बांदा में करंट से पिता-पुत्र की मौत, बचाने दौड़ी मां घायल; PWD पर लापरवाही का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बांदा में 24 जुलाई को एक दर्दनाक हादसे में घर की कपड़े सुखाने वाली तार में करंट आने से बाबूलाल (60) और उनके बेटे धीरू (30) की मौत हो गई। बेटे को करंट की चपेट में छटपटाते देख बचाने दौड़ी उनकी माँ भी करंट लगने से घायल हो गईं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
मामला शहर कोतवाली के कालू कुंआ चौकी क्षेत्र का है। बाबूलाल एक स्थानीय मैरिज हॉल में गार्ड की नौकरी करते थे और वहीं अपनी पत्नी के साथ रहते थे। गुरुवार देर शाम उनका बेटा धीरू मजदूरी से लौटा और नहाने के बाद घर में बंधी तार पर सूख रहे कपड़े उतारने लगा।
इसी दौरान उस तार में करंट फैला हुआ था और धीरू उसकी चपेट में आ गया। पिता बाबूलाल ने बेटे को छटपटाते देखा तो बचाने के लिए दौड़े — और वे भी करंट की चपेट में आकर तार से चिपक गए। इसके बाद माँ बचाने के लिए दौड़ीं, लेकिन करंट लगने से वे दूर जा गिरीं। पड़ोसियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और एंबुलेंस की सहायता से बाबूलाल व धीरू को तुरंत अस्पताल ले गई, जहाँ डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घायल महिला को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।
एएसपी माविस टाक ने बताया, 'एक परिवार के दो सदस्यों को करंट लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और उन्हें अस्पताल ले गई, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आगे की जाँच जारी है।'
स्थानीय लोगों का आरोप: PWD और बिजली विभाग की लापरवाही
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि PWD और बिजली विभाग के पोल व लाइन शिफ्ट के दौरान घर की तार में करंट आया, जिससे यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि क्षेत्र में जगह-जगह तारें फैली हुई हैं और बारिश के मौसम में इनमें करंट फैलने का खतरा और बढ़ जाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून के दौरान बिजली के तारों की अव्यवस्था से हादसों की खबरें सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि इस तरह की दुर्घटनाएँ अक्सर उन इलाकों में होती हैं जहाँ बुनियादी ढाँचे की नियमित जाँच नहीं होती।
आगे की जाँच
पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है और दोनों शवों को मोर्चरी भेज दिया गया है। विद्युत विभाग की लापरवाही के आरोपों के मद्देनज़र आगे की जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, करंट के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।