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नालंदा में हाईटेंशन तार से बस में करंट: दंपति की मौत, 12 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे

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नालंदा में हाईटेंशन तार से बस में करंट: दंपति की मौत, 12 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे

सारांश

बिहार के नालंदा में ईंट-भट्ठे से घर लौट रहे मजदूरों की बस 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई। बस की छत पर रखी साइकिल तार से छू गई और पूरी बस में करंट दौड़ गया। दंपति रुदल मांझी और फूलों देवी की मौके पर मौत, 12 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे।

मुख्य बातें

17 जून को नालंदा जिले के पावापुरी में मजदूरों से भरी बस 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आई।
रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलों देवी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
12 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे; सभी को बिहार शरीफ के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मजदूर पश्चिम चंपारण (बेतिया) से ईंट-भट्ठे का काम समाप्त कर घोषरावा गाँव लौट रहे थे।
प्रारंभिक जाँच में बिजली तार का अत्यधिक नीचे होना सामने आया; बिजली विभाग की लापरवाही की जाँच जारी।
एसडीएम सूर्य प्रकाश गुप्ता , एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता और थानाध्यक्ष गौरव सिंह मौके पर पहुँचे।

बिहार के नालंदा जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र में बुधवार, 17 जून को एक दर्दनाक हादसे में मजदूरों से भरी यात्री बस 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गई, जिससे बस में सवार रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलों देवी की मौके पर ही मृत्यु हो गई और 12 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस के अनुसार यह हादसा शंभू शरण मंदिर के समीप उस समय हुआ जब घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों की बस अचानक नीचे लटके बिजली के तार की चपेट में आ गई।

हादसे का घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की छत पर एक साइकिल रखी हुई थी, जो पावापुरी क्षेत्र में काफी नीचे लटके 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई। इसके बाद पूरी बस में करंट दौड़ गया और यात्रियों में भगदड़ मच गई। बस में सवार सभी लोग पश्चिम चंपारण (बेतिया) से नालंदा जिले के घोषरावा गाँव लौट रहे थे, जो ईंट-भट्ठे पर मौसमी काम समाप्त कर अपने घरों की ओर जा रहे थे।

मृतक और घायल

हादसे में रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलों देवी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता ने पुष्टि की कि अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और नौ लोग घायल हैं। गंभीर रूप से झुलसे सभी घायलों को बिहार शरीफ स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत नाज़ुक बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही पीड़ितों के परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुँच गए।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी मिलते ही राजगीर के एसडीएम सूर्य प्रकाश गुप्ता, एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता और पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव सिंह अस्पताल पहुँचे और घायलों का हाल जाना। स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रशासन ने पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी है।

बिजली विभाग पर लापरवाही की जाँच

एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में बिजली तार का काफी नीचे होना सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जाँच में बिजली विभाग की लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब बिहार में प्रवासी मजदूरों की सड़क सुरक्षा और बिजली अवसंरचना की स्थिति पहले से ही चिंता का विषय रही है।

आगे क्या

घायल मजदूर बिहार शरीफ के अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। एक ही परिवार के दोनों सदस्यों की असामयिक मृत्यु से घोषरावा गाँव में शोक का माहौल है। प्रशासन मामले की हर पहलू से जाँच में जुटा है और बिजली विभाग की भूमिका की समीक्षा की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार में बिजली अवसंरचना की दीर्घकालिक उपेक्षा का परिणाम है — जहाँ निर्धारित ऊँचाई से नीचे लटके तार सालों से खतरा बने हुए हैं। प्रवासी मजदूर, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बार-बार ऐसी दुर्घटनाओं के शिकार होते हैं जिन्हें बुनियादी निगरानी से रोका जा सकता था। बिजली विभाग की 'जाँच' की घोषणाएँ पहले भी होती रही हैं, लेकिन जवाबदेही तय होना दुर्लभ रहा है। असली सवाल यह है कि क्या इस बार दोषियों पर कार्रवाई होगी, या यह हादसा भी फाइलों में दब जाएगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नालंदा बस हादसा कहाँ और कब हुआ?
यह हादसा 17 जून को बिहार के नालंदा जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र में शंभू शरण मंदिर के समीप हुआ। मजदूरों से भरी एक यात्री बस 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई।
इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कौन थे?
हादसे में रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलों देवी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता ने दो मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है।
बस हाईटेंशन तार की चपेट में कैसे आई?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की छत पर रखी साइकिल नीचे लटके 11,000 वोल्ट के बिजली तार से संपर्क में आ गई, जिससे पूरी बस में करंट दौड़ गया। प्रारंभिक जाँच में बिजली तार का निर्धारित ऊँचाई से काफी नीचे होना सामने आया है।
घायल मजदूर कहाँ से थे और क्या कर रहे थे?
मजदूर पश्चिम चंपारण (बेतिया) से नालंदा जिले के घोषरावा गाँव के रहने वाले थे। वे ईंट-भट्ठे पर मौसमी काम खत्म कर यात्री बस से अपने घर लौट रहे थे।
क्या बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई होगी?
एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता ने कहा है कि यदि जाँच में बिजली विभाग की लापरवाही सिद्ध होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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