31 अक्टूबर 2026
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दिल्ली फायर सर्विस में 2,345 नए पद: CM रेखा गुप्ता का 84 साल में सबसे बड़ा कैडर पुनर्गठन

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दिल्ली फायर सर्विस में 2,345 नए पद: CM रेखा गुप्ता का 84 साल में सबसे बड़ा कैडर पुनर्गठन

सारांश

84 साल पुरानी दिल्ली अग्निशमन सेवा का इतिहास का सबसे बड़ा विस्तार — CM रेखा गुप्ता ने एक झटके में 2,345 नए पद सृजित कर दिए। स्वीकृत पद 3,096 से सीधे 5,441 पर पहुँचेंगे। घनी आबादी, ऊँची इमारतें और जटिल बुनियादी ढाँचे के बीच यह फैसला राजधानी की आपदा-तैयारी को नई धार देने का दावा करता है।

मुख्य बातें

CM रेखा गुप्ता ने 31 अक्टूबर 2026 को दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) में 2,345 अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दी।
विभाग के स्वीकृत पद 3,096 से बढ़कर 5,441 हो जाएँगे — 84 वर्षों का सबसे बड़ा कैडर पुनर्गठन।
उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी से लेकर फायर ऑपरेटर तक, सभी रैंकों में पद बढ़ाए जाएंगे।
DFS की स्थापना 1942 में 186 कर्मियों और 4 स्टेशनों से हुई थी; आज 71 स्टेशन , 1,484 वर्ग किमी का दायरा।
गृह मंत्री आशीष सूद ने इसे दिल्ली को 'आपदा-प्रतिरोधी राजधानी' बनाने की दिशा में अहम कदम बताया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 31 अक्टूबर 2026 को दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) में 2,345 अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है, जो विभाग के 84 वर्षों के इतिहास में सबसे बड़ा कैडर पुनर्गठन है। इस निर्णय के बाद विभाग में स्वीकृत पदों की कुल संख्या 3,096 से बढ़कर 5,441 हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की बढ़ती शहरी जटिलताओं के बीच नागरिकों की जान और संपत्ति की सुरक्षा के लिए यह कदम अपरिहार्य था।

कैडर पुनर्गठन में क्या शामिल है

इस विस्तार के तहत उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी, संभागीय अधिकारी, सहायक संभागीय अधिकारी, स्टेशन अधिकारी, सब-ऑफिसर, लीडिंग फायरमैन, फायर ऑपरेटर, चपरासी और माली सहित विभिन्न रैंकों में पद बढ़ाए जाएंगे। यह विस्तार केवल फ्रंटलाइन कर्मियों तक सीमित नहीं है — वरिष्ठ पर्यवेक्षणीय स्तर से लेकर मैदानी दस्ते तक, हर श्रेणी में मानव संसाधन क्षमता मजबूत की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2,345 पदों का यह सृजन केवल संख्या बढ़ाने का फैसला नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की सार्वजनिक सुरक्षा, संस्थागत क्षमता और भावी आवश्यकताओं में एक दीर्घकालिक निवेश है।

शहर की बढ़ती चुनौतियाँ

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या, घनी आबादी वाली बस्तियाँ, ऊँची इमारतें, औद्योगिक प्रतिष्ठान और जटिल बुनियादी ढाँचा — ये सभी अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आग या किसी भी आपदा की स्थिति में हर मिनट मायने रखता है, और पर्याप्त प्रशिक्षित जनशक्ति इसी निर्णायक अंतर को पाट सकती है।

गौरतलब है कि दिल्ली अग्निशमन सेवा की भूमिका अब केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं रही। सड़क दुर्घटनाओं, भवन ढहने, बाढ़ और औद्योगिक हादसों में बचाव कार्य भी इसी विभाग की जिम्मेदारी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित यह कैडर पुनर्गठन विभाग को एक मजबूत संस्थागत आधार देगा और वह अपनी जिम्मेदारियाँ अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकेगा। उन्होंने कहा, 'जन सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।' सूद ने आगे जोड़ा कि यह निर्णय दिल्ली को एक सुरक्षित, आपदा-प्रतिरोधी राजधानी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

