31 अक्टूबर 2026
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यूपी में माफियाराज नहीं, कानून का राज: प्रकाश पाल का अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार

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यूपी में माफियाराज नहीं, कानून का राज: प्रकाश पाल का अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार

सारांश

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सपा-भाजपा की जुबानी जंग तेज़ — राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि 2014 के बाद से प्रदेश में बदलाव आया है और आज माफियाराज की जगह कानून का राज है। 2027 चुनाव से पहले दोनों दलों की कथाएँ आकार लेने लगी हैं।

मुख्य बातें

राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने 31 अक्टूबर 2026 को अखिलेश यादव के यूपी कानून-व्यवस्था संबंधी बयान पर तीखा पलटवार किया।
पाल ने दावा किया कि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 में से 73 सीटें जीती थीं और 2017 में बहुमत की सरकार बनाई।
सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन के राम जन्मभूमि संबंधी बयान पर भी पाल ने आपत्ति जताई।
पाल ने राहुल गांधी की एक टिप्पणी की तुलना पहलगाम आतंकवादियों की भाषा से की — एक विवादास्पद बयान जो तत्काल सुर्खियों में आया।
यह बयानबाज़ी 2027 यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक कथा-निर्माण का हिस्सा मानी जा रही है।

राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने 31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पाल ने दावा किया कि आज प्रदेश में माफियाराज की जगह कानून का राज कायम है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अपराधियों पर लगाम कसी है।

अखिलेश के बयान पर प्रकाश पाल का पलटवार

अखिलेश यादव ने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। इस पर पाल ने कहा कि अमित शाह वर्ष 2014 में ही प्रदेश का दौरा कर चुके हैं और गाँव-गली घूमकर उस समय की स्थिति का जायजा ले चुके हैं। उनके अनुसार, उस दौर में प्रदेश में अराजकता और गुंडागर्दी का माहौल था, युवाओं की नौकरियों में गड़बड़ी होती थी और महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल था।

पाल ने दावा किया कि अमित शाह ने 2014 में उत्तर प्रदेश की हालत देखकर चुनावी एजेंडा तैयार किया था, जिसका नतीजा यह रहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उस वर्ष के लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 80 में से 73 सीटें जीती थीं। इसके बाद 2017 में भी भाजपा ने बहुमत की सरकार बनाई।

एसटी हसन के बयान पर आपत्ति

समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन के राम जन्मभूमि से जुड़े बयान पर प्रकाश पाल ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की आस्था से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों और परंपराओं की पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए।

पाल ने अखिलेश यादव से सीधे सवाल किया कि वे बताएँ कि राम और कृष्ण का जन्मस्थान कहाँ है, क्योंकि भारत का हर नागरिक इन धार्मिक मान्यताओं से परिचित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अयोध्या में राम जन्मभूमि थाना पहले से मौजूद है और इसकी स्थापना कांग्रेस शासनकाल से जुड़ी है — यह भाजपा सरकार की देन नहीं है।

राहुल गांधी पर विवादित टिप्पणी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए — जिसमें कथित तौर पर व्यापारियों से दिवाली और त्योहारों को देखते हुए प्रदर्शन आगे बढ़ाने की अपील का उल्लेख था — पाल ने कहा कि राहुल गांधी ने व्यापारियों को कहा कि वे जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करें।

पाल ने इस बयान की तुलना पहलगाम के आतंकवादियों की कथित टिप्पणी से करते हुए दोनों की भाषा को एक जैसा बताया — एक बयान जो तत्काल विवाद का केंद्र बन गया। यह टिप्पणी सांसद पाल की व्यक्तिगत राय के रूप में दर्ज है और इसका कोई स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।

राजनीतिक संदर्भ

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो चुकी हैं। भाजपा और सपा दोनों ही कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अपनी-अपनी कथा गढ़ने में जुटी हैं। गौरतलब है कि यूपी में कानून-व्यवस्था का मुद्दा हर चुनाव में केंद्रीय रहा है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर इसी राजनीतिक जमीन को तैयार करने की कवायद का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि पाल का राहुल गांधी की तुलना आतंकवादियों से करना एक अत्यंत विवादास्पद और असंसदीय भाषा है, जो राजनीतिक विमर्श को और नीचे ले जाती है। कानून-व्यवस्था के दावों की असली परीक्षा NCRB के आँकड़ों और न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या से होनी चाहिए, न कि चुनावी बयानबाज़ी से।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव पर पलटवार क्यों किया?
अखिलेश यादव ने माँग की थी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यूपी की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करें। इस पर राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने कहा कि अमित शाह 2014 में ही यह समीक्षा कर चुके हैं और उसके बाद से प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है।
प्रकाश पाल ने यूपी में कानून-व्यवस्था को लेकर क्या दावा किया?
पाल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने माफियाओं पर सख्ती की है और आज प्रदेश में माफियाराज की जगह कानून का राज स्थापित हो चुका है। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में 80 में से 73 सीटें जीतने और 2017 में बहुमत की सरकार बनाने का भी उल्लेख किया।
एसटी हसन के बयान पर प्रकाश पाल ने क्या कहा?
सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन के राम जन्मभूमि संबंधी बयान पर पाल ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म से जुड़े विषयों पर टिप्पणी से पहले तथ्यों और परंपराओं की जानकारी होनी चाहिए और अयोध्या में राम जन्मभूमि थाना भाजपा नहीं, बल्कि कांग्रेस शासन में बना था।
राहुल गांधी पर प्रकाश पाल के विवादित बयान में क्या कहा गया?
पाल ने राहुल गांधी की एक टिप्पणी — जिसमें कथित तौर पर व्यापारियों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील का उल्लेख था — की तुलना पहलगाम के आतंकवादियों की भाषा से की। यह बयान तत्काल विवाद का केंद्र बन गया।
इस बयानबाज़ी का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह विवाद 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में हो रहा है। भाजपा और सपा दोनों कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अपनी-अपनी कथा को मज़बूत करने में जुटी हैं, जो यूपी के हर चुनाव में केंद्रीय मुद्दा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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