IIT दिल्ली ओपन हाउस 2026: DRDO वैज्ञानिक डॉ. बिनय दास बोले — तकनीक, डिज़ाइन और बौद्धिक संपदा ही भविष्य के हथियार
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक डॉ. बिनय कुमार दास ने 31 अक्टूबर 2026 को IIT दिल्ली के 19वें ओपन हाउस में कहा कि युद्ध का परंपरागत स्वरूप तेज़ी से बदल रहा है और आने वाले समय में तकनीक, बौद्धिक संपदा और डिज़ाइन ही किसी देश की असली ताकत और असली हथियार होंगे। उन्होंने भारत की 65 प्रतिशत युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी संपत्ति बताते हुए कहा कि यही युवा शक्ति नए भारत की नींव रखेगी।
मुख्य घटनाक्रम
IIT दिल्ली का यह ओपन हाउस 2026 संस्थान का प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें इस बार हज़ारों छात्र, अभिभावक और शोधार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में DRDO, शिक्षा जगत और उद्योग के प्रतिनिधियों ने एक साझा मंच से भारत के तकनीकी भविष्य पर विचार साझा किए।
डॉ. दास ने संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रंजन और आयोजन से जुड़े संकाय सदस्यों व विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में राष्ट्रवाद, देशभक्ति और ज्ञान की भावना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
युद्ध का बदलता स्वरूप और तकनीकी हथियार
डॉ. दास ने कहा, 'युद्ध के बदलते परिदृश्य में टैंकों, बमों और मिसाइलों से भी ज़्यादा, तकनीक ही हथियार बनने वाली है, बौद्धिक संपदा ही हथियार बनने वाली है और डिज़ाइन ही हथियार बनने वाला है। जिनके पास ये सब है, वही दुनिया के अग्रणी हैं।'
उन्होंने यह भी कहा कि एक महान भारत केवल अलग-अलग प्रणालियाँ विकसित करने से नहीं बनेगा, बल्कि यह तब संभव होगा जब शिक्षा जगत, उद्योग, DRDO, ISRO जैसे अनुसंधान संगठन और स्टार्टअप व नवाचार केंद्र सब मिलकर समन्वय के साथ काम करें।
युवा शक्ति और वैश्विक नवाचार सूचकांक
डॉ. दास ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है — 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। उन्होंने विश्वास जताया कि एक दिन भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक में सर्वोच्च स्थान पर होगा, और इसका श्रेय देश के संस्थानों, प्रोफेसरों और विद्यार्थियों को जाएगा।
उन्होंने युवाओं को एक मंत्र दिया — 'भारत पर विश्वास करो, भारत में रहो और भारत से प्रेम करो।'
IIT दिल्ली की जिम्मेदारी और 'Research Ambit' पोर्टल
DRDO के इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार प्रणाली (ECS) के महानिदेशक तथा IIT दिल्ली के अनुसंधान एवं विकास विभाग के डीन प्रोफेसर अश्विनी अग्रवाल ने कहा कि IIT दिल्ली देश के अग्रणी संस्थानों में से एक है और समाज व देश के लिए तकनीक विकसित करना उसकी बड़ी ज़िम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि संस्थान ने हाल ही में 'Research Ambit' नाम की एक नई वेबसाइट लॉन्च की है, जिस पर सभी शोध कार्यक्रमों, शोधपत्रों और प्रकाशनों की जानकारी उपलब्ध है। प्रोफेसर अग्रवाल ने सभी को IIT दिल्ली से जुड़ने और संस्थान की गतिविधियों को जानने के लिए आमंत्रित किया।
आगे की राह
इस ओपन हाउस जैसे आयोजन ऐसे समय में हो रहे हैं जब भारत 'आत्मनिर्भर भारत' और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। शिक्षा जगत, रक्षा अनुसंधान और उद्योग के बीच ऐसे संवाद और सहयोग को विशेषज्ञ भारत की दीर्घकालिक तकनीकी सक्षमता के लिए अनिवार्य मानते हैं।