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खूंटी रथयात्रा में करंट से दो छात्रों की मौत, सात झुलसे — तोरपा में हाईटेंशन तार बना काल

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खूंटी रथयात्रा में करंट से दो छात्रों की मौत, सात झुलसे — तोरपा में हाईटेंशन तार बना काल

सारांश

झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान रथ के हाईटेंशन तार से टकराने पर करंट की चपेट में आकर दो स्कूली छात्रों की मौत हो गई और सात झुलस गए। यह हादसा धार्मिक आयोजनों में बुनियादी बिजली सुरक्षा उपायों की घोर अनदेखी को उजागर करता है।

मुख्य बातें

20 जुलाई 2025 को खूंटी जिले के तोरपा में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान रथ हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आया।
मृतकों की पहचान चंदन कुमार (17) और तिजेश्वर गोप (17) के रूप में हुई — दोनों श्रीहरि प्लस टू विद्यालय, तोरपा के छात्र।
झुलसे सात छात्रों में कमलेश गोप, रूपेश कुमार सिंह, अरमान आलम, पंकज राम, गिरिराज यादव, सूजे लोहरा और निलय एक्का शामिल हैं; कुछ की हालत गंभीर।
स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद करा घायलों को तोरपा अस्पताल पहुँचाया; दो को खूंटी सदर अस्पताल रेफर किया गया जहाँ मृत घोषित किया गया।
छात्रों की उपस्थिति को लेकर अलग-अलग दावे, आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी ।
पुलिस-प्रशासन मौके पर; रथयात्रा में बिजली सुरक्षा उपायों की अनदेखी पर सवाल।

झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा में 20 जुलाई 2025 को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसे में दो स्कूली छात्रों की जान चली गई और सात अन्य झुलस गए। रथ का लोहे का ऊपरी हिस्सा हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे पूरे रथ में करंट दौड़ गया और उसके निकट मौजूद छात्र इसकी चपेट में आ गए।

हादसे का घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर में रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ खींच रहे थे। इसी दौरान रथ का ऊपरी लोहे का हिस्सा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। पलक झपकते ही पूरे रथ में करंट फैल गया और आसपास खड़े छात्र उसकी चपेट में आ गए। मौके पर अफरातफरी मच गई।

स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई और घायलों को तोरपा अस्पताल पहुँचाया। वहाँ से गंभीर रूप से घायल दो छात्रों को खूंटी सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतकों और घायलों की पहचान

मृतकों की पहचान चंदन कुमार (17 वर्ष) और तिजेश्वर गोप (17 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों तोरपा स्थित श्रीहरि प्लस टू विद्यालय के छात्र थे।

झुलसने वाले सात छात्रों में कमलेश गोप (20), रूपेश कुमार सिंह (17), अरमान आलम (16), पंकज राम (17), गिरिराज यादव (17), सूजे लोहरा (13) और निलय एक्का (17) शामिल हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और इलाज जारी है।

छात्रों की उपस्थिति को लेकर अलग-अलग दावे

इस संबंध में परस्पर विरोधी दावे सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी छात्र दोपहर के अवकाश के दौरान रथयात्रा में शामिल हुए थे। वहीं, कुछ लोगों का दावा है कि उन्हें रथ खींचने के लिए बुलाया गया था, जबकि अन्य का कहना है कि वे स्वयं श्रद्धालुओं के साथ जुड़े थे। अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

हादसे के बाद रथयात्रा के आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का सवाल है कि हाईटेंशन बिजली लाइन के नीचे से रथ निकालने से पहले विद्युत विभाग को सूचित कर लाइन बंद क्यों नहीं कराई गई और नाबालिग स्कूली छात्र इस आयोजन का हिस्सा कैसे बने। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए हैं।

शोक में डूबा तोरपा

हादसे के बाद खूंटी सदर अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मृतकों के परिजन गहरे शोक में हैं। तोरपा और आसपास के गाँवों में मातम का माहौल है। आगे की जाँच और जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई प्रशासन के स्तर पर जारी बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार जाँच के आदेश के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। सवाल यह है कि रथयात्रा के रूट पर बिजली विभाग से समन्वय कर लाइन अस्थायी रूप से बंद क्यों नहीं कराई गई — यह एक बुनियादी प्रोटोकॉल है जिसे कई राज्यों में अनिवार्य किया जा चुका है। नाबालिग छात्रों की उपस्थिति को लेकर परस्पर विरोधी दावे यह भी संकेत देते हैं कि आयोजन में भीड़-प्रबंधन और जिम्मेदारी की रेखाएँ धुंधली थीं। जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और रूट-क्लियरेंस को कानूनी बाध्यता नहीं बनाया जाता, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खूंटी रथयात्रा हादसे में क्या हुआ?
20 जुलाई 2025 को झारखंड के तोरपा में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान रथ का लोहे का ऊपरी हिस्सा हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे पूरे रथ में करंट फैल गया। इसकी चपेट में आकर दो स्कूली छात्रों की मौत हो गई और सात अन्य झुलस गए।
इस हादसे में किन छात्रों की मौत हुई?
मृतकों की पहचान 17 वर्षीय चंदन कुमार और 17 वर्षीय तिजेश्वर गोप के रूप में हुई है। दोनों तोरपा स्थित श्रीहरि प्लस टू विद्यालय के छात्र थे।
हादसे में कितने छात्र घायल हुए और उनकी स्थिति क्या है?
सात छात्र — कमलेश गोप, रूपेश कुमार सिंह, अरमान आलम, पंकज राम, गिरिराज यादव, सूजे लोहरा और निलय एक्का — करंट से झुलस गए। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
रथयात्रा में छात्र कैसे शामिल हुए थे?
इस बारे में अलग-अलग दावे हैं — कुछ लोगों का कहना है कि छात्र दोपहर के अवकाश के दौरान स्वयं रथयात्रा में शामिल हुए, जबकि अन्य का दावा है कि उन्हें रथ खींचने के लिए बुलाया गया था। अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर क्या सवाल उठे हैं?
स्थानीय लोगों और आलोचकों का सवाल है कि हाईटेंशन बिजली लाइन के नीचे से रथ निकालने से पहले बिजली आपूर्ति क्यों नहीं बंद कराई गई और नाबालिग स्कूली छात्र आयोजन में कैसे शामिल हुए। पुलिस और प्रशासन मामले की जाँच कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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