19 अगस्त 2026
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भरूच में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: खाद्य एवं औषधि विभाग के दो अधिकारी ₹40,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार

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भरूच में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: खाद्य एवं औषधि विभाग के दो अधिकारी ₹40,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार

सारांश

गुजरात के भरूच में एसीबी ने खाद्य एवं औषधि विभाग के एक क्लास-1 और एक क्लास-2 अधिकारी को थोक दवा लाइसेंस जारी करने के बदले ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर एसीबी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जाल बिछाकर दोनों को गिरफ्तार किया गया।

मुख्य बातें

गुजरात के भरूच में एसीबी ने 18 अगस्त 2026 को खाद्य एवं औषधि विभाग के दो अधिकारियों को ₹40,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अधिकारी हैं — प्रकाशभाई पोसनानी (सहायक आयुक्त, क्लास-1) और सुरभिबेन देसाई (ड्रग इंस्पेक्टर एवं सहायक आयुक्त, क्लास-2)।
आरोप है कि थोक दवा लाइसेंस जारी करने के बदले ₹40,000 से ₹50,000 की रिश्वत माँगी गई थी।
शिकायतकर्ता ने नर्मदा एसीबी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद ट्रैप कार्रवाई की गई।
पूरी रिश्वत राशि बरामद; दोनों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

गुजरात के भरूच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 18 अगस्त 2026 को खाद्य एवं औषधि विभाग के दो अधिकारियों को ₹40,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोप है कि दोनों अधिकारी थोक दवा लाइसेंस (होलसेल ड्रग लाइसेंस) जारी कराने की प्रक्रिया में रिश्वत की माँग कर रहे थे।

गिरफ्तार अधिकारी कौन हैं

एसीबी ने जिन दो अधिकारियों को हिरासत में लिया, उनकी पहचान प्रकाशभाई पोसनानी (54) और सुरभिबेन देसाई (29) के रूप में हुई है। प्रकाशभाई पोसनानी भरूच कार्यालय में खाद्य एवं औषधि विभाग के सहायक आयुक्त (क्लास-1) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि सुरभिबेन देसाई विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर एवं सहायक आयुक्त (क्लास-2) के पद पर तैनात हैं।

मुख्य घटनाक्रम

जाँच के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने दवाओं का नया थोक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान सुरभिबेन देसाई ने शिकायतकर्ता को बताया कि लाइसेंस जारी करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी को ₹40,000 से ₹50,000 देने होंगे।

रिश्वत देने के बजाय शिकायतकर्ता ने नर्मदा एसीबी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर एसीबी ने 18 अगस्त को भरूच स्थित खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन कार्यालय में जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान दोनों अधिकारियों ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से ₹40,000 स्वीकार किए, जिसके बाद एसीबी टीम ने तत्काल दोनों को गिरफ्तार कर पूरी रकम बरामद कर ली।

एसीबी की टीम और नेतृत्व

यह ट्रैप कार्रवाई नर्मदा एसीबी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक डीडी वसावा और निगरानी एसीबी वडोदरा इकाई के प्रभारी सहायक निदेशक बीएम पटेल ने अंजाम दी। पूरी कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी वडोदरा के उपनिदेशक बलदेव देसाई ने किया।

एसीबी का पक्ष

एसीबी ने कहा है कि दोनों आरोपी अधिकारियों ने लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत लेकर आपराधिक कदाचार किया। दोनों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में दवा लाइसेंसिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि थोक दवा लाइसेंस छोटे व्यापारियों और फार्मासिस्टों के लिए एक अनिवार्य दस्तावेज़ है, और ऐसे मामले प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों की ओर इशारा करते हैं। आगे की जाँच में यह स्पष्ट हो सकता है कि इस तरह की माँगें कितने अन्य आवेदकों के साथ की गई थीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रणालीगत है। थोक दवा लाइसेंसिंग जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना केवल गिरफ्तारी से नहीं, बल्कि डिजिटल और ऑडिट-ट्रेल आधारित सुधारों से होगा।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरूच एसीबी कार्रवाई में किसे गिरफ्तार किया गया?
एसीबी ने भरूच के खाद्य एवं औषधि विभाग के सहायक आयुक्त (क्लास-1) प्रकाशभाई पोसनानी और ड्रग इंस्पेक्टर एवं सहायक आयुक्त (क्लास-2) सुरभिबेन देसाई को गिरफ्तार किया। दोनों को 18 अगस्त 2026 को भरूच कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया।
रिश्वत किस काम के लिए माँगी गई थी?
आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने थोक दवा लाइसेंस (होलसेल ड्रग लाइसेंस) जारी करने के बदले शिकायतकर्ता से ₹40,000 से ₹50,000 की रिश्वत माँगी थी। रिश्वत न देने पर लाइसेंस प्रक्रिया रोकने की कथित धमकी दी गई।
एसीबी ने यह कार्रवाई कैसे की?
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय नर्मदा एसीबी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर एसीबी ने 18 अगस्त को भरूच के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन कार्यालय में जाल बिछाया और दोनों अधिकारियों को ₹40,000 स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व किसने किया?
ट्रैप कार्रवाई नर्मदा एसीबी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक डीडी वसावा और निगरानी एसीबी वडोदरा इकाई के प्रभारी सहायक निदेशक बीएम पटेल ने की। पूरी कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी वडोदरा के उपनिदेशक बलदेव देसाई ने किया।
अब दोनों अधिकारियों के खिलाफ क्या होगा?
एसीबी ने बताया कि दोनों आरोपी अधिकारियों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। गिरफ्तारी के साथ ही रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है और उन पर लोक सेवक के रूप में पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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