26 जून 2026
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एटा में मोहर्रम जुलूस: 21 फीट ऊँचा ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकराया, करंट से युवक शेख की मौत, 7 घायल

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एटा में मोहर्रम जुलूस: 21 फीट ऊँचा ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकराया, करंट से युवक शेख की मौत, 7 घायल

सारांश

उत्तर प्रदेश के एटा में मोहर्रम जुलूस के दौरान 21 फीट ऊँचा ताजिया 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। करंट की चपेट में आने से युवक शेख की जान चली गई और 7 लोग घायल हुए। परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं था।

मुख्य बातें

26 जून 2026 को एटा के अलीगंज में मोहर्रम जुलूस के दौरान ताजिया 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकराया।
करंट की चपेट में आने से युवक शेख की मौत हो गई; 7 अन्य लोग घायल हुए।
ताजिया की ऊँचाई लगभग 21 फीट थी और उसे लोग कंधों पर उठाकर चल रहे थे।
परिजनों का आरोप — जुलूस के दौरान कोई बिजली विभाग कर्मचारी मौके पर नहीं था।
सभी घायलों को अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

उत्तर प्रदेश के एटा जिले के अलीगंज इलाके में शुक्रवार, 26 जून 2026 की सुबह मोहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब लगभग 21 फीट ऊँचा ताजिया एक 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। करंट की चपेट में आने से युवक शेख की मौत हो गई और 7 अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों को अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

हादसे का घटनाक्रम

मृतक के चाचा इरफान खान ने बताया कि जुलूस पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में निकाला जा रहा था। जब ताजिया पुरानी तहसील के पास पहुँचा, तब वह ऊपर से गुज़र रही 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन से जा टकराया। ताजिया में करंट दौड़ते ही जुलूस में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग उसकी चपेट में आ गए।

मृतक के रिश्तेदार आरिफ खान ने बताया कि ताजिया की लंबाई लगभग 21 फीट थी और उसे लोग अपने कंधों पर उठाकर चल रहे थे। कई बार ताजिया को हाथों से और ऊँचा उठाया जाता है, जिससे वह बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया।

लापरवाही के आरोप

इरफान खान ने आरोप लगाया कि जुलूस के दौरान कोई भी बिजली विभाग का कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। उनके अनुसार, यदि समय पर बिजली आपूर्ति कुछ देर के लिए बंद कर दी जाती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

आरिफ खान ने भी पुष्टि की कि जुलूस से पहले वाहनों को हटाने और बिजली आपूर्ति रोकने की माँग की गई थी, लेकिन दोनों में से कोई भी कदम नहीं उठाया गया। गौरतलब है कि इस तरह के धार्मिक जुलूसों के दौरान बिजली विभाग से समन्वय की ज़िम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होती है।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मौके पर तैनात पुलिस ने हादसे के तुरंत बाद स्थिति को नियंत्रण में लेने की कोशिश की। सभी 7 घायलों को अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। मृतक शेख की पहचान की पुष्टि अस्पताल में हुई। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

आम जनता पर असर और आगे की स्थिति

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब मोहर्रम के जुलूसों की सुरक्षा व्यवस्था पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। ऊँचे ताजियों और निचली बिजली लाइनों के बीच टकराव की घटनाएँ उत्तर प्रदेश में पहले भी सामने आ चुकी हैं। परिजनों की माँग है कि बिजली विभाग की लापरवाही की जाँच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। मामले की आगे की जाँच स्थानीय पुलिस द्वारा जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी हर बार समन्वय की वही चूक दोहराई जाती है। असली सवाल यह है कि जब जुलूस का मार्ग और ताजिये की ऊँचाई पहले से ज्ञात थी, तो बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से क्यों नहीं रोकी गई। परिजनों के आरोप बताते हैं कि माँग की गई थी, पर अनसुनी रही — यह प्रशासनिक विफलता है, महज़ दुर्भाग्य नहीं। जब तक धार्मिक जुलूसों के लिए बिजली विभाग-पुलिस-प्रशासन का अनिवार्य समन्वय प्रोटोकॉल नहीं बनता, ऐसी मौतें रुकने वाली नहीं हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एटा में मोहर्रम जुलूस के दौरान क्या हुआ?
26 जून 2026 को एटा के अलीगंज इलाके में मोहर्रम जुलूस के दौरान लगभग 21 फीट ऊँचा ताजिया 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। करंट की चपेट में आने से युवक शेख की मौत हो गई और 7 अन्य लोग घायल हो गए।
हादसे में मृतक और घायलों की स्थिति क्या है?
मृतक की पहचान शेख के रूप में हुई है। 7 घायलों को अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है।
परिजनों ने किस पर लापरवाही का आरोप लगाया है?
मृतक के चाचा इरफान खान और रिश्तेदार आरिफ खान ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके अनुसार जुलूस के दौरान कोई बिजली कर्मचारी मौके पर नहीं था और बिजली आपूर्ति रोकने की माँग के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ताजिया बिजली लाइन से कैसे टकराया?
ताजिया की ऊँचाई लगभग 21 फीट थी और उसे लोग कंधों पर उठाकर चल रहे थे। कभी-कभी ताजिये को हाथों से और ऊँचा उठाया जाता है, जिससे वह ऊपर से गुज़र रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया।
इस तरह के हादसों को कैसे रोका जा सकता है?
परिजनों के अनुसार, जुलूस के मार्ग पर अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति बंद करने और बिजली विभाग के कर्मचारियों की तैनाती से ऐसे हादसे टाले जा सकते हैं। यह ज़िम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग के बीच समन्वय से पूरी होती है।
राष्ट्र प्रेस
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