DFS का ऐतिहासिक सफर

दिल्ली अग्निशमन सेवा की स्थापना 1942 में मात्र 4 फायर स्टेशनों, 14 वाहनों और 186 कर्मियों के साथ हुई थी। 1970 तक स्टेशनों की संख्या 14 पर पहुँची। आज विभाग के पास मुख्यालय और प्रशिक्षण केंद्र सहित 71 फायर स्टेशनों का नेटवर्क है और इसका कार्यक्षेत्र लगभग 1,484 वर्ग किलोमीटर में फैला है।

यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शहरी विस्तार और घनत्व दोनों तेज़ी से बढ़ रहे हैं, और पुरानी कर्मियों की संरचना नई परिचालन माँगों के अनुरूप नहीं रही थी।

आगे क्या होगा

नए पदों के सृजन की मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया और प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार किए जाने की उम्मीद है। इस विस्तार से विभाग की संगठनात्मक संरचना सुव्यवस्थित होगी और आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय में सुधार होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

345 पदों का यह सृजन संख्या के लिहाज से प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि भर्ती और प्रशिक्षण की गति क्या होगी — स्वीकृत पद और तैनात पद के बीच का अंतर भारतीय सरकारी विभागों में अक्सर वर्षों तक बना रहता है। दिल्ली में पिछले कई वर्षों में बड़ी औद्योगिक और आवासीय आग की घटनाएँ यह बताती हैं कि संख्याबल की कमी एक पुरानी और गंभीर समस्या है। इस फैसले की वास्तविक परीक्षा तब होगी जब नए पद भरे जाएँ, कर्मी प्रशिक्षित हों और प्रतिक्रिया समय में मापनीय सुधार आए — केवल फाइल पर मंजूरी से नहीं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली अग्निशमन सेवा में कितने नए पद सृजित किए गए हैं?
CM रेखा गुप्ता ने दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) में 2,345 अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इससे विभाग में स्वीकृत पदों की कुल संख्या 3,096 से बढ़कर 5,441 हो जाएगी।
यह कैडर पुनर्गठन इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
1942 में स्थापित DFS के 84 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर पदों का विस्तार किया जा रहा है। दिल्ली की बढ़ती जनसंख्या, ऊँची इमारतों और जटिल बुनियादी ढाँचे के कारण विभाग पर काम का बोझ लगातार बढ़ा है, जबकि जनशक्ति सीमित रही।
किन रैंकों और श्रेणियों में पद बढ़ाए जाएंगे?
पुनर्गठन में उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी, संभागीय अधिकारी, सहायक संभागीय अधिकारी, स्टेशन अधिकारी, सब-ऑफिसर, लीडिंग फायरमैन, फायर ऑपरेटर, चपरासी और माली सहित सभी स्तरों पर पद शामिल हैं। इससे वरिष्ठ पर्यवेक्षण से लेकर फ्रंटलाइन संचालन तक हर स्तर पर क्षमता बढ़ेगी।
दिल्ली अग्निशमन सेवा आज कितनी बड़ी है?
आज DFS के पास मुख्यालय और प्रशिक्षण केंद्र सहित 71 फायर स्टेशनों का नेटवर्क है और इसका कार्यक्षेत्र लगभग 1,484 वर्ग किलोमीटर है। 1942 में यह विभाग केवल 4 स्टेशनों, 14 वाहनों और 186 कर्मियों के साथ शुरू हुआ था।
इस फैसले से दिल्लीवासियों को क्या फायदा होगा?
अधिक प्रशिक्षित कर्मियों और मजबूत कमान संरचना से आग, दुर्घटना और अन्य आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय में सुधार होने की उम्मीद है। गृह मंत्री आशीष सूद के अनुसार, यह दिल्ली को एक आपदा-प्रतिरोधी और नागरिकों के प्रति अधिक जवाबदेह राजधानी बनाने की दिशा में अहम कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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