
अमेरिका-ईरान के बीच यह संघर्ष कितने समय तक चला?
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच लगातार करीब 13 रातों तक हमले होते रहे। अमेरिका ने शुक्रवार की रात बमबारी अभियान रोका, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई बंद की।
क्या यह स्थायी युद्ध-विराम है?
फिलहाल दोनों पक्षों ने ऑपरेशन रोके हैं, लेकिन यह स्थायी युद्ध-विराम नहीं है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में या सहयोगियों के खिलाफ गतिविधियाँ जारी रखता है, तो अमेरिका के पास सभी विकल्प खुले हैं।
इस संघर्ष का क्षेत्रीय प्रभाव क्या है?
ईरानी प्रवक्ता के अनुसार, लड़ाई पहले ही बाब अल-मंडेब स्ट्रेट तक फैल चुकी है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। इससे क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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