दिल्ली में 1 नवंबर से शीतकालीन प्रदूषण प्रतिबंध लागू, CM रेखा गुप्ता ने माँगा सहयोग
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 31 अक्टूबर 2026 को दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाले शीतकालीन वायु प्रदूषण प्रतिबंधों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करें। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने इन प्रतिबंधों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), नगर निगम और अन्य एजेंसियों को सख्त प्रवर्तन सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं।
मुख्य प्रतिबंध और उनका दायरा
1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-IV तथा उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले मोटर वाहनों के दिल्ली में प्रवेश और परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों, एम्बुलेंस, अग्निशमन, पुलिस तथा अन्य अधिसूचित श्रेणियों को इससे छूट मिली है।
इसी अवधि में धूल उत्पन्न करने वाली सभी बाहरी सिविल निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियाँ भी प्रतिबंधित रहेंगी। हालाँकि आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के अधीन छूट रहेगी और निर्माण स्थलों के भीतर फिनिशिंग, प्लंबिंग एवं इलेक्ट्रिकल जैसे कार्य धूल नियंत्रण मानकों का पालन करते हुए जारी रखे जा सकेंगे। 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच निर्धारित अपवादों को छोड़कर सभी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण रोक रहेगी।
पार्किंग शुल्क, दफ़्तर समय और वर्क फ्रॉम होम
1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक दिल्ली के अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) के स्वामित्व वाले पार्किंग स्थल इससे मुक्त रहेंगे। यातायात का दबाव घटाने के लिए दिल्ली नगर निगम के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे।
1 नवंबर से 31 जनवरी तक सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति अनिवार्य होगी, शेष कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं को निर्धारित छूट रहेगी।
प्रवर्तन तंत्र: ANPR कैमरे और AI निगरानी
दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर स्थापित ANPR कैमरों के ज़रिये प्रतिबंधित वाहनों की पहचान स्वचालित रूप से की जाएगी और चालान जारी किए जाएँगे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस नियमानुसार वाहन जब्त करने सहित सख्त कार्रवाई करेगी। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की विशेष टीमें भी वाहन जाँच करेंगी।
DPCC, नगर निगम और अन्य एजेंसियों की टीमें निर्माण स्थलों का निरीक्षण करेंगी। प्रतिबंधित गतिविधि पाए जाने पर मौके पर ही कार्य बंद करने का नोटिस, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और आवश्यकतानुसार सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। समग्र निगरानी AI-सक्षम इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के माध्यम से होगी।
CM रेखा गुप्ता की अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी नागरिकों, वाहन मालिकों, निर्माण एजेंसियों, आवासीय कल्याण संघों (RWA) और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से आग्रह किया है कि वे दिल्ली के बाहर पंजीकृत प्रतिबंधित वाहनों को राजधानी में न लाएँ, बाहरी निर्माण गतिविधियाँ तत्काल बंद करें, निजी वाहनों का अनावश्यक उपयोग कम करें और सार्वजनिक परिवहन तथा कार-पूलिंग को प्राथमिकता दें। उन्होंने खुले में कचरा, पत्तियाँ या अन्य सामग्री जलाने पर भी सख्त रोक की चेतावनी दी।
आम जनता और व्यापार पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में शीतकाल की शुरुआत के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) तेज़ी से बिगड़ता है और पराली जलाने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं। पार्किंग शुल्क दोगुना होने और WFH व्यवस्था से दैनिक यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा, जबकि निर्माण क्षेत्र में पूर्ण प्रतिबंध अवधि के दौरान लागत और समयसीमा पर दबाव आ सकता है। गौरतलब है कि यह कदम ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पूर्व-निवारक ढाँचे के तहत उठाया गया है ताकि प्रदूषण को उसके स्रोत पर रोका जा सके।