गांधीनगर: दिवाली 'किस्त' के नाम पर ₹22,000 रिश्वत लेते पशु निरीक्षक एसीबी के जाल में गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर नगर निगम में आउटसोर्सिंग के ज़रिये तैनात 22 वर्षीय पशु निरीक्षक जयदीपसिंह राजपूत को भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने 30 अक्टूबर 2026 को एक पशुपालक व्यवसायी से ₹22,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी ने यह राशि दिवाली त्योहार की 'किस्त' के रूप में माँगी थी — मवेशियों को न पकड़ने और पशुपालक के खिलाफ मामला दर्ज न करने के एवज़ में।
मुख्य घटनाक्रम
जयदीपसिंह राजपूत गांधीनगर नगर निगम के पशु उपद्रव नियंत्रण विभाग (सीएनसीडी) में पशुधन निरीक्षक (श्रेणी तृतीय) के पद पर एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियुक्त था। एसीबी के अनुसार, उसने शुरुआत में शिकायतकर्ता पशुपालक व्यवसायी से कथित तौर पर ₹40,000 की मांग रखी — यह राशि उसके मवेशियों को न पकड़ने और उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई न करने के बदले में माँगी गई थी। बातचीत के बाद यह माँग घटाकर ₹22,000 कर दी गई।
पशुपालक ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए गांधीनगर एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाने की योजना बनाई।
जाल और गिरफ्तारी
यह जाल 30 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर के सेक्टर 28 में एक बगीचे के पीछे सड़क के निकट बिछाया गया। एसीबी के अनुसार, राजपूत ने शिकायतकर्ता से मुलाकात की और ₹22,000 स्वीकार किए। इसी दौरान एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया और पूरी रकम बरामद कर ली। गांधीनगर एसीबी पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर एम. एम. सोलंकी ने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया।
पूर्व घटना — पैटर्न की पुनरावृत्ति
गौरतलब है कि यह गांधीनगर नगर निगम की पशु-पकड़ने वाली टीम से जुड़ा कोई पहला मामला नहीं है। अगस्त 2022 में एसीबी ने इसी विभाग के दो आउटसोर्स कर्मचारियों — मनोज उर्फ बबलू शनाजी ठाकोर और बंटी जयंतीभाई वाघेला — को एक पशुपालक से कथित तौर पर ₹15,000 रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। वह राशि पाँच व्यक्तियों के बीच ₹5,000 प्रति व्यक्ति के हिसाब से बाँटी जानी थी। एसीबी ने उन दोनों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
यह ऐसे समय में आया है जब आउटसोर्स कर्मचारियों पर निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। दोनों मामलों में आरोपी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के ज़रिये नियुक्त थे, जो नियंत्रण की कमज़ोरी को उजागर करता है।
कानूनी स्थिति और आगे की कार्रवाई
एसीबी ने वर्तमान मामले में जयदीपसिंह राजपूत के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार जाँच जारी है और मामले में आगे की कार्यवाही की जाएगी। आउटसोर्सिंग एजेंसी की भूमिका की समीक्षा भी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है।