करौली में हाईटेंशन तार गिरने से तीन की मौत, परिजन ₹50 लाख मुआवजे की मांग पर 18 घंटे से धरने पर
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के करौली जिले में 30 जून की शाम एक दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की जान चली गई, जब भोपर नदी के पास कच्ची सड़क पर 11 केवी की हाईटेंशन बिजली लाइन टूटकर गिर गई और उससे गुजर रही मोटरसाइकिल करंट की चपेट में आ गई। मृतकों में चाचा-भतीजे समेत तीन दिहाड़ी मजदूर शामिल हैं, जो उस वक्त काम से घर लौट रहे थे। घटना के बाद से पीड़ित परिजन और ग्रामीण शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से इनकार कर 18 घंटे से अधिक समय से धरने पर बैठे हैं।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम करीब 5 बजे बालघाट थाना क्षेत्र के अखड़ा गांव निवासी रामबाबू (45), विष्णु (22) और चौबे जाटव (44) मोटरसाइकिल पर हिंडौन से घर लौट रहे थे। भोपर नदी के पास पहुँचते ही सड़क पर पहले से गिरी 11 केवी की चालू बिजली लाइन उनकी मोटरसाइकिल में फंस गई। तीनों को तेज करंट लगा और मोटरसाइकिल में तत्काल आग लग गई। स्थानीय लोगों ने मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
टोडाभीम डीएसपी मुरारी लाल मीणा ने बताया कि चौबे जाटव, विष्णु के चाचा थे, जबकि रामबाबू उनके पड़ोसी थे। तीनों हिंडौन में दिहाड़ी मजदूरी करते थे।
बिजली विभाग पर कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए संबंधित बिजली विभाग के फीडर इंचार्ज को निलंबित कर दिया है। आगे की जाँच जारी है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब राजस्थान में मानसून से पहले की आंधियों और बारिश के कारण बिजली के बुनियादी ढाँचे पर दबाव बढ़ा हुआ है।
परिजनों का विरोध प्रदर्शन
हादसे के तुरंत बाद पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से मना कर दिया और घटनास्थल पर ही धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹50 लाख मुआवजा और प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की माँग पर अड़े हैं। शव अभी भी नदी किनारे धरना स्थल पर रखे हुए हैं।
टोडाभीम विधायक घनश्याम महर और हिंडौन विधायक अनीत जाटव धरना स्थल पर पहुँचे और परिजनों को समर्थन दिया। विधायक महर ने कहा कि जब तक प्रशासन मुआवजे और रोजगार पर लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
एसडीएम अमन चौधरी की अगुवाई में कई दौर की बातचीत के बावजूद रात भर कोई सहमति नहीं बन सकी। करौली एसपी मुरारी लाल मीणा, एएसपी सतेंद्र पाल सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
आगे क्या होगा
प्रदर्शन जारी रहने के साथ प्रशासन और परिजनों के बीच बातचीत का दौर चल रहा है। मुआवजे और सरकारी नौकरी की माँग पर लिखित आश्वासन मिलने तक धरना समाप्त होने के आसार नहीं दिखते। बिजली विभाग में फीडर इंचार्ज के निलंबन के बाद उच्च स्तरीय जाँच की भी माँग उठ रही है।