29 अक्टूबर 2026
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गुजरात ACB का बड़ा एक्शन: आणंद में ₹2 लाख रिश्वत लेते पकड़ाया आरोपी, कार से ₹49 लाख नकद बरामद

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गुजरात ACB का बड़ा एक्शन: आणंद में ₹2 लाख रिश्वत लेते पकड़ाया आरोपी, कार से ₹49 लाख नकद बरामद

सारांश

गुजरात के आणंद में एसीबी ने फ्रीज बैंक खाते को अनफ्रीज कराने और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर ₹2 लाख रिश्वत लेते दिलीपभाई पटेल को दबोचा। कार की तलाशी में मिले ₹49 लाख संदिग्ध नकद ने मामले को और बड़ा बना दिया है। एसओजी सब-इंस्पेक्टर राठौड़ की तलाश जारी।

मुख्य बातें

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 29 अक्टूबर 2026 को गुजरात के आणंद में ₹2 लाख की रिश्वत लेते दिलीपभाई उर्फ दीपुभाई पटेल को गिरफ्तार किया।
रिश्वत फ्रीज बैंक खाते को अनफ्रीज कराने और शिकायतकर्ता को गिरफ्तारी से बचाने के एवज में मांगी गई थी।
कार की तलाशी में गवाहों की मौजूदगी में ₹49 लाख नकद बरामद, एसीबी ने इसे संदिग्ध बताया।
मामले का दूसरा आरोपी, एसओजी पुलिस सब-इंस्पेक्टर वी.
राठौड़ , ट्रैप के समय मौके पर नहीं था — तलाश जारी।
कार्रवाई अहमदाबाद एसीबी फील्ड-1 यूनिट के पुलिस निरीक्षक डी.
पटेल के नेतृत्व में की गई।

गुजरात के आणंद जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 29 अक्टूबर 2026 को एक व्यक्ति को कथित तौर पर ₹2 लाख की रिश्वत स्वीकार करते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान आरोपी की मारुति सुजुकी सियाज कार की तलाशी में गवाहों की मौजूदगी में ₹49 लाख नकद बरामद हुए, जिसे एसीबी ने संदिग्ध करार दिया है।

कौन है गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिलीपभाई उर्फ दीपुभाई पटेल के रूप में हुई है। एसीबी के अनुसार, दिलीपभाई पर आरोप है कि वह आणंद की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) से जुड़े एक जांच मामले में शिकायतकर्ता से रिश्वत वसूल रहा था।

मामले का दूसरा आरोपी वी. एन. राठौड़, जो एसओजी में पुलिस सब-इंस्पेक्टर हैं, ट्रैप के दौरान घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। एसीबी के प्रारंभिक जांच में दोनों के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए हैं।

रिश्वत की मांग की वजह

एसीबी के अनुसार, दोनों आरोपियों ने शिकायतकर्ता से ₹2 लाख की रिश्वत मांगी थी। यह रकम दो उद्देश्यों के लिए मांगी गई थी — पहला, आणंद टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान फ्रीज किए गए बैंक खाते को दोबारा चालू (अनफ्रीज) कराना; और दूसरा, शिकायतकर्ता को उक्त मामले में गिरफ्तार न करने का आश्वासन देना।

रिश्वत देने के बजाय शिकायतकर्ता ने सतर्कता दिखाते हुए एसीबी से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद ब्यूरो ने 29 अक्टूबर को ट्रैप की योजना बनाई।

ट्रैप ऑपरेशन का घटनाक्रम

यह पूरी ट्रैप कार्रवाई आणंद स्थित एसओजी कार्यालय के बाहर की गई। रिश्वत का लेन-देन आरोपी दिलीपभाई पटेल की मारुति सुजुकी सियाज कार के भीतर हुआ, जहाँ उसे पूरी ₹2 लाख की रकम स्वीकार करते हुए पकड़ा गया।

यह कार्रवाई अहमदाबाद एसीबी की फील्ड-1 यूनिट के पुलिस निरीक्षक डी. एन. पटेल के नेतृत्व में की गई। एसीबी टीम ने रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली।

₹49 लाख नकद — जांच जारी

कार की विस्तृत तलाशी के दौरान गवाहों की उपस्थिति में एसीबी को ₹49 लाख नकद मिले। एजेंसी ने इस राशि को 'संदिग्ध' बताते हुए जांच शुरू कर दी है।

एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी नकद राशि का स्रोत क्या है और इसका उपयोग किस प्रयोजन के लिए किया जाना था। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियानों की संख्या में उल्लेखनीय इज़ाफा देखा गया है।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी दिलीपभाई पटेल के खिलाफ रिश्वतखोरी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फरार आरोपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर वी. एन. राठौड़ की तलाश जारी है और एसीबी उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। ₹49 लाख की नकद राशि के स्रोत की जांच से मामले के और पहलू सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पुलिसिया जांच तंत्र के भीतर संरचनात्मक कमज़ोरियों की ओर इशारा करता है। कार में मिले ₹49 लाख का स्रोत अभी अज्ञात है, और यह आँकड़ा बताता है कि मामला केवल एक रिश्वत तक सीमित नहीं हो सकता। दूसरे आरोपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर राठौड़ का अभी तक फरार रहना जांच की व्यापकता पर सवाल उठाता है। एसीबी के लिए असली चुनौती अब ₹49 लाख की मनी ट्रेल को उजागर करने की है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात के आणंद में एसीबी ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
एसीबी ने 29 अक्टूबर 2026 को दिलीपभाई उर्फ दीपुभाई पटेल को गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता का फ्रीज बैंक खाता अनफ्रीज कराने और उसे गिरफ्तारी से बचाने के बदले ₹2 लाख की रिश्वत ली।
कार से बरामद ₹49 लाख नकद किसके हैं?
एसीबी ने इस राशि को 'संदिग्ध' करार दिया है और इसके स्रोत की जांच जारी है। यह रकम आरोपी दिलीपभाई पटेल की मारुति सुजुकी सियाज कार की तलाशी में गवाहों की मौजूदगी में मिली।
मामले में दूसरा आरोपी कौन है और वह कहाँ है?
वी. एन. राठौड़ , आणंद एसओजी में पुलिस सब-इंस्पेक्टर , इस मामले में दूसरे आरोपी हैं। ट्रैप के दौरान वे मौके पर मौजूद नहीं थे और फिलहाल फरार हैं; एसीबी उनकी तलाश कर रही है।
यह ट्रैप ऑपरेशन कैसे हुआ?
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अहमदाबाद एसीबी फील्ड-1 यूनिट के पुलिस निरीक्षक डी. एन. पटेल के नेतृत्व में आणंद एसओजी कार्यालय के बाहर ट्रैप बिछाया गया, जहाँ दिलीपभाई को रंगे हाथों पकड़ा गया।
रिश्वत किस मामले से जुड़ी थी?
रिश्वत आणंद टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान फ्रीज किए गए बैंक खाते को दोबारा चालू कराने और उस मामले में शिकायतकर्ता को गिरफ्तार न करने के आश्वासन के बदले मांगी गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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