31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीहोर में घरेलू विवाद के बाद युवक 33 केवी बिजली खंभे पर चढ़ा, प्रशासन ने सुरक्षित उतारा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीहोर में घरेलू विवाद के बाद युवक 33 केवी बिजली खंभे पर चढ़ा, प्रशासन ने सुरक्षित उतारा

सारांश

सीहोर के एक गाँव में घरेलू विवाद के बाद युवक 33 केवी हाईटेंशन खंभे पर चढ़ गया — लाइन में करंट न होने से बड़ी त्रासदी टली। प्रशासन और विद्युत विभाग ने लंबी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम जमोनिया हते सिंह में 31 अक्टूबर 2026 को युवक 33 केवी बिजली खंभे पर चढ़ा।
घटना का कारण घरेलू विवाद बताया गया; युवक ने मांगें मनवाने के लिए यह खतरनाक कदम उठाया।
खंभे पर लगी हाईटेंशन लाइन में उस समय बिजली नहीं थी , जिससे बड़ा हादसा टल गया।
विद्युत विभाग और जिला प्रशासन ने लंबे समझाने के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा।
प्रशासन ने आम जनता से हाईटेंशन बिजली खंभों और तारों से दूरी बनाए रखने की अपील की।

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम जमोनिया हते सिंह में 31 अक्टूबर 2026 को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक घरेलू विवाद से जुड़ी अपनी मांगें मनवाने के लिए 33 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन के खंभे पर चढ़ गया। विद्युत विभाग के कर्मचारियों और प्रशासन ने लंबी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारने में सफलता पाई।

घटनाक्रम: कैसे बढ़ा मामला

जानकारी के अनुसार, युवक पहले स्थानीय लोगों के साथ घरेलू विवाद में उलझा। जब उसकी मांगें नहीं मानी गईं, तो उसने 33 केवी के हाईटेंशन बिजली खंभे पर चढ़ने का खतरनाक कदम उठाया। स्थानीय ग्रामीणों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन युवक ने नीचे उतरने से इनकार कर दिया।

इसके बाद गाँव वालों ने तत्काल विद्युत विभाग और जिला प्रशासन को सूचना दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और माहौल में तनाव बढ़ता चला गया।

प्रशासन और विभाग की प्रतिक्रिया

सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुँचे। किसी भी अनहोनी को टालने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए। काफी देर तक चले समझाने के प्रयासों के बाद अंततः युवक को सुरक्षित नीचे उतारने में सफलता मिली।

यह राहत की बात रही कि उस समय खंभे पर लगी हाईटेंशन लाइन में बिजली प्रवाहित नहीं हो रही थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अधिकारियों के अनुसार, यदि लाइन में विद्युत प्रवाह होता, तो परिणाम अत्यंत घातक हो सकते थे।

आम जनता पर असर और सुरक्षा चेतावनी

इस घटना ने पूरे गाँव को हिलाकर रख दिया। युवक के खंभे पर चढ़े रहने के दौरान लोगों की साँसें अटकी रहीं। प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि हाईटेंशन बिजली के खंभों और तारों से हर हाल में दूरी बनाए रखें।

गौरतलब है कि इस तरह के कदम न केवल संबंधित व्यक्ति की जान को जोखिम में डालते हैं, बल्कि बिजली विभाग के कर्मचारियों और आसपास मौजूद ग्रामीणों के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं।

यह पहली ऐसी घटना नहीं

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में घरेलू या व्यक्तिगत विवादों के चलते लोगों द्वारा हाईटेंशन खंभों पर चढ़ने की घटनाएँ सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तत्काल मनोवैज्ञानिक परामर्श और संवाद की आवश्यकता होती है, न कि केवल भौतिक बचाव की।

फिलहाल युवक सुरक्षित है और मामले की आगे की जाँच स्थानीय प्रशासन कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ग्रामीण स्तर पर संकट परामर्श या मानसिक स्वास्थ्य तंत्र की घोर कमी बनी हुई है। इस बार लाइन में करंट नहीं था — अगली बार ऐसा न हो, इसकी गारंटी कोई नहीं दे सकता।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीहोर बिजली खंभा घटना क्या है?
31 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक युवक घरेलू विवाद के बाद 33 केवी हाईटेंशन बिजली खंभे पर चढ़ गया। विद्युत विभाग और प्रशासन की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया।
क्या युवक को कोई चोट आई?
नहीं, युवक सुरक्षित था। उस समय हाईटेंशन लाइन में बिजली प्रवाहित नहीं हो रही थी, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई और युवक बिना किसी चोट के नीचे उतरा।
हाईटेंशन बिजली खंभे पर चढ़ना कितना खतरनाक है?
33 केवी या उससे अधिक की हाईटेंशन लाइन के पास जाना अत्यंत जानलेवा होता है। विद्युत विभाग के अनुसार, ऐसी लाइन में करंट होने पर मृत्यु लगभग तय होती है और आसपास खड़े लोगों को भी गंभीर खतरा रहता है।
प्रशासन ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुँचे, सुरक्षा उपाय किए और युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारा। प्रशासन ने जनता से हाईटेंशन तारों और खंभों से दूरी बनाए रखने की अपील भी की।
ऐसी घटनाएँ रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और विवाद निपटारे के तंत्र को मजबूत किया जाना ज़रूरी है। घरेलू विवादों में मध्यस्थता की त्वरित व्यवस्था ऐसी खतरनाक स्थितियों को उत्पन्न होने से रोक सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले