31 अक्टूबर 2026
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भारत अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द होगा पूरा: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

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भारत अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द होगा पूरा: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

सारांश

भारत अमेरिका व्यापार समझौता 'अंतिम चरण' में अटका है — पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का कहना है यह EU डील जैसी 20 साल की प्रतीक्षा नहीं होगी। अटलांटा में क्वाड बैठक, F 35 अभ्यास और जी 20 से पहले बड़ी घोषणाओं की तैयारी — भारत अमेरिका संबंध एक साथ कई मोर्चों पर आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्य बातें

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 31 अक्टूबर 2026 को अटलांटा में कहा कि भारत अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है।
भारत EU व्यापार समझौते में 20 साल लगे; भारत अमेरिका वार्ता एक साल से कुछ अधिक समय से जारी है।
क्वाड विदेश मंत्रियों की यह बैठक इस साल की तीसरी है और चारों देशों के नेताओं के शिखर सम्मेलन का रास्ता तैयार कर सकती है।
'तरंग शक्ति' हवाई अभ्यास में पहली बार F 35 लड़ाकू विमान शामिल हुए; 'युद्ध अभ्यास' में 500 अमेरिकी सैनिक तैनात।
अगले महीने एक और बड़े सैन्य अभ्यास का संकेत; जी 20 से पहले महत्त्वपूर्ण घोषणाओं की तैयारी।
जयशंकर क्वाड बैठक के बाद जी 20 विदेश मंत्रियों की बैठक के समापन सत्र में शामिल होंगे।

भारत अमेरिका व्यापार समझौता लंबे समय से अपने अंतिम चरण में है और दोनों देश इसे शीघ्र पूरा करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को अटलांटा में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक से पूर्व पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि यह समझौता न केवल व्यापार, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक ढाँचे का भी हिस्सा है।

समझौते की मौजूदा स्थिति

गोर ने कहा, "व्यापार समझौता लंबे समय से अंतिम चरण में है और हमें उम्मीद है कि हम इसे अंतिम रूप देने में सफल होंगे।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में करीब 20 साल लगे थे, जबकि भारत अमेरिका समझौते पर बातचीत एक साल से कुछ अधिक समय से जारी है। उन्होंने कहा, "इस मामले को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें... हमारे पास पर्याप्त समय है। हम इसे पूरा करेंगे।" गौरतलब है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव और टैरिफ विवादों की पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण है।

क्वाड बैठक और शिखर सम्मेलन की राह

अटलांटा में आयोजित इस क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की मेज़बानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कर रहे हैं, जिसमें भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी शामिल हो रहे हैं। यह इस साल मंत्री स्तर पर क्वाड की तीसरी बैठक है — पहली नई दिल्ली में, दूसरी मनीला में और अब तीसरी अटलांटा में। गोर ने बताया कि यह बैठक अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं के शिखर सम्मेलन का रास्ता तैयार कर सकती है।

भारत अमेरिका सैन्य सहयोग नई ऊँचाइयों पर

राजदूत गोर ने भारत अमेरिका संबंधों को 'शानदार' करार देते हुए कहा कि दोनों देश फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सैन्य सहयोग समेत कई क्षेत्रों में पहले से कहीं अधिक मज़बूती से साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि भारत, अमेरिका के साथ किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक सैन्य अभ्यास करता है। हाल ही में संपन्न 'तरंग शक्ति' हवाई अभ्यास में पहली बार F 35 लड़ाकू विमान शामिल हुए, जबकि 'युद्ध अभ्यास' में 500 अमेरिकी सैनिक तैनात किए गए थे।

आने वाले समय में और सैन्य अभ्यास का संकेत

गोर ने संकेत दिया कि अगले महीने दोनों देशों के बीच एक और 'बेहद दिलचस्प' सैन्य अभ्यास होने वाला है, हालाँकि उन्होंने इसके बारे में विस्तृत जानकारी देने से परहेज़ किया। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पिछले छह महीनों में दो बार भारत का दौरा कर चुके हैं और उम्मीद जताई कि वे अगले साल फिर भारत आएँगे।

जी 20 से पहले महत्त्वपूर्ण घोषणाओं की तैयारी

गोर के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य फोकस वाणिज्यिक कूटनीति और ऊर्जा क्षेत्र पर है। उन्होंने बताया कि जी 20 बैठक से पहले दोनों देश कुछ महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों और घोषणाओं को लेकर उम्मीद कर रहे हैं और इस दिशा में पर्दे के पीछे तेज़ी से काम हो रहा है। क्वाड बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर जी 20 विदेश मंत्रियों की बैठक के समापन सत्र में भी शामिल होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अमेरिका के बीच व्यापार और रणनीतिक साझेदारी दोनों मोर्चों पर एक साथ प्रगति दिख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार समयसीमा टलती रही है। EU की तुलना देकर 'एक साल में डील' को सफलता के रूप में पेश करना कूटनीतिक चतुराई है, लेकिन यह असली सवाल से ध्यान हटाता है: टैरिफ, बौद्धिक संपदा और डेटा स्थानीयकरण जैसे मुद्दों पर वास्तविक प्रगति कहाँ है? सैन्य अभ्यास और रुबियो की यात्राएँ संबंधों की गहराई दर्शाती हैं, लेकिन व्यापार असंतुलन और अमेरिकी टैरिफ दबाव का हल बिना ठोस समझौते के नहीं निकलेगा। जी 20 से पहले 'पर्दे के पीछे काम' की बात उत्साहजनक है, पर जब तक समझौते के पाठ का खुलासा न हो, यह राजनयिक आशावाद ही रहेगा।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत अमेरिका व्यापार समझौता कब तक पूरा होगा?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, समझौता 'अंतिम चरण' में है और दोनों देश इसे जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालाँकि, उन्होंने कोई निश्चित तारीख नहीं दी और कहा कि भारत EU डील में 20 साल लगे थे, इसलिए धैर्य रखना होगा।
क्वाड विदेश मंत्रियों की अटलांटा बैठक में कौन शामिल हैं?
इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर, और जापान व ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हैं। यह इस साल की तीसरी क्वाड विदेश मंत्री बैठक है।
तरंग शक्ति हवाई अभ्यास क्यों महत्त्वपूर्ण है?
तरंग शक्ति अभ्यास में पहली बार अमेरिकी F 35 लड़ाकू विमान शामिल हुए, जो भारत अमेरिका सैन्य सहयोग की बढ़ती गहराई को दर्शाता है। राजदूत गोर के अनुसार, भारत अमेरिका के साथ किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक सैन्य अभ्यास करता है।
क्वाड बैठक से नेताओं के शिखर सम्मेलन का रास्ता कैसे खुलेगा?
अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा कि अटलांटा में मंत्री स्तरीय बैठक चारों देशों — अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया — के नेताओं के शिखर सम्मेलन को अंतिम रूप देने और उसकी घोषणा करने का रास्ता साफ कर सकती है।
जी 20 से पहले भारत अमेरिका किन घोषणाओं की तैयारी कर रहे हैं?
राजदूत गोर के अनुसार, दोनों देश जी 20 बैठक से पहले वाणिज्यिक कूटनीति और ऊर्जा क्षेत्र में कुछ महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों और घोषणाओं पर पर्दे के पीछे तेज़ी से काम कर रहे हैं। हालाँकि, विशिष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए।
राष्ट्र प्रेस
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