भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, राजदूत सर्जियो गोर बोले — 'कुछ हफ्तों या महीनों में होगा पूरा'
सारांश
मुख्य बातें
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने 27 जून 2026 को वाशिंगटन में एक विशेष इंटरव्यू में कहा कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता अपने अंतिम चरण में है और दोनों पक्ष अब केवल कानूनी भाषा को अंतिम रूप देने पर केंद्रित हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि यह समझौता आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में संपन्न हो जाएगा।
बातचीत की मौजूदा स्थिति
राजदूत गोर ने बताया कि वे करीब 48 घंटे पहले नई दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जैमीसन ग्रीर के साथ उन बैठकों में शामिल थे जहाँ वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा, "यह वार्ता बेहद सार्थक रही। हालांकि, कुछ मुद्दों पर अभी भी सहमति बनना बाकी है। अब बहुत कुछ उस अंतिम मसौदे की भाषा पर निर्भर करेगा, जिस पर दोनों पक्ष हस्ताक्षर करेंगे। हमें पूरा विश्वास है कि अगले कुछ हफ्तों या महीनों में इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।"
गोर ने इस बात पर जोर दिया कि प्रस्तावित समझौते पर केवल लगभग 18 महीने से चर्चा चल रही है, जो कि वैश्विक व्यापार वार्ताओं के मानकों के हिसाब से उल्लेखनीय रूप से तेज गति है।
यूरोपीय संघ से तुलना
बातचीत की गति को संदर्भ में रखते हुए गोर ने कहा, "देखिए, इसे सही नजरिए से देखें तो हम इस समझौते पर डेढ़ साल से काम कर रहे हैं। यूरोपीय संघ समझौता, जो अभी भी पूरा नहीं हुआ है, उसे 20 साल हो गए हैं। हम इसे पूरा करने की दिशा में एक शानदार रास्ते पर हैं।" उन्होंने समझौते की विषयवस्तु पर विस्तार से बोलने से इनकार किया, लेकिन कहा कि दोनों सरकारें ऐसे नतीजे की ओर काम कर रही हैं जिससे दोनों पक्षों को फायदा हो।
गौरतलब है कि यह समझौता मार्केट एक्सेस बढ़ाने, टैरिफ बाधाएँ घटाने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से पहले चरण के रूप में तैयार किया जा रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा की संभावना
राजदूत गोर ने यह भी खुलासा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत आने को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने बताया, "मैं उनके साथ ओवल ऑफिस में कई घंटे रहा। राष्ट्रपति ने जो बातें पूछी, उनमें से एक यह थी — 'तो मैं कब आ रहा हूं?' वह आने के लिए बहुत उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आमंत्रित किया है।" हालांकि, गोर ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देते हुए कोई पक्की तारीख देने से परहेज किया।
उन्होंने कहा, "अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं, इसलिए राष्ट्रपति का शेड्यूल बहुत व्यस्त है। लेकिन इसके बावजूद, भारत उन जगहों की सूची में सबसे ऊपर है जहाँ वे जल्द ही जाएंगे।"
मोदी-ट्रंप व्यक्तिगत संबंध: समझौते की नींव
गोर ने रेखांकित किया कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच वर्षों पुराना व्यक्तिगत संबंध भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूत आधारशिला बना हुआ है — यहाँ तक कि तनाव की अटकलों के बावजूद भी। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बहुत अच्छे मित्र हैं और यह बात सालों पुरानी है और आगे भी जारी रहेगी।" फ्रांस में हाल ही में हुई दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद यह बयान और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
व्यापार साझेदारी का व्यापक ढाँचा
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, शिक्षा और हिंद-प्रशांत सहयोग जैसे कई स्तंभों पर एक साथ विस्तार ले रही है। व्यापार इन सभी में सबसे तेजी से उभरता क्षेत्र बन रहा है। दोनों देश एक बड़े व्यापार ढाँचे की ओर बढ़ने से पहले इस प्रारंभिक समझौते को आधार बनाना चाहते हैं। आने वाले हफ्ते यह तय करेंगे कि 18 महीने की यह कूटनीतिक मेहनत ठोस नतीजे में बदलती है या नहीं।