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फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाला: गिरफ्तार पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी मधुच्छंदा से पूछताछ करेगी कोलकाता पुलिस

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फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाला: गिरफ्तार पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी मधुच्छंदा से पूछताछ करेगी कोलकाता पुलिस

सारांश

पश्चिम बंगाल के फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले में जाँच का दायरा बढ़ा — गिरफ्तार पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के बाद अब उनकी पत्नी मधुच्छंदा सेन भी पुलिस के निशाने पर हैं। यूनेस्को टैग के कथित दुरुपयोग और शेल कंपनियों के ज़रिए धन हस्तांतरण के आरोपों ने इस मामले को ममता सरकार के लिए नई राजनीतिक मुश्किल बना दिया है।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी मधुच्छंदा सेन से पूछताछ करने की तैयारी में है।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मास आर्ट कंपनी ने 2022 से 2025 के बीच यूनेस्को टैग का व्यावसायिक उपयोग कर फर्जी टूर पास बेचे।
कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत मिलने के कारण पूछताछ के दौरान मधुच्छंदा को गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा।
जाँच दल इंद्रनील सेन , उनकी पत्नी, बेटियों और रिश्तेदारों के बैंक खातों की जाँच कर रहा है; शेल कंपनियों के ज़रिए धन हस्तांतरण का संदेह।
इंद्रनील सेन ममता बनर्जी सरकार के पिछले कार्यकाल के पाँचवें पूर्व मंत्री हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया है; अगली पेशी 10 नवंबर को।
मामले की जाँच कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समानांतर रूप से कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले की जाँच में एक नया मोड़ आया है — कोलकाता पुलिस अब गिरफ्तार पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी मधुच्छंदा सेन से पूछताछ करने की तैयारी में है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मधुच्छंदा की कंपनी मास आर्ट ने 2022 से 2025 के बीच यूनेस्को टैग का व्यावसायिक उपयोग कर दुर्गा पूजा टूर पैकेजों के नाम पर फर्जी पास बेचे, जबकि यूनेस्को के लोगो का इस तरह का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।

मुख्य घटनाक्रम

पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को इस सप्ताह की शुरुआत में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साल्ट लेक कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद बाहर निकलते समय कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल वे पुलिस हिरासत में हैं और उनसे रोज़ाना कई घंटों तक पूछताछ की जा रही है। उन्हें 10 नवंबर को अदालत में फिर से पेश किया जाएगा।

गौरतलब है कि इंद्रनील सेन ममता बनर्जी सरकार के पिछले कार्यकाल के पाँचवें पूर्व मंत्री हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया है — यह आँकड़ा सत्तारूढ़ दल के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।

मधुच्छंदा सेन की भूमिका पर संदेह

जाँचकर्ताओं को संदेह है कि फर्जी पासों की बिक्री मधुच्छंदा सेन की कंपनी मास आर्ट के माध्यम से की गई थी। शहर की अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने बताया कि मास आर्ट ने वर्ष 2025 में यूनेस्को के साथ एक समझौता किया था।

अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जिस दिन मास आर्ट के खाते में राशि जमा हुई, उसी दिन कुछ रकम इंद्रनील सेन के व्यक्तिगत बैंक खाते में भी स्थानांतरित की गई। हालाँकि, ये आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

अग्रिम जमानत की वजह से सीमित कार्रवाई

पुलिस पूछताछ के दौरान मधुच्छंदा सेन को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी, क्योंकि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें इस मामले में अग्रिम जमानत दे रखी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभी यह तय नहीं हुआ है कि उन्हें लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय बुलाया जाएगा या जाँच अधिकारी उनके घर जाकर बयान दर्ज करेंगे।

वित्तीय जाँच का दायरा

जाँच दल इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी, उनकी बेटियों और कुछ करीबी रिश्तेदारों के बैंक खातों की भी जाँच कर रहा है। अधिकारियों को कथित तौर पर संदेह है कि घोटाले से अर्जित राशि को इधर-उधर करने के लिए शेल कंपनियों का उपयोग किया गया हो सकता है।

यह ऐसे समय में आया है जब इस पास घोटाले की जाँच कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों अलग-अलग स्तरों पर समानांतर रूप से कर रहे हैं — जो मामले की जटिलता और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की गहराई को दर्शाता है।

आगे क्या होगा

पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की 10 नवंबर को अदालत में अगली पेशी होनी है, जहाँ उनकी हिरासत अवधि पर फैसला होगा। इस बीच, जाँच एजेंसियाँ वित्तीय लेन-देन की कड़ियाँ जोड़ने में लगी हैं। आने वाले दिनों में मधुच्छंदा सेन से पूछताछ का समय और स्थान तय होने के बाद मामले में नए खुलासे संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। कोलकाता पुलिस और ईडी की समानांतर जाँच से यह भी स्पष्ट है कि आरोप केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग के स्तर तक पहुँच रहे हैं — और अग्रिम जमानत के बावजूद मधुच्छंदा सेन से पूछताछ यह दर्शाती है कि जाँच एजेंसियाँ पारिवारिक वित्तीय नेटवर्क को भी खँगालने पर आमादा हैं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाला क्या है?
यह घोटाला पश्चिम बंगाल में यूनेस्को टैग का कथित दुरुपयोग कर दुर्गा पूजा टूर पैकेजों के नाम पर फर्जी पास बेचने से जुड़ा है। आरोप है कि मधुच्छंदा सेन की कंपनी मास आर्ट ने 2022 से 2025 के बीच यूनेस्को के लोगो का व्यावसायिक उपयोग किया, जो प्रतिबंधित है।
इंद्रनील सेन को क्यों गिरफ्तार किया गया?
पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को ईडी के साल्ट लेक कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि उनके बैंक खाते में मास आर्ट से सीधे धनराशि स्थानांतरित की गई और घोटाले की रकम को शेल कंपनियों के ज़रिए छुपाया गया।
मधुच्छंदा सेन को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा सकता?
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मधुच्छंदा सेन को इस मामले में अग्रिम जमानत दे रखी है, इसलिए पूछताछ के दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती। हालाँकि जाँच एजेंसियाँ उनसे बयान दर्ज करने की प्रक्रिया तय कर रही हैं।
इंद्रनील सेन की अदालत में अगली पेशी कब है?
इंद्रनील सेन को 10 नवंबर को अदालत में फिर से पेश किया जाएगा, जहाँ उनकी हिरासत अवधि पर निर्णय होगा। फिलहाल वे पुलिस हिरासत में हैं और रोज़ाना कई घंटों तक पूछताछ की जा रही है।
क्या यह मामला ममता बनर्जी सरकार के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है?
हाँ, इंद्रनील सेन ममता बनर्जी सरकार के पिछले कार्यकाल के पाँचवें पूर्व मंत्री हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। यह सिलसिला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए राजनीतिक दबाव का कारण बन रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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